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viral video-'गाली दोगे तो काट डालूंगी...' स्कूल में चाकू और चापड़ लेकर पहुंची शिक्षिका, डरे बच्चे, जांच में सामने आई नई बात

 


कौशांबी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अभिभावकों, शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका कथित तौर पर कई दिनों तक हाथ में धारदार चाकू और चापड़ लेकर स्कूल पहुंचती रहीं। आरोप है कि वह बच्चों और स्कूल परिसर में मौजूद लोगों के सामने इन हथियारों को खुलेआम हाथ में लेकर घूमती थीं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच के दौरान शिक्षिका से चाकू और चापड़ जब्त कर लिया गया है। वहीं, मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि शिक्षिका की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि अंतिम नि

ष्कर्ष विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

कहां का है मामला?

यह मामला कौशांबी जिले के कड़ा ब्लॉक स्थित लुकिया प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार संबंधित शिक्षिका शिखा सिंह पिछले लगभग 13 वर्षों से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं।

मामला तब सामने आया जब स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के अभिभावक ने शिक्षिका का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और शिक्षा विभाग तक मामला पहुंच गया।

बच्चे के डरने के बाद खुला मामला

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा स्कूल से घर लौटने के बाद काफी डरा हुआ था।

जब उन्होंने बच्चे से कारण पूछा तो उसने बताया कि स्कूल में शिक्षिका चाकू लेकर आती हैं और उसे डर लगता है। बच्चे ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह अगले दिन स्कूल नहीं जाना चाहता।

बेटे की बात सुनकर अभिभावक स्वयं स्कूल पहुंचे ताकि स्थिति की सच्चाई जान सकें।

वीडियो में क्या दिखाई दिया?

अभिभावक द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में शिक्षिका कथित रूप से एक हाथ में बैग और दूसरे हाथ में धारदार चाकू लिए स्कूल परिसर में प्रवेश करती दिखाई देती हैं।

वीडियो में दावा किया गया है कि वह खुलेआम चाकू हाथ में लेकर घूम रही थीं।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई और शिक्षा विभाग ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया।

हालांकि वीडियो की सभी परिस्थितियों और संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कई बच्चों ने स्कूल आना छोड़ा?

अभिभावक का आरोप है कि शिक्षिका की इस हरकत के कारण कई बच्चे डर गए थे।

बताया गया कि कुछ बच्चों ने भय के कारण स्कूल जाना भी बंद कर दिया।

हालांकि इस संबंध में वास्तविक संख्या और परिस्थितियों की पुष्टि शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच अधिकारी छात्रों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।

शिक्षिका ने क्या कहा?

जब वीडियो रिकॉर्ड करने वाले अभिभावक ने शिक्षिका से पूछा कि वह स्कूल में चाकू क्यों लेकर आती हैं, तो उन्होंने कथित रूप से कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा करती हैं।

वीडियो में शिक्षिका यह भी कहती सुनाई देती हैं कि उन्हें स्कूल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं होता।

रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई उन्हें गाली देगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगी।

इन कथित बयानों की जांच भी शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।

मानसिक स्थिति को लेकर भी उठे सवाल

मामले की जांच के दौरान एक नया पहलू भी सामने आया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शिक्षिका के पति ने अधिकारियों को बताया कि उनकी मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है।

हालांकि किसी चिकित्सकीय रिपोर्ट या आधिकारिक मेडिकल निष्कर्ष की सार्वजनिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

इसलिए उनकी मानसिक स्थिति के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच में क्या कार्रवाई हुई?

शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षिका से चाकू और चापड़ जब्त कर लिया।

इसके अलावा विद्यालय के अन्य शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और अभिभावकों से भी पूछताछ की जा रही है।

शिक्षिका के परिजनों को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है।

विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह स्थिति कब से चल रही थी और विद्यालय प्रशासन ने पहले इसकी सूचना क्यों नहीं दी।

बीएसए ने क्या कहा?

जांच कर रहे बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मीडिया को बताया कि कुछ दिन पहले शिक्षिका को विभागीय कार्य से संबंधित जानकारी के लिए कार्यालय बुलाया गया था।

उस समय उन्होंने सभी सवालों के जवाब सामान्य तरीके से दिए थे और कोई असामान्य व्यवहार सामने नहीं आया था।

अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को भेजी जाएगी।

रिपोर्ट के आधार पर उच्चाधिकारी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यह घटना सामने आने के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण होना चाहिए।

यदि किसी कर्मचारी के व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई देता है तो समय रहते उसका चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इससे बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है और संबंधित कर्मचारी को भी समय पर मदद मिल सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जरूरी संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।

यदि किसी व्यक्ति में व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक तनाव, आक्रामकता या असामान्य प्रतिक्रियाएं दिखाई दें तो उसे कलंक की दृष्टि से देखने के बजाय उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाना आवश्यक है।

साथ ही यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार हों और उससे दूसरों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका हो तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित किया जाना चाहिए।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पूरा मामला विभागीय जांच के अधीन है।

शिक्षा विभाग सभी संबंधित पक्षों के बयान, वीडियो, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रहा है।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कौशांबी के लुकिया प्राथमिक विद्यालय का यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है और शिक्षिका से धारदार हथियार भी जब्त कर लिए गए हैं। वहीं, शिक्षिका की मानसिक स्थिति को लेकर भी प्रारंभिक स्तर पर कुछ बातें सामने आई हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर है, जिसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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