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बिहार में 'बाल कतरवा' गिरोह से दहशत! लूटपाट के बाद महिलाओं और बच्चियों के बाल काट रहे बदमाश, 8 दिन में दो रहस्यमयी वारदात

 


दरभंगा (बिहार): बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में भय और रहस्य का माहौल पैदा कर दिया है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में लगातार दो ऐसी वारदातें हुई हैं, जिनमें बदमाशों ने केवल लूटपाट ही नहीं की, बल्कि जाते-जाते घर की महिला और एक नाबालिग बच्ची के बाल भी काट दिए। इन दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों के बीच कथित "बाल कतरवा" गिरोह की चर्चा तेज हो गई है।

महज आठ दिनों के भीतर हुई इन दो घटनाओं ने पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय है और आखिर महिलाओं तथा बच्चियों के बाल काटने के पीछे अपराधियों की मंशा क्या है? फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अभी तक इस संबंध में किसी आधिकारिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है।

आठ दिन में दो वारदात, गांव में फैली दहशत

जानकारी के अनुसार, बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में पहले एक बड़ी डकैती हुई और फिर आठ दिन बाद लगभग उसी तरीके से दूसरी वारदात सामने आई। दोनों मामलों में अपराधियों ने घरों में घुसकर कीमती सामान लूटा और वारदात के बाद महिलाओं या बच्चियों के बाल काट दिए।

इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग रात के समय जागकर पहरा दे रहे हैं और अपने घरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम कर रहे हैं।

पहली घटना: डॉक्टर के घर डकैती

पहली घटना 8 जुलाई की रात की बताई जा रही है। गांव के निवासी डॉ. पवन कुमार मिश्रा के घर देर रात कुछ बदमाश छत के रास्ते दाखिल हुए।

घर में उस समय उनकी 22 वर्षीय पुत्रवधू करिश्मा देवी मौजूद थीं। आरोप है कि बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की, हाथ-पैर बांध दिए और उन्हें बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उन्होंने टीवी की आवाज तेज कर दी ताकि घर के भीतर होने वाली गतिविधियों की आवाज बाहर तक न पहुंच सके।

करीब 20 मिनट तक अपराधियों ने पूरे घर की तलाशी ली। उन्होंने दो अलमारियां तोड़ीं और लगभग पांच लाख रुपये के जेवर तथा करीब 35 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए।

लेकिन वारदात का सबसे रहस्यमयी पहलू यह रहा कि जाते समय बदमाश महिला के बाल भी काटकर चले गए। जब परिवार के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी हुई तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

दूसरी घटना ने बढ़ाई चिंता

पहली घटना के आठ दिन बाद उसी गांव में दूसरी वारदात सामने आई। इस बार अपराधियों ने गांव के शिक्षक सुमन कुमार चौधरी के घर को निशाना बनाया।

बताया गया कि बदमाश घर में घुसे, लूटपाट की और घर में सो रही एक नाबालिग बच्ची के बाल काट दिए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और भी बढ़ गया क्योंकि दोनों मामलों में अपराध करने का तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है।

दोनों घटनाओं में कई समानताएं

इन दोनों मामलों की तुलना करने पर कई समानताएं सामने आई हैं, जिनकी वजह से ग्रामीणों को शक है कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय हो सकता है।

बताया जा रहा है कि—

  • दोनों घटनाएं रात के समय हुईं।

  • दोनों वारदातें एक ही गांव या उसके आसपास हुईं।

  • दोनों मामलों में पहले लूटपाट की गई।

  • दोनों घटनाओं में महिलाओं या बच्चियों के बाल काटे गए।

  • अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से फरार होने की कोशिश की।

हालांकि यह केवल शुरुआती समानताएं हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह शामिल था या नहीं।

बाल काटने के पीछे क्या हो सकती है वजह?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अपराधी महिलाओं और बच्चियों के बाल क्यों काट रहे हैं?

फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने भी किसी विशेष कारण की पुष्टि नहीं की है।

कुछ लोग इसे अपराधियों द्वारा डर फैलाने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे जांच को भ्रमित करने की रणनीति बता रहे हैं। वहीं ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय केवल पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

पुलिस ने शुरू की जांच

दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) तथा टेक्निकल सेल की टीम को भी जांच में लगाया गया है। घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

गांव में रातभर पहरा

लगातार दो घटनाओं के बाद डरहार गांव के लोग बेहद चिंतित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि अब कई परिवार रात में बारी-बारी से जागकर पहरा दे रहे हैं। कुछ लोगों ने घरों की छतों और मुख्य दरवाजों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।

गांव में बाहरी लोगों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दी जा सके।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

इन घटनाओं की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेजी से हो रही है। कई लोग इसे रहस्यमयी गिरोह बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुराने समय में फैली "बाल काटने वाले गिरोह" जैसी अफवाहों से इसकी तुलना कर रहे हैं।

हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाली किसी भी जानकारी या अफवाह को साझा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार अपराधी पुलिस और समाज का ध्यान भटकाने के लिए वारदात के दौरान असामान्य तरीके अपनाते हैं। इससे घटना रहस्यमयी दिखाई देती है और जांच की दिशा प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

हालांकि इस मामले में ऐसा ही हुआ है या नहीं, इसका पता केवल विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि—

  • रात के समय सतर्क रहें।

  • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

  • अफवाहों पर विश्वास न करें।

  • सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।

  • जांच में पुलिस का सहयोग करें।

दरभंगा के डरहार गांव में आठ दिनों के भीतर हुई दो रहस्यमयी डकैतियों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। दोनों घटनाओं में लूटपाट के साथ महिलाओं और बच्चियों के बाल काटे जाने की बात ने मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय है या नहीं और बाल काटने के पीछे अपराधियों की वास्तविक मंशा क्या थी। इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। तब तक प्रशासन लोगों से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील कर रहा है।

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