रूस-यूक्रेन जंग में भारत को बड़ा झटका! मिसाइल हमले में 4 भारतीयों की मौत, रूस को तलब कर भारत ने जताया कड़ा विरोध
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक दुखद घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक व्यावसायिक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए रूस के चार्ज डी अफेयर्स (Chargé d'Affaires) को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया और व्यावसायिक जहाजों पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था जहाज
विदेश मंत्रालय के अनुसार, घटना उस समय हुई जब व्यावसायिक जहाज एमवी गोल्डन लियो यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। जहाज पर कुल 17 चालक दल (क्रू) के सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
हमले के दौरान चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि पांचवां भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल नाविक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
भारत सरकार ने दिखाई सख्ती
घटना के बाद भारत सरकार ने तत्काल कूटनीतिक कदम उठाया। मंगलवार को नई दिल्ली में रूस के चार्ज डी अफेयर्स को विदेश मंत्रालय तलब किया गया।
बताया गया कि रूसी राजनयिक विदेश मंत्रालय पहुंचे, जहां लगभग 15 मिनट तक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान भारत ने औपचारिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत व्यावसायिक जहाजों पर होने वाले ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में स्थित भारतीय मिशन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल भारतीय नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
समुद्री व्यापार पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर हमला न केवल निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान को खतरे में डालता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता को भी प्रभावित करता है।
भारत ने कहा कि ऐसे हमले किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराए जा सकते।
हमले को लेकर रूस का पक्ष
रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि उसकी सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान यूक्रेन के कई सैन्य ठिकानों पर अभियान चलाया।
रूस का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में यूक्रेनी ड्रोन और निर्देशित बमों को नष्ट किया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओडेसा बंदरगाह के आसपास उन बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया जिनका उपयोग कथित रूप से ईंधन और सैन्य आपूर्ति के लिए किया जा रहा था।
इसके अलावा मंत्रालय ने दावा किया कि चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर गोला-बारूद उतार रहे एक कंटेनर जहाज और काला सागर में स्नेक आइलैंड के पास एक ड्राई कार्गो जहाज को भी निशाना बनाया गया।
हालांकि, भारत द्वारा जिस जहाज पर भारतीय नागरिकों की मौत की बात कही गई है, उस संबंध में उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर विस्तृत जांच और तथ्यों का इंतजार किया जा रहा है।
युद्ध के बीच बढ़ता खतरा
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर क्षेत्र लगातार संघर्ष का केंद्र बना हुआ है।
ओडेसा यूक्रेन का प्रमुख समुद्री बंदरगाह है और यहां से बड़ी मात्रा में अनाज तथा अन्य सामान का निर्यात किया जाता है।
युद्ध शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे समुद्री परिवहन और व्यापार प्रभावित हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध क्षेत्र के आसपास संचालित व्यावसायिक जहाजों के लिए जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री मानव संसाधन प्रदाताओं में शामिल है। हजारों भारतीय नाविक दुनिया भर के व्यावसायिक जहाजों पर कार्यरत हैं।
ऐसी घटनाओं के बाद युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों और संबंधित देशों को युद्ध क्षेत्रों में नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए।
सरकार लगातार कर रही संपर्क
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत का दूतावास संबंधित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
मृतकों की पहचान, उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने तथा घायल नाविक को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का मुद्दा
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और नागरिक उपयोग वाले जहाजों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, युद्ध की परिस्थितियों में किसी हमले की कानूनी स्थिति का आकलन उपलब्ध तथ्यों, लक्ष्य की प्रकृति और जांच के आधार पर किया जाता है।
भारत ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाली ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
भारत की संतुलित विदेश नीति
रूस और यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही भारत लगातार बातचीत और कूटनीतिक समाधान पर जोर देता रहा है।
भारत ने कई बार दोनों पक्षों से हिंसा रोकने, संवाद बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है।
इस घटना के बाद भी भारत ने एक ओर अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक जहाजों पर हमलों का स्पष्ट विरोध दर्ज कराया।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
चार भारतीय नागरिकों की मौत की खबर ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फिलहाल घायल भारतीय नाविक का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हुई यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सशस्त्र संघर्ष का असर केवल युद्धरत देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसमें काम कर रहे निर्दोष विदेशी नागरिक भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। भारत ने इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि व्यावसायिक जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।

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