रात में रची गई ऐसी साजिश, सुबह बेहोशी का ड्रामा... लेकिन पुलिस की एक पूछताछ ने खोल दिया पूरा राज!
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यहां एक घर में हुई कथित चोरी की घटना की जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ जिसने पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, जिस महिला ने खुद को चोरी का पीड़ित बताया था, उसी पर अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर घर से नकदी, गहने और मोबाइल चोरी करने की साजिश रचने का आरोप लगा है।
मामला गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर बाजार का है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला अज्ञात चोरों द्वारा की गई चोरी का लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की बारीकी से जांच और पूछताछ के बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने महिला और उसके कथित सहयोगी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुबह मचा हड़कंप, घर में चोरी की सूचना
जानकारी के अनुसार, सुबह स्थानीय लोगों को सूचना मिली कि एक घर में चोरी हो गई है। बताया गया कि अज्ञात बदमाश घर में घुसे, मारपीट की और सोने-चांदी के गहने, नकदी तथा मोबाइल लेकर फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था और माहौल ऐसा बनाया गया था जैसे किसी ने पूरे घर की तलाशी लेकर चोरी की हो।
महिला को भी बेहोशी की हालत में दिखाया गया, जिससे पहली नजर में मामला गंभीर लूट या चोरी का प्रतीत हो रहा था।
घटनास्थल देखकर पुलिस को हुआ शक
पुलिस अधिकारियों ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तो कई बातें संदिग्ध लगीं।
जांच के दौरान ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि कोई बाहरी व्यक्ति जबरन घर के अंदर दाखिल हुआ था। दरवाजों और अन्य स्थानों पर भी ऐसी स्थिति नहीं मिली जो जबरन प्रवेश की पुष्टि करती हो।
इसी आधार पर पुलिस ने घर के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुलने लगी साजिश की परतें
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला के बयान में कई विरोधाभास सामने आए।
सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने कथित रूप से पूरी घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि महिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने मौसी के बेटे विकास के साथ मिलकर यह पूरी योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने पहले से ही घर में रखे गहने, नकदी और अन्य सामान लेकर भागने की योजना बनाई थी।
चार दिन पहले बनाया गया था कथित प्लान
पुलिस जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने लगभग चार दिन पहले इस कथित योजना पर काम शुरू किया था।
आरोप है कि महिला और विकास पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इसी दौरान दोनों ने घर से नकदी और जेवर लेकर नया जीवन शुरू करने की योजना बनाई।
योजना के अनुसार, घटना वाली रात महिला ने कथित रूप से विकास को घर बुलाया।
इसके बाद दोनों ने घर में रखे संदूक और बक्से से सोने-चांदी के गहने, लगभग 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल निकाल लिया।
चोरी जैसा माहौल बनाने के लिए बिखेरा सामान
पुलिस के अनुसार, चोरी को वास्तविक दिखाने के लिए घर का सामान जानबूझकर इधर-उधर फैला दिया गया।
ताकि ऐसा लगे कि अज्ञात चोरों ने पूरे घर की तलाशी ली है।
इसके बाद महिला कथित रूप से बेहोश होने का नाटक करते हुए बिस्तर के नीचे जाकर लेट गई।
सुबह परिवार और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी गई और पुलिस को सूचना दी गई।
पति ने अज्ञात चोरों के खिलाफ दी थी तहरीर
घटना के बाद महिला के पति लवकुश ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
परिवार का कहना था कि रात में बदमाश घर में घुस आए और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामला पूरी तरह बदल गया।
बरामद हुए गहने और नकदी
पुलिस ने बताया कि महिला और विकास से पूछताछ के बाद विकास की निशानदेही पर उसके घर से चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया गया।
बरामद सामान में कथित रूप से—
सोने के आभूषण
चांदी के गहने
लगभग 50 हजार रुपये नकद
शामिल हैं।
पुलिस ने बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
सीओ सिटी योगेश्वर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला सामान्य चोरी का लग रहा था, लेकिन वैज्ञानिक जांच और पूछताछ के दौरान पूरी साजिश सामने आ गई।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जांच में तकनीकी साक्ष्यों की भी रही भूमिका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल की परिस्थितियों के अलावा पूछताछ, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य तकनीकी तथ्यों ने भी मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसी वजह से पुलिस जल्द ही इस निष्कर्ष पर पहुंच सकी कि मामला बाहरी चोरी का नहीं बल्कि कथित रूप से घर के अंदर रची गई साजिश का है।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
घटना के खुलासे के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि जिस घटना को पहले बाहरी चोरी माना जा रहा था, वह जांच में कथित रूप से परिवार के भीतर की साजिश निकली।
हालांकि, पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
कानूनी प्रक्रिया जारी
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही लिया जाता है।
फिलहाल गोंडा पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में महिला और उसके रिश्तेदार की कथित संलिप्तता सामने आई है तथा चोरी किए गए गहने और नकदी बरामद कर लिए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी।

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