Google की AI चाल से मचा बवाल! दुनिया के बड़े पब्लिशर्स ने उठाया ऐसा कदम, बदल सकता है पूरा इंटरनेट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इंटरनेट पर जानकारी खोजने का तरीका तेजी से बदल दिया है। Google के AI आधारित सर्च फीचर AI Overviews के आने के बाद यूजर्स को कई सवालों के जवाब सीधे सर्च पेज पर ही मिलने लगे हैं। लेकिन अब यही फीचर दुनिया के कई बड़े समाचार संस्थानों और डिजिटल पब्लिशर्स के लिए चिंता का कारण बन गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक Reddit, Reuters, USA Today, Politico, The Economist सहित कई प्रमुख प्रकाशक Google की AI रणनीति को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि AI द्वारा तैयार किए गए संक्षिप्त उत्तरों के कारण वेबसाइटों पर आने वाला ट्रैफिक तेजी से घट रहा है, जिससे उनके विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन आधारित कारोबार पर असर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
Google ने पिछले कुछ समय में अपने सर्च इंजन में AI Overviews फीचर जोड़ा है। जब कोई यूजर किसी विषय को सर्च करता है, तो कई मामलों में उसे वेबसाइट खोलने की बजाय सीधे AI द्वारा तैयार किया गया सारांश दिखाई देता है।
इसका उद्देश्य यूजर्स को जल्दी जानकारी उपलब्ध कराना है, लेकिन कई मीडिया कंपनियों का कहना है कि इससे लोग उनकी वेबसाइट तक पहुंच ही नहीं रहे हैं।
पब्लिशर्स क्यों हैं नाराज?
डिजिटल पब्लिशर्स का कहना है कि वे वर्षों से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री तैयार कर रहे हैं, लेकिन अब AI उसी सामग्री का सारांश दिखा देता है और यूजर्स को वेबसाइट पर जाने की जरूरत कम पड़ती है।
रिपोर्ट के अनुसार कुछ मीडिया संस्थानों में Google Search से आने वाले ट्रैफिक में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यही वजह है कि कई कंपनियां Google को अपनी सामग्री AI के लिए उपलब्ध कराने की नीति पर दोबारा विचार कर रही हैं।
Google को कंटेंट ब्लॉक करने पर विचार
रिपोर्टों के अनुसार कुछ प्रमुख पब्लिशर्स Google के AI सिस्टम को अपनी सामग्री तक पहुंच सीमित करने या पूरी तरह रोकने की संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं।
यदि ऐसा होता है, तो इंटरनेट पर कंटेंट और AI के बीच संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि अभी तक किसी बड़े प्रकाशक ने अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
Google ने क्या कहा?
Google का कहना है कि उसके AI फीचर्स का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देना है और Search अब भी वेबसाइटों को महत्वपूर्ण ट्रैफिक भेजता है।
कंपनी का यह भी कहना है कि वेबसाइट मालिकों के पास ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनके जरिए वे तय कर सकते हैं कि उनका कंटेंट AI मॉडल किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं।
AI के दौर में बदल रहा है इंटरनेट
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित सर्च आने वाले वर्षों में इंटरनेट के स्वरूप को पूरी तरह बदल सकता है। एक ओर यूजर्स को तेजी से जवाब मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कंटेंट बनाने वाले प्रकाशकों के सामने नए आर्थिक और कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI कंपनियों और कंटेंट प्रकाशकों के बीच नए लाइसेंसिंग मॉडल, राजस्व साझेदारी और डेटा उपयोग को लेकर नए समझौते देखने को मिल सकते हैं।
Google के AI Overviews ने इंटरनेट पर जानकारी खोजने का तरीका आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही डिजिटल पब्लिशिंग इंडस्ट्री में नई बहस भी शुरू हो गई है। यदि बड़े पब्लिशर्स वास्तव में Google के AI सिस्टम की पहुंच सीमित करने का फैसला करते हैं, तो इसका असर केवल मीडिया कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि पूरी इंटरनेट इकोसिस्टम पर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में यह विवाद टेक इंडस्ट्री के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बन सकता है।

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