साहब... मुझे बचा लीजिए!" पत्नी और उसके कथित प्रेमी से जान का खतरा बताकर थाने पहुंचा पति, सुनकर पुलिस भी हुई अलर्ट
![]() |
| AI image |
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैवाहिक रिश्तों, विश्वास और पारिवारिक विवादों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। महज एक साल पहले प्रेम विवाह करने वाले एक युवक ने अब अपनी ही पत्नी और उसके कथित प्रेमी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। युवक का कहना है कि उसे डर है कि उसकी पत्नी और उसका कथित प्रेमी मिलकर उसकी हत्या कर सकते हैं।
पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि हाल के दिनों में पतियों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
एक साल पहले हुई थी लव मैरिज
जानकारी के अनुसार, यह मामला मेरठ की सूर्योदय कॉलोनी का है। पीड़ित युवक (जिसका नाम गोपनीयता बनाए रखने के लिए परिवर्तित बताया गया है) एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करता है। उसकी शादी 22 जून 2025 को मेडिकल थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी।
बताया जाता है कि शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था। परिवार भी धीरे-धीरे इस रिश्ते को स्वीकार करने लगा था। लेकिन कुछ महीनों बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे और रिश्ते में तनाव आ गया।
पत्नी पर दूसरे युवक से संबंध होने का आरोप
पति का आरोप है कि उसकी पत्नी अक्सर एक अन्य युवक से लंबे समय तक मोबाइल पर बातचीत करती थी। जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो घर में विवाद शुरू हो गया। धीरे-धीरे झगड़े बढ़ते गए और रिश्तों में दूरियां आ गईं।
युवक का दावा है कि बाद में उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई और अब उसी कथित युवक के संपर्क में रह रही है। उसने आरोप लगाया कि दोनों मिलकर उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हत्या की साजिश का लगाया आरोप
पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि उसे अपनी जान का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। उसका आरोप है कि पत्नी और उसका कथित प्रेमी उसे रास्ते से हटाने की योजना बना रहे हैं।
शिकायत में उसने लिखा कि यदि समय रहते सुरक्षा नहीं मिली तो उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। इसी वजह से उसने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराने का भी आरोप
युवक का यह भी आरोप है कि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज कराया है। उसका कहना है कि इसी वजह से उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
हालांकि, इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मारपीट का भी लगाया आरोप
पीड़ित का दावा है कि 14 जुलाई को उसकी पत्नी और उसके साथ मौजूद कथित युवक ने उसके साथ मारपीट की। उसने इस घटना का भी जिक्र अपनी शिकायत में किया है।
युवक का कहना है कि वह लगातार मानसिक तनाव में जी रहा है और उसे हर समय किसी बड़ी घटना का डर बना रहता है।
इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
बाइक पर देखा तो बनाया वीडियो
शिकायत के अनुसार, 17 जुलाई को युवक ने अपनी पत्नी को एक अज्ञात युवक के साथ बाइक पर देखा। उसने दोनों का वीडियो बनाना शुरू किया।
युवक का दावा है कि कुछ दूरी पर बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद दोनों वहां से चले गए। उसने इस घटना का भी उल्लेख पुलिस को दिए आवेदन में किया है।
पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
"मुझे बचा लीजिए"
पीड़ित ने अपने आवेदन में लिखा कि हाल के दिनों में पतियों के साथ होने वाली गंभीर घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। इसी वजह से उसे अपनी जान का डर और अधिक सताने लगा है।
उसने पुलिस से अपील की कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसे आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए।
पुलिस ने क्या कहा?
मेरठ पुलिस के अनुसार युवक की ओर से एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें पत्नी पर मारपीट और हत्या की आशंका जताई गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच संबंधित थाने को सौंप दी गई है। दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
घरेलू विवादों में बढ़ रही कानूनी जटिलताएं
विशेषज्ञों का कहना है कि वैवाहिक विवाद कई बार गंभीर कानूनी मामलों का रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
बिना जांच किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं माना जाता। पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सत्य का पता लगाना होता है।
क्या कहते हैं कानून के जानकार?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को अपनी जान का वास्तविक खतरा महसूस होता है, तो वह पुलिस से सुरक्षा की मांग कर सकता है। पुलिस शिकायत की जांच कर परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठा सकती है।
यदि किसी पक्ष की ओर से धमकी, मारपीट या अन्य आपराधिक कृत्य के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी
ऐसे मामलों में अक्सर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करती है, उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों की जांच करती है।
इस मामले में भी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
मेरठ में सामने आया यह मामला एक प्रेम विवाह के बाद पैदा हुए गंभीर वैवाहिक विवाद का उदाहरण बन गया है। पति ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर जान से मारने की साजिश का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है, जबकि मामले के दूसरे पक्ष की स्थिति अभी जांच के दायरे में है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

कोई टिप्पणी नहीं