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कक्षा में बंद छोड़कर चले गए शिक्षक? रोते-बिलखते बच्चे का वीडियो बना चर्चा का विषय

 


बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी जूनियर हाईस्कूल की कथित लापरवाही के कारण चार वर्षीय छात्र छुट्टी के बाद स्कूल की कक्षा में ही बंद रह गया। जब बच्चा काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। स्कूल पहुंचने पर मासूम कक्षा के अंदर रोता हुआ मिला, जिसके बाद ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला।

घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

छुट्टी के बाद नहीं पहुंचा घर

जानकारी के अनुसार, कक्षा 1 में पढ़ने वाला करीब चार साल का छात्र रोज की तरह स्कूल गया था। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए, लेकिन कथित तौर पर शिक्षक और स्कूल स्टाफ ने यह जांचे बिना कि कोई बच्चा अंदर तो नहीं है, कक्षा का ताला लगा दिया और स्कूल से चले गए।

जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन करने के बाद परिजन स्कूल पहुंचे।

कक्षा के अंदर रोता मिला मासूम

स्कूल पहुंचने पर परिजनों को कक्षा के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। खिड़की से देखने पर मासूम कमरे के अंदर अकेला और घबराया हुआ दिखाई दिया।

यह दृश्य देखकर परिजन और आसपास मौजूद ग्रामीण हैरान रह गए। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर कमरे का ताला तोड़ा और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।

ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद गांव के लोगों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिजन समय पर स्कूल नहीं पहुंचते, तो बच्चे के साथ कोई गंभीर हादसा भी हो सकता था।

लोगों ने जिम्मेदार शिक्षकों और संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर स्कूल बंद करने से पहले सभी कक्षाओं की जांच की जाती है ताकि कोई बच्चा परिसर में न रह जाए। यदि वायरल दावों के अनुसार यह घटना हुई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जा सकती है।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय शिक्षा विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

अभिभावकों में बढ़ी चिंता

घटना के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है और ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

निष्कर्ष

बुलंदशहर में कथित तौर पर चार वर्षीय छात्र का छुट्टी के बाद स्कूल की कक्षा में बंद रह जाना बेहद गंभीर मामला है। समय रहते परिजनों और ग्रामीणों के पहुंचने से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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