Viral Video: क्लास में पढ़ रहे थे बच्चे... तभी फन फैलाकर पहुंच गया जहरीला कोबरा, फिर जो हुआ उसने पूरे स्कूल में मचा दी चीख-पुकार!
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक प्राथमिक विद्यालय में रोज़ की तरह पढ़ाई चल रही थी। बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे और शिक्षक उन्हें पाठ पढ़ा रहे थे। तभी अचानक एक जहरीला कोबरा सांप स्कूल के एक क्लासरूम में पहुंच गया। जैसे ही बच्चों की नजर फन फैलाए कोबरा पर पड़ी, पूरे कमरे में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
शिक्षकों ने बिना देर किए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे विद्यालय को खाली करा दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग और स्नेक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद ही स्कूल प्रशासन, बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
पढ़ाई के बीच अचानक सामने आया जहरीला कोबरा
जानकारी के अनुसार, यह घटना बदायूं जिले के एक प्राथमिक विद्यालय की है। सुबह विद्यालय में सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित हो रही थीं। बच्चे अपनी किताबों और कॉपियों के साथ पढ़ाई में व्यस्त थे।
इसी दौरान अचानक क्लासरूम में एक जहरीला कोबरा सांप दिखाई दिया। शुरुआत में कुछ बच्चों को लगा कि शायद कोई रस्सी या दूसरी चीज पड़ी है, लेकिन जैसे ही सांप ने फन फैलाया और फुफकार मारी, बच्चों में डर का माहौल बन गया।
कुछ ही सेकंड में पूरी कक्षा में अफरा-तफरी मच गई।
किताबें छोड़कर बाहर भागे बच्चे
कोबरा को देखते ही बच्चे अपनी किताबें और कॉपियां वहीं छोड़कर तेजी से बाहर की ओर भागने लगे।
कई छोटे बच्चे घबराकर रोने लगे, जबकि कुछ छात्र डर के कारण एक-दूसरे से चिपक गए। बच्चों के शोर सुनकर शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शिक्षकों ने बिना घबराए सभी बच्चों को सुरक्षित तरीके से कक्षा से बाहर निकाला और उन्हें विद्यालय परिसर के सुरक्षित हिस्से में पहुंचाया।
पूरे स्कूल में मच गई अफरा-तफरी
घटना की जानकारी कुछ ही मिनटों में पूरे विद्यालय में फैल गई।
अन्य कक्षाओं के शिक्षक भी सतर्क हो गए और एहतियात के तौर पर कई कमरों को खाली करा दिया गया।
स्कूल परिसर में मौजूद कर्मचारी भी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में जुट गए। कुछ समय के लिए विद्यालय में पढ़ाई पूरी तरह रुक गई।
वन विभाग और रेस्क्यू टीम को दी गई सूचना
कोबरा के क्लासरूम में होने की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों और स्नेक रेस्क्यू टीम को दी गई।
कुछ ही देर में वन विभाग और प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मी विद्यालय पहुंच गए।
रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से सांप के पास न पहुंच सके।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया।
कोबरा लगातार अपनी जगह बदल रहा था, जिससे उसे पकड़ना आसान नहीं था।
करीब दो घंटे तक लगातार प्रयास करने के बाद विशेषज्ञों ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।
पूरे अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचे और न ही सांप को कोई चोट आए।
जंगल में छोड़ा गया कोबरा
रेस्क्यू टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे एक विशेष कंटेनर में रखा।
बाद में वन विभाग की निगरानी में उसे प्राकृतिक आवास वाले सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगली जीवों को पकड़ने के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ना ही प्राथमिकता होती है।
बच्चों और शिक्षकों ने ली राहत की सांस
जैसे ही रेस्क्यू टीम ने पुष्टि की कि कोबरा सुरक्षित पकड़ लिया गया है, पूरे विद्यालय में राहत का माहौल बन गया।
काफी देर तक डरे हुए बच्चे धीरे-धीरे सामान्य हुए।
शिक्षकों ने भी बच्चों को समझाया कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत बड़ों को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका होता है।
क्यों पहुंच जाते हैं सांप आबादी वाले इलाकों में?
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम और खेतों में पानी भरने जैसी परिस्थितियों में सांप अक्सर सुरक्षित स्थान की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं।
कई बार स्कूल, घर, गोदाम या अन्य भवनों के आसपास झाड़ियां, बिल या पानी जमा होने के कारण भी सांप वहां पहुंच जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सांप बिना किसी कारण इंसानों पर हमला नहीं करते। वे केवल खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक व्यवहार करते हैं।
ऐसी स्थिति में क्या करें?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यदि कहीं सांप दिखाई दे तो कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं—
सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
बच्चों और अन्य लोगों को तुरंत सुरक्षित दूरी पर ले जाएं।
संबंधित वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
भीड़ इकट्ठा न होने दें क्योंकि इससे सांप अधिक तनावग्रस्त हो सकता है।
जब तक विशेषज्ञ मौके पर न पहुंचें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्यालय परिसर की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और भवनों की जांच पर भी जोर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों के आसपास घास-फूस, झाड़ियां और पुराने सामान जमा रहने से सांपों के छिपने की संभावना बढ़ जाती है।
यदि समय-समय पर परिसर की सफाई की जाए और बच्चों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया जाए तो ऐसी घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में विद्यालय परिसर में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू टीम की कार्रवाई और कोबरा को सुरक्षित पकड़ने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर अफवाहें न फैलाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
'क्लासरूम में पढ़ाई करने आया कोबरा नाग'
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) July 20, 2026
बदायूं के एक प्राथमिक विद्यालय में एक कोबरा नाग पढ़ाई करने के लिए क्लासरूम में पहुंच गया. कोबरा नाग के पहुंचते ही बच्चों में हड़कंप मच गया. छात्र-छात्राएं कक्षाएं छोड़कर बाहर निकल गए. हालांकि 2 घंटे बाद टीम ने कोबरा का रेस्क्यू किया गया. pic.twitter.com/ViBxXJu9Sd
बदायूं के प्राथमिक विद्यालय में कोबरा का पहुंचना निश्चित रूप से एक बेहद डराने वाली घटना थी। राहत की बात यह रही कि शिक्षकों की सूझबूझ, बच्चों की समय पर सुरक्षित निकासी और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। करीब दो घंटे की मेहनत के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि स्कूलों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई, सतर्कता और वन्यजीवों के प्रति सही व्यवहार कितना आवश्यक है।

कोई टिप्पणी नहीं