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शादी से 7 दिन पहले दुल्हन की रहस्यमयी मौत! सुबह खिड़की तोड़ी तो सामने था ऐसा मंजर, हत्या या आत्महत्या?

 


पटना। बिहार की राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रोड नंबर-12 स्थित एक किराए के मकान में रहने वाली असम निवासी युवती माइटी उर्फ मीना का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवती की शादी महज सात दिन बाद होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी रहस्यमयी मौत हो गई।

घटना के समय युवती के मुंह से झाग निकल रहा था। वहीं, परिजनों ने इस मौत को हत्या बताते हुए मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, मकान मालिक का परिवार इसे बीमारी और संदिग्ध आत्महत्या से जोड़ रहा है। दोनों पक्षों के बयानों में भारी विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस अब हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

किराए के कमरे में मिला युवती का शव

जानकारी के अनुसार, दीघा थाना क्षेत्र के रोड नंबर-12 स्थित एक मकान में असम की रहने वाली माइटी उर्फ मीना पिछले करीब आठ वर्षों से किराए पर रह रही थी। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो मकान मालिक के परिवार को शक हुआ। इसके बाद खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर देखा गया, जहां युवती अचेत अवस्था में मिली।

बताया जा रहा है कि उसके मुंह से झाग निकल रहा था। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

शादी की तैयारियों के बीच मातम

परिजनों के अनुसार, माइटी की शादी सिर्फ सात दिन बाद होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशी के माहौल में था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

युवती की असम में रहने वाले रिश्तेदारों को भी घटना की सूचना दी गई। शादी से ठीक पहले हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर उसके साथ क्या हुआ।

जीजा ने लगाया हत्या का आरोप

मृतका के जीजा चंदन ठाकुर ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि माइटी पिछले कुछ दिनों से बीमार जरूर थी, लेकिन उसकी तबीयत इतनी खराब थी, इसकी जानकारी परिवार को समय पर नहीं दी गई।

चंदन ठाकुर के मुताबिक, मकान मालिक ने उन्हें फोन कर बताया था कि माइटी बेड पर लेटी हुई है। लेकिन जब वे मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि युवती का शव फर्श पर पड़ा हुआ था।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते परिवार को सूचना दी जाती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत या आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मकान मालिक के बेटे ने दी सफाई

दूसरी ओर, मकान मालिक के बेटे राणा सिंह ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए अलग कहानी बताई है।

उनके अनुसार, माइटी पिछले आठ वर्षों से उनके घर में किराए पर रह रही थी और परिवार के साथ उसके अच्छे संबंध थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन दिनों से युवती की तबीयत खराब थी। उसे डॉक्टर को दिखाया गया था, दवाइयां दी गई थीं और ग्लूकोज (स्लाइन) भी चढ़ाया गया था।

राणा सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात उन्होंने माइटी से कमरे का दरवाजा बंद नहीं करने की बात कही थी, लेकिन उसने अंदर से कुंडी लगा ली। मंगलवार सुबह काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर उन्हें शक हुआ। इसके बाद खिड़की का शीशा तोड़कर देखा गया, जहां युवती के मुंह से झाग निकल रहा था।

उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दे दी गई थी।

पिता ने क्या कहा?

मृतका के पिता सूरज लामा ने बताया कि वे पिछले दो महीनों से मनेर इलाके में मजदूरी कर रहे थे। तीन दिन पहले ही वे बेटी से मिलने आए थे और उसके खर्च के लिए कुछ पैसे भी दिए थे।

उन्होंने कहा कि फिलहाल वे किसी पर सीधा आरोप नहीं लगा रहे हैं क्योंकि उनकी बेटी लंबे समय से उसी इलाके में रह रही थी और सभी लोगों को जानती थी। हालांकि उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

बीमारी की जानकारी परिवार को क्यों नहीं दी गई?

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि युवती तीन दिनों से बीमार थी तो उसके परिजनों को समय रहते इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई?

यही सवाल अब गोरखा समाज भी उठा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि यदि परिवार को पहले जानकारी मिल जाती तो वे बेहतर इलाज की व्यवस्था कर सकते थे।

इसी बिंदु को लेकर पुलिस भी जांच कर रही है कि बीमारी, इलाज और अंतिम समय की परिस्थितियों में कहीं कोई लापरवाही या साजिश तो नहीं हुई।

गोरखा समाज ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

घटना के बाद गोरखा समाज भी सक्रिय हो गया है। समाज के अध्यक्ष सूरज थापा ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि युवती की तबीयत खराब होने की जानकारी परिवार को नहीं देना कई गंभीर सवाल पैदा करता है। यदि किसी व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ रही थी तो उसके परिजनों को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए थी।

सूरज थापा ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर बिहार के डीजीपी और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले ही उन्होंने स्वयं बीएमपी (BMP) में कार्यरत एक कुक के साथ माइटी की शादी तय कराई थी। शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थीं, ऐसे में यह घटना बेहद दुखद और रहस्यमयी है।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम

घटना की सूचना मिलते ही दीघा थाना पुलिस और एएसपी लॉ एंड ऑर्डर-2 कोमल मीणा मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और फोरेंसिक जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही घटनास्थल से मिले सामान की भी जांच की जा रही है।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और युवती के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती परिस्थितियां आत्महत्या की ओर संकेत करती हैं, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

इसी वजह से जांच केवल एक दिशा में नहीं की जा रही, बल्कि हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम के साथ-साथ विसरा सुरक्षित रखा गया है। यदि जरूरत पड़ी तो उसकी फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

कई सवालों के जवाब अभी बाकी

फिलहाल इस पूरे मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी मिलने बाकी हैं। क्या युवती की मौत बीमारी से हुई, उसने आत्महत्या की या फिर यह किसी साजिश का परिणाम है? क्या समय पर इलाज और सूचना मिलने से उसकी जान बच सकती थी? आखिर कमरे के अंदर ऐसा क्या हुआ जिसने उसकी जिंदगी छीन ली?

इन सभी सवालों का जवाब अब पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण से ही सामने आएगा। तब तक यह मामला रहस्य बना हुआ है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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