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दुकान की छत से आ रही थीं अजीब आवाजें... सीलिंग खुलते ही सामने आया 8 फीट का विशाल अजगर, मच गई अफरा-तफरी

 


Meerut Python Rescue News: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यस्त बाजार स्थित कन्फेक्शनरी दुकान की छत के अंदर करीब 8 फीट लंबा अजगर छिपा मिला। अजगर को देखते ही दुकान में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू पूरा होने के बाद वन विभाग ने अजगर को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। इस पूरी घटना के दौरान बाजार में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

शिव चौक की दुकान में दिखा विशाल अजगर

जानकारी के अनुसार, यह घटना मेरठ के शिव चौक स्थित एक कन्फेक्शनरी दुकान में हुई। दुकान के कर्मचारियों को पहले छत की सीलिंग के अंदर से कुछ हलचल और अजीब आवाजें सुनाई दे रही थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद कोई बिल्ली, चूहा या अन्य छोटा जानवर छत के अंदर चला गया है।

लेकिन जब सीलिंग के एक हिस्से में हलचल तेज हुई और कर्मचारियों ने ध्यान से देखा तो उन्हें अंदर एक विशाल सांप जैसी आकृति दिखाई दी। कुछ देर बाद यह स्पष्ट हो गया कि छत के भीतर एक विशाल अजगर मौजूद है।

अजगर को देखते ही दुकान में मौजूद लोग घबरा गए और कई ग्राहक तुरंत दुकान से बाहर निकल आए।

दुकान में मच गई अफरा-तफरी

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास की दुकानों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग दुकान के बाहर जमा हो गए।

दुकान संचालक ने किसी तरह स्थिति को संभालते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से दुकान का कुछ हिस्सा खाली करा दिया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

हालांकि अजगर पूरी तरह छत की सीलिंग के अंदर था और बाहर नहीं निकला, लेकिन उसके आकार को देखकर लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।

वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले दुकान के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर किया और फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

चूंकि अजगर सीलिंग के भीतर कई हिस्सों में घूम रहा था, इसलिए उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। रेस्क्यू टीम को कई जगह सीलिंग खोलनी पड़ी ताकि उसकी सही स्थिति का पता लगाया जा सके।

अजगर बार-बार अपनी जगह बदल रहा था, जिससे अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

चार घंटे तक चला रेस्क्यू

वन विभाग के कर्मचारियों ने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। लगभग चार घंटे की लगातार मेहनत के बाद टीम ने आखिरकार अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।

रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो अजगर को किसी प्रकार की चोट पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों को कोई नुकसान हो।

अजगर को पकड़ने के बाद उसे विशेष रेस्क्यू बैग में सुरक्षित रखा गया और बाद में वन विभाग की टीम उसे शहर से दूर उपयुक्त प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ने के लिए रवाना हुई।

जंगल में छोड़ा गया अजगर

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया अजगर पूरी तरह सुरक्षित था। स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीवों को पकड़ने के बाद यदि वे स्वस्थ हों तो उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में वापस छोड़ना सबसे उचित कदम माना जाता है।

इससे वन्यजीवों का संरक्षण भी होता है और मानव बस्तियों में उनके प्रवेश की संभावना भी कम होती है।

अजगर इंसानों के लिए कितना खतरनाक होता है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि भारतीय अजगर (Indian Rock Python) आमतौर पर विषैला नहीं होता। यह अपने शिकार को जकड़कर पकड़ता है और फिर निगल जाता है।

अजगर सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करता। यदि उसे खतरा महसूस हो या उसे घेर लिया जाए, तभी वह आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दे सकता है।

इसी कारण वन विभाग हमेशा लोगों से अपील करता है कि यदि कहीं अजगर या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश स्वयं न करें।

आखिर शहरों में क्यों पहुंच रहे हैं अजगर?

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जंगलों के आसपास बढ़ता शहरीकरण, निर्माण कार्य, प्राकृतिक आवास में बदलाव और भोजन की तलाश जैसी कई वजहों से सांप और अन्य वन्यजीव आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं।

बरसात के मौसम में यह घटनाएं और भी बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश के कारण कई बार सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और सूखी तथा सुरक्षित जगह की तलाश में मकानों, दुकानों और गोदामों तक पहुंच जाते हैं।

मेरठ सहित उत्तर भारत के कई शहरों में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।

लोगों ने बनाई वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल

रेस्क्यू अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोग दुकान के बाहर खड़े रहे। कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।

बाद में ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में वन विभाग की टीम को सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़ते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि रेस्क्यू के दौरान भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे अभियान में बाधा आ सकती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।

वन विभाग ने लोगों से की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से कहा है कि यदि किसी भी स्थान पर सांप, अजगर या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो घबराने की जरूरत नहीं है।

लोग तुरंत संबंधित वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। स्वयं वन्यजीव को पकड़ने, मारने या उसके बहुत करीब जाने की कोशिश न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम ही ऐसे मामलों को सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है।

मेरठ के शिव चौक स्थित कन्फेक्शनरी दुकान में करीब 8 फीट लंबे अजगर के मिलने से कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। दुकान की छत की सीलिंग में छिपे अजगर को देखकर कर्मचारियों और ग्राहकों के होश उड़ गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने लगभग चार घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला और उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि मानसून के मौसम में वन्यजीव मानव बस्तियों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में घबराने के बजाय संबंधित विभाग को तुरंत सूचना देना ही सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम माना जाता है।

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