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क्या आप भी लगा रहे हैं नियासिनमाइड सीरम? ये 3 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, जानिए सही तरीका

 


आज के समय में स्किनकेयर केवल फैशन या ट्रेंड का हिस्सा नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण भाग बन चुका है। सोशल मीडिया पर हर दिन नए-नए स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और ब्यूटी टिप्स वायरल होते रहते हैं। इन्हीं में से एक नाम है नियासिनमाइड (Niacinamide) सीरम, जिसे त्वचा की देखभाल के लिए सबसे लोकप्रिय स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में गिना जाता है।

मुंहासों के निशान कम करने, त्वचा की रंगत सुधारने, ऑयली स्किन को संतुलित रखने और स्किन बैरियर को मजबूत बनाने के दावों के कारण लाखों लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, कई लोग महीनों तक इसे नियमित रूप से लगाने के बावजूद मनचाहा परिणाम नहीं देख पाते। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गलती कहां हो रही है?

त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉ. गुरवीन वड़ैच गरेकर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि अधिकतर लोग नियासिनमाइड सीरम का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते। उनकी मानें तो तीन सामान्य गलतियों की वजह से यह सीरम अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता।

नियासिनमाइड क्या है?

नियासिनमाइड, जिसे विटामिन B3 भी कहा जाता है, एक वॉटर सॉल्युबल विटामिन है जो त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (Skin Barrier) को मजबूत बनाने में मदद करता है।

यह त्वचा में नमी बनाए रखने, अतिरिक्त तेल के उत्पादन को नियंत्रित करने, लालिमा कम करने और त्वचा की बनावट में सुधार करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा यह फाइन लाइन्स, पिग्मेंटेशन और मुंहासों के बाद बने दाग-धब्बों को हल्का करने में भी सहायक माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अधिकांश लोगों की त्वचा पर आसानी से सूट कर जाता है और इसे कई अन्य स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स के साथ भी सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

किन समस्याओं में मददगार हो सकता है?

नियासिनमाइड सीरम का उपयोग कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं में किया जाता है।

  • पिंपल्स के निशान कम करने में

  • त्वचा की रंगत निखारने में

  • ऑयली स्किन को संतुलित रखने में

  • बड़े पोर्स की समस्या कम करने में

  • रेडनेस और जलन कम करने में

  • स्किन बैरियर मजबूत बनाने में

  • हल्के पिग्मेंटेशन में सुधार करने में

हालांकि यह कोई चमत्कारी इलाज नहीं है और इसका असर व्यक्ति की त्वचा, नियमित उपयोग और संपूर्ण स्किनकेयर रूटीन पर भी निर्भर करता है।

अगर असर नहीं दिख रहा तो हो सकती हैं ये 3 गलतियां

डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार यदि लंबे समय से नियासिनमाइड सीरम लगाने के बावजूद आपको कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है तो संभव है कि आप इसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।

1. गलत प्रतिशत (Percentage) वाला सीरम चुनना

यह सबसे आम गलती मानी जाती है।

हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए सभी के लिए एक ही प्रतिशत वाला सीरम उपयुक्त नहीं होता।

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • संवेदनशील (Sensitive) त्वचा या रेडनेस की समस्या होने पर 1% से 2% नियासिनमाइड पर्याप्त हो सकता है।

  • हल्के पिंपल्स के निशान, स्किन ब्राइटनिंग और अनइवन स्किन टोन के लिए 2% से 5% अच्छा विकल्प माना जाता है।

  • डार्क स्पॉट्स, पिग्मेंटेशन और जिद्दी दाग-धब्बों के लिए 5% से 10% तक का सीरम इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • 10% से अधिक नियासिनमाइड हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता और इससे कुछ लोगों में जलन, खुजली या इरिटेशन की समस्या हो सकती है।

इसलिए केवल अधिक प्रतिशत देखकर प्रोडक्ट खरीदना सही फैसला नहीं माना जाता।

2. केवल नियासिनमाइड पर ही निर्भर रहना

डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि नियासिनमाइड एक प्रभावी इंग्रीडिएंट जरूर है, लेकिन यह हर स्किन प्रॉब्लम का अकेले समाधान नहीं है।

