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50 दिन तक नहीं नहाए, बदबू से बचने के लिए लगाते थे परफ्यूम! इस विलेन ने पहली ही फिल्म से मचा दिया था तहलका

 


हिंदी सिनेमा में कई ऐसे खलनायक हुए हैं, जिनके किरदार फिल्म के हीरो से भी ज्यादा लोकप्रिय हो गए। अमजद खान का 'गब्बर सिंह', अमरीश पुरी का 'मोगैंबो' और आशुतोष राणा का 'लज्जा शंकर' जैसे किरदार आज भी दर्शकों के जेहन में बसे हुए हैं। इसी सूची में एक नाम अभिनेता मुकेश तिवारी का भी आता है, जिन्होंने राजकुमार संतोषी की फिल्म 'चाइना गेट' में खूंखार डाकू 'जगीरा' का किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई।

हालांकि साल 1998 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन फिल्म का विलेन 'जगीरा' लोगों के दिलों और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ गया। रिलीज के करीब 28 साल बाद भी इस किरदार के डायलॉग और लुक की चर्चा होती है।

पहली ही फिल्म से बन गए चर्चित विलेन

मुकेश तिवारी के लिए 'चाइना गेट' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। यह उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म थी और पहली ही फिल्म में उन्होंने इतने दमदार अंदाज में अभिनय किया कि बड़े-बड़े कलाकारों के बीच भी अपनी अलग पहचान बना ली।

फिल्म में ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह, अमरीश पुरी, कुलभूषण खरबंदा, डैनी डेन्जोंगपा और ममता कुलकर्णी जैसे दिग्गज कलाकार मौजूद थे। इसके बावजूद दर्शकों की नजर सबसे ज्यादा जिस किरदार पर ठहरी, वह था जगीरा।

फिल्म देखने वाले कई दर्शकों ने उस दौर में मुकेश तिवारी की तुलना 'शोले' के गब्बर सिंह से भी की थी। उनका खौफनाक अंदाज, डायलॉग बोलने का तरीका और चेहरे के हावभाव लोगों को लंबे समय तक याद रहे।

किरदार में ढलने के लिए की थी जबरदस्त मेहनत

किसी भी कलाकार के लिए किरदार को वास्तविक बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। मुकेश तिवारी ने भी जगीरा के रोल को पर्दे पर जीवंत बनाने के लिए काफी मेहनत की थी।

बताया जाता है कि फिल्म में पहाड़ों पर रहने वाले एक खूंखार डाकू का किरदार निभाने के लिए उन्होंने लगभग 50 दिनों तक स्नान नहीं किया। उनका उद्देश्य था कि उनका लुक पूरी तरह असली और डरावना दिखाई दे।

उन्होंने लंबे समय तक न तो शेव की और न ही बाल कटवाए। चेहरे पर बढ़ी हुई दाढ़ी, बिखरे बाल और धूल-मिट्टी से भरा चेहरा उनके किरदार को और भी भयावह बना देता था।

हालांकि, लंबे समय तक न नहाने की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। बदबू से बचने के लिए वह नियमित रूप से परफ्यूम का इस्तेमाल करते थे।

शूटिंग के दौरान सामने आईं मुश्किलें

'चाइना गेट' की शूटिंग पहाड़ी इलाकों में हुई थी, जहां मौसम और लोकेशन दोनों ही चुनौतीपूर्ण थे। मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चित किस्सों के अनुसार, लंबे समय तक बिना नहाए रहने के कारण उनके शरीर से तेज गंध आने लगी थी।

यह भी कहा जाता है कि शूटिंग के दौरान कई बार पहाड़ी इलाकों में चील और कौवे उनके आसपास मंडराने लगते थे। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह किस्सा लंबे समय से फिल्म से जुड़े चर्चित प्रसंगों में शामिल रहा है।

मुकेश तिवारी ने इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने किरदार से समझौता नहीं किया और लगातार शूटिंग जारी रखी।

घुड़सवारी के दौरान हो गए थे घायल

फिल्म में कई एक्शन दृश्य भी शामिल थे। एक ऐसे ही दृश्य की शूटिंग के दौरान मुकेश तिवारी का घोड़ा अचानक बेकाबू हो गया।

घोड़े से गिरने की वजह से उन्हें चोट भी लगी, लेकिन उन्होंने शूटिंग रोकने के बजाय इलाज के बाद दोबारा सेट पर लौटकर अपना काम पूरा किया। उनकी इसी लगन और समर्पण की वजह से जगीरा का किरदार इतना प्रभावशाली बन पाया।

आज भी याद है यह मशहूर डायलॉग

'चाइना गेट' में मुकेश तिवारी के कई संवाद काफी लोकप्रिय हुए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके इस डायलॉग की हुई—

"मेरे मन को भाया, मैं कुत्ता काट के खाया।"

यह संवाद उस दौर में लोगों की जुबान पर चढ़ गया था। फिल्म रिलीज होने के बाद कई वर्षों तक यह डायलॉग कॉमेडी शो, स्टेज प्रोग्राम और आम बातचीत में भी सुनाई देता रहा।

दिग्गज कलाकारों के बीच भी अलग बनाई पहचान

'चाइना गेट' की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टार कास्ट थी। फिल्म में एक से बढ़कर एक अनुभवी कलाकार मौजूद थे।

इनमें ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह, अमरीश पुरी, कुलभूषण खरबंदा, डैनी डेन्जोंगपा, परेश रावल और कई अन्य कलाकार शामिल थे। इतने बड़े कलाकारों के बीच किसी नए अभिनेता का अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था।

लेकिन मुकेश तिवारी ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया कि दमदार परफॉर्मेंस के सामने स्टारडम भी छोटा पड़ सकता है।

'वसूली भाई' बनकर जीता दर्शकों का दिल

जगीरा के बाद मुकेश तिवारी ने कई फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता रोहित शेट्टी की 'गोलमाल' सीरीज में निभाए गए 'वसूली भाई' के किरदार से मिली।

इस रोल में उनका कॉमिक अंदाज दर्शकों को इतना पसंद आया कि आज भी कई लोग उन्हें उनके असली नाम से ज्यादा 'वसूली भाई' के नाम से जानते हैं।

यह किरदार उनके अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा का उदाहरण माना जाता है। एक तरफ वह खतरनाक विलेन बने तो दूसरी ओर कॉमेडी में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

अब 'रामायण' में आएंगे नजर

मुकेश तिवारी आने वाले समय में निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' में नजर आने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म में वह महर्षि अगस्त्य की भूमिका निभाएंगे।

उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह इस धार्मिक और पौराणिक किरदार में भी अपनी अभिनय क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

मुकेश तिवारी का करियर इस बात का उदाहरण है कि यदि कलाकार अपने किरदार के प्रति पूरी ईमानदारी और समर्पण दिखाए तो वह छोटी भूमिका को भी यादगार बना सकता है।

'चाइना गेट' में जगीरा के रूप में उनकी मेहनत, कठिन परिस्थितियों में शूटिंग और अभिनय के प्रति समर्पण आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यही वजह है कि फिल्म को रिलीज हुए लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी जगीरा का नाम बॉलीवुड के यादगार विलेनों की सूची में शामिल किया जाता है।

आज भी जब हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली खलनायकों की बात होती है, तो मुकेश तिवारी का जगीरा जरूर याद किया जाता है। यह किरदार उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

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