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एक होटल, एक लाश और दो दोस्त... पुलिस ने जब खोला राज तो हर कोई रह गया हैरान

 


राजस्थान की राजधानी जयपुर से दो ऐसी सनसनीखेज हत्याओं का खुलासा हुआ है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर मामूली विवाद किस तरह पलभर में जानलेवा रूप ले सकता है। जयपुर पश्चिम पुलिस कमिश्नरेट ने बिंदायका और भांकरोटा थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग हत्या की वारदातों का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में हैरान करने वाली बात यह रही कि जिन लोगों पर भरोसा किया गया, वही हत्या के आरोपी निकले। एक मामले में शराब पार्टी के दौरान होटल का बिल विवाद की वजह बना, जबकि दूसरे मामले में भेड़ों की रखवाली को लेकर हुए झगड़े ने एक रिश्तेदार की जान ले ली।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों मामलों का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में ये घटनाएं सामान्य नहीं लग रही थीं, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों, होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने बेहद कम समय में आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

होटल में शराब पार्टी के बाद दोस्ती का दर्दनाक अंत

पहला मामला जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र का है। 25 जुलाई को सिवार मोड़ स्थित श्री होटल के एक कमरे में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दिनेश उर्फ दन्शी गवारिया के रूप में हुई। होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी कि कमरे से कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर युवक मृत अवस्था में मिला।

पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि दिनेश अपने दो दोस्तों संजय कुमार कासोटिया और नितेश गवारिया के साथ होटल में ठहरा था। लेकिन घटना के बाद दोनों युवक गायब थे और उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे। इससे पुलिस का शक गहरा गया।

तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया और मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान सूचना मिली कि दोनों आरोपी दौसा जिले के भांडारेज रोड की ओर देखे गए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में दोनों ने जो खुलासा किया, उसने सभी को हैरान कर दिया।

होटल के बिल पर शुरू हुआ विवाद, गला घोंटकर कर दी हत्या

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि होटल के कमरे में तीनों दोस्तों ने देर रात तक शराब पार्टी की थी। पार्टी समाप्त होने के बाद होटल के बिल और अन्य खर्चों का भुगतान कौन करेगा, इस बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया।

बताया गया कि बहस धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। गुस्से में आकर दोनों आरोपियों ने दिनेश के ही दुपट्टे का इस्तेमाल करते हुए उसका गला घोंट दिया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनाए कई तरीके

हत्या के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार योजनाएं बनाते रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अपने मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिए ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इतना ही नहीं, मृतक का मोबाइल भी अपने साथ ले गए और उसका सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया।

फरारी के दौरान वे दौसा के एक होटल में रुके, जहां होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इंटरनेट पर यह जानकारी खोजी कि हत्या के मामलों में पुलिस किस तरह जांच करती है और दोषी को कितनी सजा मिलती है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सीकर स्थित खाटूश्याम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी करतूत के लिए भगवान से माफी मांगी। इसके बाद वे गुजरात भागने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दूसरी वारदात ने भी सबको चौंकाया

जयपुर पश्चिम पुलिस ने जिस दूसरी हत्या का खुलासा किया, वह भांकरोटा थाना क्षेत्र के बीड़ की ढाणी जयसिंहपुरा की है। यहां रविवार को कालू बागरिया नामक व्यक्ति का शव मिला था। कालू मूल रूप से दूदू क्षेत्र के गुढ़ा सायपुरा गांव का रहने वाला था और भेड़ पालन का काम करता था।

प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

भेड़ों की रखवाली बनी विवाद की वजह

जांच में सामने आया कि कालू अपने रिश्तेदार और साथी हरदेव बागरिया के साथ भेड़ों के रेवड़ की रखवाली कर रहा था। दोनों के बीच रात में पहरा देने की जिम्मेदारी तय हुई थी।

पुलिस के अनुसार, हरदेव ने रात करीब दो बजे तक पहरा दिया। इसके बाद कालू की ड्यूटी शुरू हुई, लेकिन वह कथित तौर पर सो गया। इसी बात को लेकर हरदेव बेहद नाराज हो गया।

गुस्से में उसने पहले कालू से विवाद किया और फिर लाठी तथा पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से कालू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

पुलिस ने रिश्तेदार को किया गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी हरदेव बागरिया को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार करने की जानकारी पुलिस ने दी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

पुलिस की अपील

जयपुर पश्चिम पुलिस ने दोनों मामलों के खुलासे के बाद लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्से में उठाया गया एक कदम न केवल किसी की जान ले सकता है, बल्कि आरोपी का पूरा जीवन भी बर्बाद कर सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आज तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि अपराध करने के बाद बच निकलना बेहद कठिन है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच जैसे आधुनिक साधनों के जरिए अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।

बढ़ रही हैं गुस्से में होने वाली वारदातें

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में क्षणिक गुस्से में होने वाली हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मामूली विवाद, आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक तनाव या आपसी कहासुनी कई बार इतनी बढ़ जाती है कि लोग गंभीर अपराध कर बैठते हैं। ऐसे मामलों में आत्मसंयम, बातचीत और कानूनी रास्ता अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

जयपुर में सामने आए ये दोनों हत्याकांड इस बात की गंभीर चेतावनी हैं कि छोटी-सी बहस या जिम्मेदारी को लेकर पैदा हुआ विवाद भी भयावह परिणाम तक पहुंच सकता है। एक मामले में होटल के कमरे में दोस्तों के बीच शुरू हुआ विवाद हत्या में बदल गया, जबकि दूसरे मामले में भेड़ों की रखवाली को लेकर रिश्तेदार ने ही रिश्तेदार की जान ले ली। फिलहाल दोनों मामलों में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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