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CCTV में कैद हुई आखिरी रात! कारोबारी का अपहरण, चलती ऑटो में हत्या और फिर खेत में दफन... पुलिस मुठभेड़ के बाद हुआ बड़ा खुलासा

 


पटना: बिहार की राजधानी पटना में कारोबारी बंटी यादव के अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में गुरुवार को उस समय बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस ने मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भागने और पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में हुई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की जांच में इस हत्याकांड से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, कारोबारी बंटी यादव का पहले अपहरण किया गया, फिर चलती ऑटो में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और भारी वस्तु से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को अथमलगोला क्षेत्र के एक खेत में दफना दिया गया।

अपहरण के बाद रची गई मौत की साजिश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की शुरुआत 6 जुलाई की रात हुई, जब बंटी यादव का कथित रूप से अपहरण किया गया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया ने अपने परिचित ऑटो चालक शंकर को कथित तौर पर 10 हजार रुपये देकर इस साजिश में शामिल किया।

बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद बंटी यादव को उसी ऑटो में बैठाकर ले जाया गया। रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई और गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। पुलिस का दावा है कि भारी वस्तु से हमला किए जाने के कारण उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को अथमलगोला इलाके के एक खेत में ले जाकर दफना दिया गया, ताकि अपराध के सबूत मिटाए जा सकें।

खेत से बरामद हुआ शव

घटना के कुछ दिन बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। 11 जुलाई को अथमलगोला क्षेत्र में फोरलेन के पास स्थित एक खेत से बंटी यादव का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया और पुलिस ने कई टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

शव मिलने के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

CCTV फुटेज बना जांच का सबसे बड़ा सुराग

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज लगा। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में बंटी यादव के अपहरण और उसके साथ मारपीट की घटनाएं रिकॉर्ड मिलीं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर मामले की कई अहम कड़ियां जुड़ती चली गईं, जिससे आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका।

हत्या के पीछे क्या थी वजह?

बंटी यादव की हत्या के पीछे की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

परिजनों का आरोप है कि बंटी यादव इलाके में कथित तौर पर संचालित सेक्स रैकेट का विरोध करता था। उनका कहना है कि इसी कारण मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया और मोनी किन्नर ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।

दूसरी ओर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक अलग पहलू सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया कथित तौर पर अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि बंटी यादव कथित रूप से इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सा मांग रहा था। पुलिस फिलहाल इस एंगल की भी जांच कर रही है।

हालांकि, हत्या के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

मुठभेड़ में घायल हुआ मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान उसने कथित रूप से पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की हालत स्थिर है और इलाज के बाद उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से इस हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों और घटनाक्रम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

परिजनों का धरना, एनकाउंटर की मांग

मुख्य आरोपी के घायल होने की खबर मिलने के बाद बंटी यादव की मां और भाई मुकुल अपने घर के पास धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों ने भी उनके आंदोलन का समर्थन किया।

परिजनों का कहना है कि आरोपी के जीवित रहने से उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपी के एनकाउंटर की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

हालांकि, भारतीय कानून के तहत किसी भी आरोपी का दोष अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाता है। पुलिस का दायित्व आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष प्रस्तुत करना होता है।

आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस के अनुसार, रवीश उर्फ बिसिया के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध शराब कारोबार, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं।

मुठभेड़ की घटना के बाद उसके खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाने में पुलिस पर फायरिंग, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एक नया मामला भी दर्ज किया गया है।

चार आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

इस बहुचर्चित हत्याकांड में अब तक मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हालांकि, पुलिस के अनुसार अभी भी मोनी किन्नर, ऑटो चालक शंकर, सोनू और सूरज फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी निगरानी और अन्य माध्यमों से उनकी तलाश जारी है और जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पूरे मामले पर बनी हुई है नजर

बंटी यादव हत्याकांड ने पटना में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। एक कारोबारी का कथित तौर पर अपहरण, फिर हत्या और शव को छिपाने जैसी घटनाओं ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

पटना के कारोबारी बंटी यादव की अपहरण के बाद हत्या का मामला लगातार नए खुलासों के कारण चर्चा में बना हुआ है। मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन अभी भी कई आरोपी फरार हैं और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की जांच जारी है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की उम्मीद कर रहा है।

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