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बोतल लेने के बहाने लौटा छात्र... CCTV में कैद हुई आखिरी हरकत, 14 वर्षीय छात्र की मौत से मचा हड़कंप

 


उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित इटावा पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ के 14 वर्षीय छात्र की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। स्कूल परिसर में हुई इस घटना से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस के अनुसार, कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, मृतक छात्र के परिवार और स्कूल प्रबंधन के बयानों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र की सरस्वती विहार कॉलोनी, पचावली रोड स्थित इटावा पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाला 14 वर्षीय छात्र पिंटू राठौर कक्षा आठ का छात्र था। बुधवार सुबह वह रोज की तरह अपनी तीन बहनों के साथ स्कूल गया था।

दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसकी तीनों बहनें घर लौट आईं, लेकिन पिंटू घर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद परिजनों के पास स्कूल से फोन आया और उन्हें बताया गया कि बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है तथा वे अस्पताल पहुंचें।

जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तब डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।

CCTV फुटेज में कैद हुई घटना

पुलिस के मुताबिक, कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, छुट्टी के बाद छात्र कथित रूप से अपनी पानी की बोतल लेने के बहाने दोबारा कक्षा में गया। इसके बाद वह खिड़की की ओर गया और वहां से नीचे गिर गया।

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

मृतक छात्र के पिता राजेश राठौर ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

उनका कहना है कि—

  • उन्हें शुरुआत में वास्तविक घटना की जानकारी नहीं दी गई।

  • केवल "एक्सीडेंट" होने की सूचना देकर अस्पताल बुलाया गया।

  • यदि स्कूल प्रशासन समय रहते सही जानकारी देता तो स्थिति अलग हो सकती थी।

  • उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि तीसरी मंजिल की खिड़की सुरक्षित तरीके से बंद या संरक्षित क्यों नहीं थी।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्कूल प्रबंधन का क्या कहना है?

स्कूल के प्रधानाचार्य विक्रम सिंह के अनुसार, छुट्टी के समय सभी छात्रों को व्यवस्थित तरीके से कक्षा से बाहर भेजा जा रहा था।

उनका कहना है कि छात्र पिंटू नीचे आने के बाद यह कहकर वापस कक्षा में गया कि उसकी पानी की बोतल वहीं छूट गई है।

प्रधानाचार्य के अनुसार, कक्षा में जाने के बाद छात्र ने अपना बैग उठाया और फिर खिड़की की ओर जाकर छलांग लगा दी। उनका दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।

परिवार और स्कूल के दावों में अंतर

इस घटना को लेकर परिवार और स्कूल प्रशासन के बयान अलग-अलग हैं।

परिवार का कहना है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और सूचना देने में लापरवाही हुई, जबकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्र हाल के दिनों में मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था।

प्रधानाचार्य के अनुसार, छात्र के पिता ने बताया था कि एक दिन पहले गणित की कोचिंग में प्रवेश के दौरान कुछ प्रश्नों के उत्तर न दे पाने पर उसे डांटा गया था और उसका मोबाइल भी ले लिया गया था।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी बयानों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पहले भी आत्महत्या की कोशिश का जिक्र

परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले भी छात्र ने एक गंभीर कदम उठाने की कोशिश की थी।

पिता ने बताया कि उस समय घर से पैसे निकालने की घटना के बाद डांट पड़ने पर उसने फंदा लगाने का प्रयास किया था, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया था।

पुलिस इस जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना सकती है, हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की सूचना मिलने के बाद फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस ने—

  • सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिया,

  • स्कूल स्टाफ से पूछताछ की,

  • शिक्षकों और प्रधानाचार्य के बयान दर्ज किए,

  • तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई।

थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया सीसीटीवी फुटेज में छात्र के खिड़की से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला विद्यालयों में—

  • खिड़कियों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था,

  • छात्रों की निगरानी,

  • छुट्टी के समय उचित सुपरविजन,

  • और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

जैसे उपाय बेहद जरूरी हैं।

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान जरूरी

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था में बच्चों पर पढ़ाई, परीक्षा, सामाजिक दबाव या अन्य कारणों से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

यदि किसी बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, वह उदास रहने लगे, अलग-थलग रहने लगे या निराशा की बातें करे, तो परिवार और स्कूल दोनों को संवेदनशीलता के साथ उसकी मदद करनी चाहिए।

ऐसी परिस्थितियों में समय पर परामर्श और विशेषज्ञ सहायता कई बार गंभीर घटनाओं को रोक सकती है।

पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं।

इटावा पब्लिक स्कूल में 14 वर्षीय छात्र की मौत की यह घटना बेहद दुखद और संवेदनशील है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल परिवार और स्कूल प्रबंधन के अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

यह घटना एक बार फिर स्कूल सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता की ओर संकेत करती है। यदि कोई बच्चा लगातार तनाव, उदासी या असामान्य व्यवहार प्रदर्शित करे, तो उसे समय पर भावनात्मक सहयोग और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।

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