यदि किसी व्यक्ति को गंभीर पिग्मेंटेशन, मेलाज्मा या गहरे दाग-धब्बों की समस्या है, तो केवल नियासिनमाइड पर्याप्त नहीं हो सकता।

ऐसे मामलों में विशेषज्ञ आवश्यकता के अनुसार इसे अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के साथ इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं, जैसे—

  • ट्रैनेक्सैमिक एसिड

  • एजेलिक एसिड

  • कोजिक एसिड

  • हयालूरोनिक एसिड

  • सेरामाइड्स

  • पेप्टाइड्स

हालांकि इन एक्टिव्स का संयोजन त्वचा की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

3. बहुत जल्दी परिणाम की उम्मीद करना

आज के समय में लोग चाहते हैं कि कोई भी स्किनकेयर प्रोडक्ट कुछ ही दिनों में असर दिखा दे।

लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि नियासिनमाइड ऐसा इंग्रीडिएंट नहीं है जो रातों-रात चमत्कार कर दे।

इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है।

आमतौर पर नियमित उपयोग के बाद कई सप्ताह या कुछ मामलों में कुछ महीनों के भीतर त्वचा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है।

यदि बीच में इसका उपयोग बंद कर दिया जाए या लगातार बदलाव करते रहें तो अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते।

नियासिनमाइड लगाने का सही तरीका

विशेषज्ञों के अनुसार नियासिनमाइड सीरम का इस्तेमाल सही क्रम में करना भी बेहद जरूरी है।

  • सबसे पहले चेहरे को किसी हल्के फेस वॉश से साफ करें।

  • यदि टोनर का उपयोग करते हैं तो उसके बाद सीरम लगाएं।

  • सीरम की केवल 2 से 3 बूंदें ही पर्याप्त होती हैं।

  • पूरे चेहरे पर हल्के हाथों से फैलाएं।

  • इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाएं।

  • यदि सुबह इस्तेमाल कर रहे हैं तो अंत में सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

क्या हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित है?

नियासिनमाइड को सामान्यतः सभी प्रकार की त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है।

यह विशेष रूप से—

  • ऑयली स्किन

  • कॉम्बिनेशन स्किन

  • एक्ने-प्रोन स्किन

  • ड्राई स्किन

पर उपयोग किया जा सकता है।

हालांकि जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या जिन्हें पहले किसी स्किनकेयर प्रोडक्ट से एलर्जी हो चुकी है, उन्हें नया प्रोडक्ट शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • एक साथ बहुत सारे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स शुरू न करें।

  • नया प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसकी सामग्री (Ingredients) जरूर पढ़ें।

  • एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

  • सीरम को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

  • लगातार जलन, खुजली या रैश होने पर उपयोग बंद कर डॉक्टर से सलाह लें।

  • स्वस्थ भोजन, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी त्वचा की सेहत के लिए जरूरी हैं।

क्या केवल सीरम लगाने से त्वचा चमकदार हो जाएगी?

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल किसी एक सीरम से त्वचा पूरी तरह बदल जाना संभव नहीं है।

बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण, अच्छी नींद और सही स्किनकेयर रूटीन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

नियासिनमाइड सीरम आधुनिक स्किनकेयर का एक लोकप्रिय और उपयोगी उत्पाद माना जाता है, लेकिन इसका सही लाभ तभी मिलता है जब इसे त्वचा की जरूरत के अनुसार सही प्रतिशत में, नियमित रूप से और उचित स्किनकेयर रूटीन के साथ इस्तेमाल किया जाए। केवल अधिक प्रतिशत वाला सीरम चुन लेना, इसे हर समस्या का समाधान मान लेना या कुछ ही दिनों में चमत्कारी परिणाम की उम्मीद करना सही नहीं है। यदि किसी भी स्किन समस्या में लंबे समय तक सुधार न हो या जलन जैसी परेशानी महसूस हो, तो स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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