आसमान में बन रहा खतरनाक सिस्टम! क्या फिर आएगा बारिश का कहर?
नई दिल्ली: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है।
क्यों अचानक बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल सक्रिय स्थिति में है। इसके प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ गई है और कई क्षेत्रों में बादलों का घना जमाव बन रहा है। यही वजह है कि कई राज्यों में लगातार बारिश, गरज के साथ छींटे और कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम बहुत तेजी से बदल सकता है। कई जगहों पर कुछ ही घंटों में तेज धूप से मौसम अचानक बादलों और भारी बारिश में बदल सकता है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
शहरी इलाकों में बढ़ सकता है जलभराव
यदि कम समय में अत्यधिक बारिश होती है तो महानगरों और बड़े शहरों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़कें डूबने, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ने की संभावना रहती है।
नगर निकायों और प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने तथा जल निकासी व्यवस्था सक्रिय रखने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने भी संवेदनशील मार्गों पर यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए कई क्षेत्रों में लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है।
हालांकि जहां अत्यधिक वर्षा होगी, वहां फसलों में जलभराव, मिट्टी का कटाव और नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। कृषि विशेषज्ञ किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती संबंधी निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।
बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। ऐसी स्थिति में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान यदि तेज गर्जना सुनाई दे तो सुरक्षित इमारत के भीतर रहना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
मछुआरों के लिए विशेष सलाह
समुद्री क्षेत्रों में मौसम खराब रहने और ऊंची लहरों की संभावना को देखते हुए कुछ तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। समुद्र की स्थिति सामान्य होने तक स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट पर लगातार नजर रखें।
भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें।
जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहें।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें।
बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रखें।
मौसम विभाग की सलाह
IMD ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन एवं स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें। मौसम की स्थिति स्थान के अनुसार बदल सकती है, इसलिए जिला स्तर पर जारी चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। गुजरात सहित पश्चिम, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे समय में मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना और आवश्यक सावधानियां अपनाना ही सबसे सुरक्षित कदम होगा।

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