आसमान से बरसेगा कहर! IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट, अगले 5 दिन इन राज्यों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा
देश के कई हिस्सों में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के करीब 20 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सबसे अधिक चिंता राजस्थान को लेकर जताई गई है, जहां मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश के कारण जलभराव, सड़क मार्ग बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
राजस्थान में कई संभागों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 26 जुलाई के लिए राजस्थान के कई संभागों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी जबकि एक-दो स्थानों पर अतिभारी वर्षा भी हो सकती है।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी करने को कहा गया है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, उनमें—
अजमेर
नागौर
जयपुर
टोंक
सवाई माधोपुर
भरतपुर
खैरथल-तिजारा
दौसा
बूंदी
कोटा
भीलवाड़ा
चित्तौड़गढ़
राजसमंद
पाली
बारां
झालावाड़
उदयपुर
सिरोही
और इनके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम सामान्य से अधिक खराब हो सकता है और लोगों को सतर्क रहकर आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए।
पिछले 24 घंटे में कई जिलों में जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के धौलपुर, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और बारां सहित कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है, जिससे नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है।
ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है। कई संवेदनशील मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन यदि लगातार अत्यधिक वर्षा होती रही तो खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों वाले क्षेत्रों में किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
शहरी इलाकों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
लगातार बारिश के कारण महानगरों और बड़े शहरों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। कई जगह ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति में बाधा और सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मौसम विभाग ने लोगों को दी ये सलाह
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि—
भारी बारिश के दौरान नदियों और नालों के पास न जाएं।
जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
बिजली गिरने की संभावना के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन या राहत एजेंसियों से संपर्क करें।
क्या अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण रहेंगे?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून फिलहाल कमजोर पड़ने के संकेत नहीं दे रहा है। राजस्थान सहित उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। यदि लगातार वर्षा होती रही तो कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
हालांकि बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली है और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ा है, लेकिन अत्यधिक वर्षा जनजीवन के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आई है।
देश के कई राज्यों में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है और मौसम विभाग ने राजस्थान सहित लगभग 20 राज्यों के लिए भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, वहीं नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर ध्यान दें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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