खेत में अचानक निकला विशाल मगरगोह... देसी कुत्तों ने घेरा, फिर कैमरे में कैद हुआ चौंकाने वाला नज़ारा! वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक खेत के बीच अचानक एक विशाल मगरगोह (Monitor Lizard) दिखाई देता है। कुछ ही सेकंड बाद आसपास मौजूद देसी कुत्ते उसे देख लेते हैं और भौंकते हुए उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। इसके बाद जो नज़ारा कैमरे में कैद होता है, वह लोगों को हैरान कर रहा है।
वीडियो साझा करने वाले व्यक्ति का दावा है कि यह घटना उस समय की है जब उसका भाई दोपहर के समय खेत में काम कर रहा था। उसके साथ गांव के कुछ देसी कुत्ते भी मौजूद थे। तभी अचानक खेत में एक मगरगोह निकल आया। दावा किया गया कि वह संभवतः पानी की तलाश में या भोजन की खोज में खेत की ओर आया होगा।
हालांकि, इस वीडियो की जगह और समय की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
खेत में दिखा विशाल मगरगोह
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि खेत के बीच एक बड़ा मगरगोह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। उसकी लंबी पूंछ, मजबूत पंजे और फुर्तीले शरीर को देखकर कई लोग पहली नजर में उसे मगरमच्छ समझ बैठते हैं।
इसी दौरान आसपास मौजूद देसी कुत्तों की नजर उस पर पड़ जाती है। कुत्ते लगातार भौंकते हुए मगरगोह के करीब पहुंचते हैं और उसे चारों तरफ से घेरने की कोशिश करते हैं।
मगरगोह भी खतरा महसूस करते ही सतर्क हो जाता है। वह बार-बार अपनी दिशा बदलता है और कुत्तों से बचने की कोशिश करता दिखाई देता है।
कुत्तों ने किया हमला
वीडियो में कुत्ते मगरगोह के बेहद करीब पहुंचकर लगातार भौंकते और उसे डराने की कोशिश करते नजर आते हैं। कुछ कुत्ते उसके आगे खड़े हो जाते हैं, जबकि कुछ पीछे से घेरने की कोशिश करते हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में देसी कुत्ते अक्सर अपने इलाके में किसी अनजान जानवर को देखकर आक्रामक व्यवहार करते हैं। इसका उद्देश्य कई बार उस जानवर को अपने क्षेत्र से दूर भगाना होता है।
वीडियो में भी कुछ ऐसा ही दृश्य दिखाई देता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना में किसी जानवर को चोट पहुंची या नहीं।
क्या होता है मगरगोह?
जिस जीव को ग्रामीण क्षेत्रों में "मगरगोह" या "गोह" कहा जाता है, वह वास्तव में मॉनिटर लिज़र्ड (Monitor Lizard) होता है। यह छिपकली की एक बड़ी प्रजाति है और भारत के कई हिस्सों में पाई जाती है।
अपने आकार और लंबी पूंछ के कारण लोग कई बार इसे मगरमच्छ समझ लेते हैं, जबकि यह मगरमच्छ नहीं होता। यह जमीन पर तेजी से दौड़ सकता है, पेड़ों पर चढ़ सकता है और जरूरत पड़ने पर पानी में भी तैर सकता है।
क्या मगरगोह इंसानों के लिए खतरनाक होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में मगरगोह इंसानों से दूरी बनाकर रखना पसंद करता है। यदि उसे खतरा महसूस न हो, तो वह किसी पर हमला नहीं करता।
हालांकि, यदि उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाए, तो वह आत्मरक्षा में अपने तेज पंजों, दांतों और मजबूत पूंछ का इस्तेमाल कर सकता है।
इसी वजह से वन विभाग हमेशा सलाह देता है कि यदि कहीं मगरगोह दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे छेड़ने की कोशिश न करें।
क्या यह मगरमच्छ का रिश्तेदार है?
ग्रामीण इलाकों में अक्सर यह धारणा सुनने को मिलती है कि मगरगोह "मगरमच्छ खानदान" का जानवर है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह सही नहीं है।
मगरगोह और मगरमच्छ दोनों सरीसृप (Reptiles) जरूर हैं, लेकिन वे अलग-अलग जैविक समूहों से संबंधित हैं। मगरगोह Varanidae परिवार का सदस्य है, जबकि मगरमच्छ Crocodylia गण का जीव है। इसलिए दोनों एक जैसे दिखाई देने के बावजूद अलग प्रजातियां हैं।
क्यों आते हैं खेतों में?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम या गर्मी के दिनों में मगरगोह कई बार खेतों, तालाबों और नहरों के आसपास दिखाई देते हैं।
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं—
भोजन की तलाश।
कीड़े-मकोड़े, छोटे जीव या अंडे ढूंढ़ना।
पानी की खोज।
सुरक्षित जगह की तलाश।
इसलिए ग्रामीण इलाकों में इनका दिखाई देना कोई असामान्य बात नहीं मानी जाती।
भारत में कानूनी संरक्षण प्राप्त है मगरगोह
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में मॉनिटर लिज़र्ड यानी मगरगोह को वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है।
इनका शिकार करना, पकड़ना, घायल करना या अवैध रूप से रखना कानूनन अपराध हो सकता है। यदि किसी गांव या खेत में यह जीव दिखाई दे, तो सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि उसे बिना छेड़े निकल जाने दिया जाए या आवश्यकता होने पर वन विभाग को सूचना दी जाए।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कुछ लोगों ने लिखा कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से मगरगोह देखा। वहीं कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों में भी यह जीव अक्सर खेतों और नहरों के पास दिखाई देता है।
कुछ यूजर्स ने कुत्तों की बहादुरी की तारीफ की, जबकि कई लोगों ने सलाह दी कि वन्यजीवों को परेशान करने के बजाय उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जाना चाहिए ताकि इंसान और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रह सकें।
वन्यजीवों के साथ कैसा हो व्यवहार?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जंगली जीव को देखकर घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। अधिकांश वन्यजीव तभी आक्रामक होते हैं जब उन्हें खतरा महसूस होता है।
यदि खेत, गांव या घर के आसपास मगरगोह दिखाई दे, तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें। बच्चों और पालतू जानवरों को उससे दूर रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय वन विभाग को सूचित करें।खेत में मगरगोह और देसी कुत्तों के आमने-सामने आने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने लोगों का ध्यान भारत में पाए जाने वाले इस अनोखे वन्यजीव की ओर जरूर खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मगरगोह सामान्यतः शांत स्वभाव का जीव होता है और बिना उकसावे के इंसानों पर हमला नहीं करता। ऐसे में यदि यह कहीं दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना और वन्यजीवों के संरक्षण का सम्मान करना सबसे बेहतर तरीका है।

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