5 दिन तक रुलाने के बाद शेयर बाजार ने पलटा पूरा खेल! एक झटके में लौटे ₹5 लाख करोड़, सेंसेक्स की 776 अंकों की उड़ान ने सबको चौंकाया
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 776.01 अंक (करीब 1.02%) की बढ़त के साथ 76,835.78 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 228.50 अंक चढ़कर 23,995.95 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी और बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया।
पांच दिन की गिरावट के बाद लौटी रौनक
पिछले सप्ताह वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता के कारण भारतीय शेयर बाजार दबाव में था। लगातार पांच दिनों तक बिकवाली का दौर चला, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि सोमवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल बन गया और दिनभर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में तेजी देखने को मिली। कारोबार समाप्त होने तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त दर्ज की। इस उछाल ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है।
किन वजहों से आई बाजार में तेजी?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे।
सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में हालात अपेक्षाकृत शांत होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
दूसरा बड़ा कारण कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे रहे। कई बड़ी कंपनियों ने उम्मीद से अच्छे वित्तीय परिणाम पेश किए, जिससे निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी बाजार को मजबूती दी।
किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती?
सोमवार के कारोबार में आईटी, बैंकिंग, ऑटो, हेल्थकेयर, मीडिया और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
विशेष रूप से आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी रही। बैंकिंग सेक्टर में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूत समर्थन मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बड़ी बढ़त के साथ बंद हुए, जो इस बात का संकेत है कि तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि व्यापक स्तर पर देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी
शेयर बाजार की इस शानदार तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को मिला। बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग ₹5 लाख करोड़ का इजाफा होने का अनुमान लगाया गया है।
पिछले कुछ दिनों से नुकसान झेल रहे निवेशकों के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र राहत लेकर आया। कई निवेशकों ने इसे बाजार में दोबारा विश्वास लौटने का संकेत माना।
किन शेयरों ने सबसे ज्यादा दम दिखाया?
दिनभर के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर शानदार प्रदर्शन करते नजर आए। आईटी, एविएशन और फाइनेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में अच्छी खरीदारी हुई। कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 3 से 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे आने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में चुनिंदा शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
अब निवेशकों की निगाह कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इस सप्ताह अमेरिका के फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठकों के फैसले वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर सकते हैं।
इसके अलावा घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की चाल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि ये सभी कारक सकारात्मक बने रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी उत्साहजनक जरूर है, लेकिन निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश नहीं करना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक मजबूत कंपनियों पर ध्यान दें और किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य बनी रहती हैं और कंपनियों के नतीजे अच्छे आते हैं तो भारतीय बाजार आने वाले हफ्तों में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संदेश?
सोमवार की तेजी ने यह साफ कर दिया कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। लगातार गिरावट के बाद भी मजबूत आर्थिक संकेत और सकारात्मक वैश्विक माहौल बाजार को फिर से ऊपर ले जा सकते हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए धैर्य बनाए रखना और सोच-समझकर निवेश करना सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है।
फिलहाल दलाल स्ट्रीट पर लौटे इस जोश ने बाजार में नई उम्मीद जगा दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले कारोबारी सत्रों में यह तेजी कितनी मजबूत साबित होती है और क्या सेंसेक्स तथा निफ्टी अपने नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ पाते हैं।

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