VIDEO: घर में छिपे थे 18 कोबरा, रेस्क्यू शुरू हुआ तो हर मिनट बढ़ता गया खौफ
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इटियाथोक थाना क्षेत्र के नारे महरीपुर गांव में एक घर के भीतर एक-दो नहीं बल्कि 18 कोबरा सांप मिलने से पूरे गांव में दहशत फैल गई। जैसे ही परिवार के लोगों को घर में सांप दिखाई दिए, अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पहुंचे सर्पमित्र ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी कोबरा सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया।
इस घटना के बाद गांव में लोग काफी सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने एक साथ इतने जहरीले सांप पहले कभी नहीं देखे थे। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति को सांप ने नुकसान नहीं पहुंचाया।
रविवार को सामने आया चौंकाने वाला मामला
जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार की है। गोंडा जिले के इटियाथोक क्षेत्र के नारे महरीपुर गांव निवासी इरफान अपने घर में सामान्य कामकाज कर रहे थे। इसी दौरान घर के एक हिस्से में उन्हें सांप दिखाई दिया।
पहले तो परिवार को लगा कि घर में केवल एक ही सांप है, लेकिन जब आसपास की जगहों की जांच की गई तो लगातार एक के बाद एक कई सांप निकलने लगे। यह देखकर पूरे परिवार के होश उड़ गए।
कुछ ही देर में गांव के लोगों को भी इसकी जानकारी मिल गई और बड़ी संख्या में लोग इरफान के घर के बाहर इकट्ठा हो गए।
घर में मिले 18 कोबरा
जब सर्पमित्र मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया गया तो धीरे-धीरे घर के अलग-अलग हिस्सों से कुल 18 कोबरा सांप बरामद हुए।
इतनी बड़ी संख्या में जहरीले कोबरा सांप एक ही घर से मिलने की खबर सुनकर आसपास के गांवों में भी चर्चा शुरू हो गई।
लोगों का कहना था कि यदि समय रहते इन सांपों का पता नहीं चलता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने पर सर्पमित्र अरुण गोस्वामी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पूरे घर का सावधानीपूर्वक निरीक्षण किया और फिर एक-एक करके सभी सांपों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में सभी 18 कोबरा सांपों को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण दूर खड़े होकर पूरे अभियान को देखते रहे।
सर्पमित्र ने पूरी सावधानी के साथ सांपों को विशेष कंटेनरों में सुरक्षित रखा ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
परिवार के लोगों में डर का माहौल
घटना के बाद इरफान और उनके परिवार के लोग काफी डरे हुए नजर आए।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते सांपों का पता नहीं चलता तो बच्चों या परिवार के किसी सदस्य की जान खतरे में पड़ सकती थी।
घर के अंदर एक साथ इतने जहरीले सांप मिलने के बाद परिवार ने पूरे घर की दोबारा जांच कराने की मांग भी की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और सांप तो मौजूद नहीं हैं।
ग्रामीणों में फैली दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में दहशत फैल गई।
कई ग्रामीण अपने घरों के आसपास सफाई करने लगे और बच्चों को बाहर खेलने से रोक दिया।
लोगों ने खेतों और घरों के आसपास भी विशेष सावधानी बरतनी शुरू कर दी।
कुछ लोगों ने आशंका जताई कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में घरों की ओर आ जाते हैं।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं ऐसे मामले?
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
बारिश के कारण बिलों में पानी भर जाने पर सांप सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों, गोदामों, लकड़ी के ढेर, ईंटों के बीच या अनाज रखने वाली जगहों तक पहुंच जाते हैं।
यदि किसी स्थान पर लंबे समय तक सफाई न हो या वहां कचरा और झाड़ियां हों, तो ऐसे स्थान सांपों के छिपने के लिए उपयुक्त बन जाते हैं।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी सांप आक्रामक नहीं होते। अधिकांश मामलों में वे केवल खतरा महसूस होने पर ही हमला करते हैं।
कोबरा कितना खतरनाक होता है?
कोबरा भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है।
इसके जहर का असर तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है और समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सांप केवल आत्मरक्षा में ही काटते हैं। इसलिए यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश करने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।
सर्पमित्रों की भूमिका बनी महत्वपूर्ण
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशिक्षित सर्पमित्र ऐसे मामलों में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यदि बिना प्रशिक्षण वाला व्यक्ति जहरीले सांप को पकड़ने की कोशिश करे तो उसकी जान जोखिम में पड़ सकती है।
अरुण गोस्वामी ने धैर्य और सावधानी के साथ पूरे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
विशेषज्ञों की सलाह
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि घर में सांप दिखाई दे तो घबराने की बजाय कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।
सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
उसे छेड़ने या मारने की कोशिश न करें।
बच्चों और पालतू जानवरों को उस स्थान से दूर रखें।
तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें।
घर और आसपास की नियमित सफाई करें तथा झाड़ियों और कचरे को हटाएं।
इन उपायों से संभावित खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
गोंडा की इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल Media पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है।
कई लोगों ने एक ही घर से 18 कोबरा निकलने की घटना पर आश्चर्य जताया, जबकि कुछ लोगों ने सर्पमित्र के साहस और सूझबूझ की सराहना की।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
प्रशासन से सतर्कता की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से गांव में जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए लोगों को बचाव के उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए।
इसके अलावा गांव के आसपास झाड़ियों की सफाई और संभावित जोखिम वाले स्थानों का निरीक्षण भी समय-समय पर किया जाना चाहिए।
यूपी के गोंडा में घर में मिले 18 कोबरा, दहशत!
— MANOJ SHARMA LUCKNOW UP🇮🇳🇮🇳🇮🇳 (@ManojSh28986262) July 20, 2026
इटियाथोक के नारे महरीपुर निवासी इरफान के घर में रविवार को 18 कोबरा सांप मिलने से दहशत फैल गई, सर्पमित्र अरुण गोस्वामी ने एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी सांपों को पकड़ लिया !! pic.twitter.com/iZsvroYIya
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के इटियाथोक क्षेत्र के नारे महरीपुर गांव में एक घर से 18 कोबरा सांपों का मिलना बेहद चौंकाने वाली घटना है। हालांकि प्रशिक्षित सर्पमित्र अरुण गोस्वामी ने करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में सभी सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यह घटना बरसात के मौसम में सतर्क रहने की आवश्यकता की याद दिलाती है। यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो घबराने या स्वयं पकड़ने की कोशिश करने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित विशेषज्ञों या संबंधित विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम है।

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