पत्नी अस्पताल गई... पति ने खोला गुप्त डिब्बा, अंदर का नज़ारा देखकर पैरों तले खिसक गई ज़मीन!
फ्रांस के प्रोवेंस क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक साधारण से दिखने वाले परिवार के घर में गत्ते के कुछ डिब्बों को लेकर पति-पत्नी के बीच रोज़ाना होने वाला विवाद आखिरकार एक ऐसे रहस्य तक पहुंच गया, जिसकी कल्पना शायद किसी ने भी नहीं की होगी। जब पति ने अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में उन डिब्बों को खोला, तो उसके सामने जो दृश्य था, उसने उसकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी।
डिब्बों के भीतर एक-दो नहीं बल्कि पांच नवजात शिशुओं के सड़े-गले शव मिले। यह खुलासा होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी।
डिब्बों को छूने तक नहीं देती थी पत्नी
बताया जा रहा है कि पति लंबे समय से यह महसूस कर रहा था कि उसकी पत्नी घर में रखे कुछ पुराने गत्ते के डिब्बों को लेकर असामान्य रूप से सतर्क रहती थी। वह किसी भी कीमत पर उन डिब्बों को हटाने या खोलने नहीं देती थी।
अगर पति कभी सफाई के दौरान उन डिब्बों को हटाने की कोशिश करता, तो पत्नी तुरंत नाराज हो जाती। कई बार दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखी बहस भी होती थी। पति को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उन पुराने डिब्बों में ऐसा क्या रखा है, जिसे लेकर उसकी पत्नी इतना परेशान रहती है।
समय बीतता गया, लेकिन पत्नी का व्यवहार नहीं बदला। धीरे-धीरे पति का शक और गहराता चला गया।
एक झगड़े के बाद पत्नी पहुंची अस्पताल
बताया गया कि एक दिन फिर उन्हीं डिब्बों को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। अगले ही दिन महिला को अचानक पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
घर में पहली बार पति पूरी तरह अकेला था। पत्नी के अस्पताल जाते ही उसके मन में कई दिनों से चल रहा शक फिर जाग उठा। उसने तय किया कि अब वह उन डिब्बों का सच जानकर ही रहेगा।
जैसे ही डिब्बे खोले, उड़ गए होश
पति ने हिम्मत जुटाई और एक-एक करके सभी गत्ते के डिब्बों को खोलना शुरू किया।
पहला डिब्बा खुलते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर एक नवजात शिशु का सड़ा हुआ शव पड़ा था। उसने सोचा शायद यह कोई भयानक भ्रम हो, लेकिन जब उसने बाकी डिब्बे खोले तो हर डिब्बे में एक-एक नवजात का शव मिला।
कुल मिलाकर पांच मासूम बच्चों के शव बरामद हुए, जो काफी समय से वहां पड़े होने के कारण बुरी तरह सड़ चुके थे।
यह दृश्य देखकर पति सदमे में आ गया। जिस घर में वह वर्षों से रह रहा था, उसी घर में उसके अपने बच्चों के शव गत्ते के डिब्बों में बंद पड़े थे और उसे इसकी भनक तक नहीं लगी।
तुरंत पुलिस को दी सूचना
डर और सदमे में डूबे पति ने बिना देर किए स्थानीय पुलिस को फोन किया।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को सील कर दिया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया, जिन्होंने सभी डिब्बों और शवों की जांच शुरू की।
कानूनी कारणों से पुलिस ने पति-पत्नी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
सालों तक छिपाई गई गर्भावस्था
जांच के शुरुआती चरण में सामने आया कि महिला ने कई बार अपनी गर्भावस्था को परिवार और पति से छिपाकर रखा था।
बताया जा रहा है कि वह गर्भवती होने के बावजूद सामान्य जीवन जीती रही और किसी को भनक तक नहीं लगने दी। आरोप है कि बच्चों के जन्म के बाद उन्हें जीवित नहीं रहने दिया गया और बाद में उनके शव गत्ते के डिब्बों में छिपा दिए गए।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी बच्चों की मृत्यु जन्म के तुरंत बाद हुई या किसी अन्य कारण से। इस बारे में अंतिम जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
घर में तीन जीवित बच्चे भी मिले
मामले को और भी हैरान करने वाली बात यह है कि इस दंपति के तीन जीवित बच्चे भी हैं।
जांच में पता चला कि परिवार में आठ वर्ष, बारह वर्ष और एक नवजात शिशु मौजूद हैं, जिनका सामान्य रूप से पालन-पोषण किया जा रहा था।
यही तथ्य पुलिस के लिए सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है कि एक ओर महिला अपने तीन बच्चों की देखभाल करती रही, जबकि दूसरी ओर पांच अन्य नवजातों के शव घर में छिपाकर रखे गए।
पोस्टमॉर्टम से खुलेगा मौत का रहस्य
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि—
बच्चों की मौत कब हुई?
मौत का कारण क्या था?
क्या जन्म के तुरंत बाद उनकी मृत्यु हुई?
क्या यह प्राकृतिक मौत थी या हत्या?
शव कितने पुराने हैं?
इन सभी सवालों के जवाब मेडिकल जांच और डीएनए परीक्षण के बाद ही सामने आएंगे।
मानसिक बीमारी की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं महिला किसी गंभीर मानसिक स्थिति से तो नहीं गुजर रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ दुर्लभ मामलों में महिलाओं में "प्रेग्नेंसी डिनायल" (Pregnancy Denial) जैसी मानसिक अवस्था देखी जाती है, जिसमें महिला गर्भावस्था को स्वीकार नहीं कर पाती या उससे जुड़ी असामान्य मानसिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निष्कर्ष केवल चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाएगा।
अभी तक नहीं हुई आधिकारिक गिरफ्तारी
फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी की आधिकारिक गिरफ्तारी की घोषणा नहीं की है।
जांच अधिकारी सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर रहे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डीएनए जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस पूरे मामले की जानकारी किसी और व्यक्ति को थी या महिला ने यह रहस्य अकेले ही वर्षों तक छिपाकर रखा।
पड़ोसियों को भी नहीं था अंदाजा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पड़ोसियों को इस परिवार के बारे में कभी कोई असामान्य बात महसूस नहीं हुई थी। परिवार सामान्य जीवन जीता हुआ दिखाई देता था और किसी को अंदाजा नहीं था कि घर के भीतर इतना भयावह राज छिपा हो सकता है।
यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद पूरा इलाका स्तब्ध है और लोग इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
जांच पूरी होने का इंतजार
फ्रांस की पुलिस अब इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, डीएनए विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पांचों नवजातों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसकी क्या भूमिका थी।
यह घटना न केवल एक गंभीर आपराधिक जांच का विषय बन गई है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संवाद और गर्भावस्था से जुड़े सामाजिक पहलुओं पर भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस मामले की जांच और आने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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