Video: घूस देने के बाद भी नहीं हुई जमीन की पैमाइश! तहसील में डंडा लेकर राजस्व निरीक्षक को खोजती रही महिला, मचा हंगामा
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। जमीन की पैमाइश कराने के लिए कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रही एक महिला आखिरकार अपना धैर्य खो बैठी। महिला डंडा लेकर तहसील पहुंच गई और कथित रूप से रिश्वत लेने वाले राजस्व निरीक्षक को खोजने लगी। इस दौरान तहसील परिसर में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। बाद में मौके पर मौजूद अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत कराया।
जमीन की पैमाइश न होने से परेशान थी महिला
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर की रहने वाली पुष्पा देवी का कहना है कि उनके क्षेत्र में सरकारी चकमार्ग और रास्ते पर कब्जा कर लिया गया है। उनका आरोप है कि एक सेवानिवृत्त लेखपाल द्वारा किए गए इस कब्जे के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
महिला का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की और जमीन की पैमाइश कराने का अनुरोध किया, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रिश्वत लेने का लगाया आरोप
पुष्पा देवी का आरोप है कि जमीन की पैमाइश कराने के नाम पर कई महीने पहले राजस्व निरीक्षक अवधेश प्रसाद ने उनसे 10 हजार रुपये लिए थे। महिला का दावा है कि पैसे लेने के बावजूद न तो पैमाइश कराई गई और न ही विवाद का समाधान किया गया।
घूस भी ली...जमीन भी नहीं नापी..हाथ में डंडा लेकर गाली गलौज करती हुई राजस्व निरीक्षक को खोजने तहसील पहुंची महिला..!
— Rahul Saini (@JtrahulSaini) July 17, 2026
यूपी के गोरखपुर में पुष्पा देवी पिछले कई महीनों से जमीन की पैमाइश के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है...!
पुष्पा का आरोप है कि रिटायर्ड लेखपाल ने सरकारी चकलानी… pic.twitter.com/GNeNtFFHiP
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी की ओर से इस मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तहसील पहुंचकर किया विरोध प्रदर्शन
लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज महिला तहसील पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह हाथ में डंडा लेकर राजस्व निरीक्षक को खोजती रही और अपनी नाराजगी जाहिर करती रही। इस दौरान तहसील परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
महिला का कहना था कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो उन्हें इस तरह विरोध करने की नौबत नहीं आती।
काफी देर तक चलता रहा हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला काफी देर तक तहसील परिसर में अधिकारियों से जवाब मांगती रही। वह बार-बार पैमाइश कराने और कथित रिश्वत के मामले में कार्रवाई की मांग करती रही। इस दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने महिला को शांत कराने का प्रयास किया।
एसडीएम ने कराया मामला शांत
मामले की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी (SDM) ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने महिला से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी और नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और महिला शांत हुई।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
इस मामले में लगाए गए रिश्वत और लापरवाही के आरोप गंभीर हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप सही नहीं पाए जाते हैं तो जांच में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राजस्व विवादों के त्वरित समाधान की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की पैमाइश, सीमांकन और रास्तों पर कब्जे से जुड़े विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में समय पर सुनवाई और निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर लोगों में असंतोष बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व विभाग में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
गोरखपुर की यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली पर कई सवाल खड़े करती है। फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिश्वत लेने और पैमाइश न कराने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। तब तक इस मामले को आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।

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