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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं थमा विरोध, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने रखीं दो नई मांगें

 


संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके बोले- "सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं, पीड़ित परिवारों को मिले ₹1 करोड़ मुआवजा"

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विरोध प्रदर्शन थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी की मांगें केवल मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब भी दो महत्वपूर्ण मांगें बाकी हैं और उन्हें पूरा किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

अभिजीत दिपके ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक कदम हो सकता है, लेकिन इससे आंदोलन की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

पीड़ित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

मीडिया से बातचीत में दिपके ने कहा कि कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।

उनका कहना था कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके साथ न्याय होना चाहिए और सरकार को उनकी आर्थिक एवं सामाजिक सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग

कॉकरोच जनता पार्टी की दूसरी प्रमुख मांग पुलिस कार्रवाई को लेकर है। दिपके ने आरोप लगाया कि 20 तारीख को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया था।

उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की कथित ज्यादती हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जवाबदेही तय किए बिना न्याय की प्रक्रिया अधूरी रहेगी।

लोकतंत्र का दिया हवाला

अपने संबोधन में अभिजीत दिपके ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित कराना है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी आगे की रणनीति पर विचार करेगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय ले सकती है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है।

इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से रखी गई नई मांगों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल अभिजीत दिपके के इन बयानों पर केंद्र सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि सरकार की ओर से कोई बयान जारी होता है तो उससे इस मुद्दे पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद जहां एक ओर राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने और प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है। इन मांगों पर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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