Breaking News

NEET विवाद पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बैठक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा गया समय; मुआवज़े और FIR वापस लेने पर बनी सहमति

 


नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने अंतिम निर्णय के लिए कुछ और समय मांगा है।

आशुतोष रांका ने कहा कि बैठक के दौरान सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराई गई। उनके अनुसार, सरकार ने इस मुद्दे पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस संबंध में फैसला लेते हुए उचित कार्रवाई करेगी।

मुआवज़े पर सरकार की सैद्धांतिक सहमति

बैठक के बाद आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने NEET विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवज़ा देने की मांग पर सैद्धांतिक (इन-प्रिंसिपल) मंज़ूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा विवाद के कारण जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें आर्थिक और मानवीय सहायता मिलनी चाहिए। इस मुद्दे पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं और आगे की प्रक्रिया जल्द तय की जा सकती है।

छात्रों पर दर्ज FIR और कानूनी मामलों पर भी सहमति

बैठक में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए FIR और अन्य कानूनी मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। आशुतोष रांका के मुताबिक, सरकार ने इन मामलों को वापस लेने की मांग पर भी सैद्धांतिक सहमति जताई है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने से उन्हें राहत मिलेगी और भविष्य पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों से बचाया जा सकेगा।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार

हालांकि मुआवज़े और कानूनी मामलों पर सकारात्मक प्रगति होने के बावजूद प्रदर्शनकारी पक्ष ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अभी भी उनकी प्रमुख मांग बनी हुई है।

आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने इस पर निर्णय के लिए अगले दिन तक का समय मांगा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में उचित फैसला लेगी।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सरकार निर्धारित समय के भीतर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई निर्णय लेती है, तो इससे आंदोलन की दिशा प्रभावित हो सकती है। वहीं यदि फैसला नहीं आता है, तो प्रदर्शनकारी संगठन आगे की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं।

फिलहाल सरकार की ओर से बैठक में हुई चर्चा या आशुतोष रांका के दावों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन मांगों पर अंतिम निर्णय और औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं