Viral Video: ठाकुर, ब्राह्मण जिसको चाहेगा..."गर्दन मरोड़कर धरती पर बैठा देगा..." करणी सेना से जुड़े अभिनव सिंह के कथित बयान पर विवाद, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली/बाराबंकी: सोशल मीडिया पर करणी सेना से जुड़े रहे अभिनव सिंह का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर सवर्ण समाज, विशेषकर ठाकुर और ब्राह्मण समुदाय की ताकत को लेकर विवादित टिप्पणी करते सुनाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह दावा भी किया जा रहा है कि बाद में करणी सेना ने अभिनव सिंह को संगठन से बाहर कर दिया।
क्या है वायरल बयान?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अभिनव सिंह से जोड़ा जा रहा कथित बयान इस प्रकार है—
"सवर्ण जिसको नहीं चाहेगा, गद्दी की बात छोड़ दीजिए, घर से बाहर नहीं निकल पाओगे। ठाकुर, ब्राह्मण आज भी इतना सशक्त है कि जिसकी चाहेगा, जहां पर चाहेगा, गर्दन मरोड़कर धरती पर बैठा देगा।
"
इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे आपत्तिजनक और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बता रहे हैं, जबकि कुछ समर्थक वीडियो के संदर्भ की बात कर रहे हैं।
वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
फिलहाल इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, किस कार्यक्रम का है और पूरा संदर्भ क्या था। इसलिए वीडियो में कही गई बातों को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
संगठन से बाहर किए जाने के दावे
वायरल बयान के बाद सोशल मीडिया और कई ऑनलाइन पोस्टों में दावा किया गया कि करणी सेना ने अभिनव सिंह को संगठन से बाहर कर दिया। संगठन से जुड़े कुछ कथित बयानों में कहा गया कि उनके व्यक्तिगत बयान संगठन की आधिकारिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हालांकि, इस संबंध में संगठन की ओर से व्यापक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक वर्ग ने बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताया, जबकि दूसरे वर्ग ने दावा किया कि वीडियो को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
कानून और संविधान का पक्ष
भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। जाति, धर्म, भाषा या समुदाय के आधार पर घृणा या हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयान परिस्थितियों के अनुसार कानूनी जांच के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी विवादित बयान के मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक अभिनव सिंह की ओर से इस वायरल क्लिप पर कोई नया आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं था। साथ ही, संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता और उसके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। ऐसे में इस मामले में किसी भी दावे को अंतिम सत्य मानने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना आवश्यक है।

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