ई-रिक्शा में बैंक कर्मी के साथ शर्मनाक हरकत! ‘मैं ठाकुर हूं’ कहकर चर्चा में आई आस्था सिंह ने सुनाई आपबीती, वीडियो से मचा बवाल
हाइलाइट्स
आस्था सिंह छेड़खानी मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बैंक कर्मी ने ई-रिक्शा में एक व्यक्ति पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया।
पीड़िता ने घटना का वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।
वहीं बैंक कर्मी आस्था का ये वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से आस्था सिंह को संबोधित करते हुए लिखा गया— “कृपया पूर्ण विवरण सहित थाना स्थानीय पर शिकायत दर्ज कराएं। नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। घटना से संबंधित थाने का नाम अवगत कराने का कष्ट करें।”
बैंक में आस्था सिंह का किससे हुआ था विवाद?
बता दें कि इसी साल 6 जनवरी को एचडीएफसी बैंक की पूर्व महिला कर्मचारी अपना कार्यभार मुक्त करने का पत्र लेने आई थीं। काफी देर इंतजार के बाद उनके पति बैंक पहुंचे। इस दौरान बैंक कर्मी और दंपती के बीच विवाद हो गया था।
बाद में बैंक कर्मी ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया था कि महिला कर्मचारी के पति ने उनकी डेस्क पर आकर उनकी जाति पूछी और कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी। इसके जवाब में उन्होंने गुस्से में कहा था कि वह ठाकुर हैं। यह वीडियो उस समय काफी वायरल हुआ था और सोशल मीडिया पर लंबी बहस छिड़ गई थी।
क्या है आस्था सिंह छेड़खानी मामला?
एक बार फिर आस्था सिंह छेड़खानी मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस बार वजह कोई बैंक विवाद नहीं बल्कि सार्वजनिक परिवहन में उनके साथ हुई कथित अभद्रता है।
आस्था सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उनके साथ ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान एक व्यक्ति ने अनुचित हरकत की। उन्होंने बताया कि घटना उस समय हुई जब वह अपनी बैंक शाखा से मेट्रो स्टेशन की ओर जा रही थीं।
उनके अनुसार, ई-रिक्शा में उनके बगल में एक महिला बैठी थीं जबकि सामने की सीट पर एक पुरुष बैठा था। शुरुआत में उन्होंने उस व्यक्ति की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें असहज महसूस होने लगा।
ई-रिक्शा में क्या हुआ?
पैरों के बीच पैर रखने का आरोप
वीडियो में आस्था सिंह ने दावा किया कि कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि सामने बैठे व्यक्ति का पैर उनके दोनों पैरों के बीच आ गया है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद भीड़भाड़ या बैठने की स्थिति की वजह से ऐसा हुआ होगा, लेकिन बाद में उन्हें स्थिति संदिग्ध लगी।
जांघ तक हाथ पहुंचने का आरोप
आस्था सिंह छेड़खानी मामला उस समय गंभीर हो गया जब उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ही क्षण बाद उस व्यक्ति का हाथ उनके शरीर को अनुचित तरीके से स्पर्श करने लगा।
आस्था सिंह के अनुसार, उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि व्यक्ति का हाथ उनके कुर्ते के भीतर से उनकी जांघ तक पहुंच गया। उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कथित आरोपी को धक्का दिया और थप्पड़ मार दिया।
आस्था सिंह ने कैसे किया विरोध?
तुरंत दिया जवाब
वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना का विरोध करते हुए आरोपी के हाथ पर मुक्का मारा और उसे सार्वजनिक रूप से टोका।
उनका कहना है कि जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उनसे ही कहा कि उन्हें बैठने की तमीज नहीं है।
आस्था सिंह ने दावा किया कि उन्होंने घटना का एक छोटा वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिससे उनकी बात को समर्थन मिल सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
आस्था सिंह छेड़खानी मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया। हजारों लोगों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कुछ लोगों ने पीड़िता के साहस की सराहना की और कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस ने क्या कहा?
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी संज्ञान लिया। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया के माध्यम से आस्था सिंह को औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद तथ्यों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सुर्खियों में रह चुकी हैं आस्था सिंह
यह पहली बार नहीं है जब आस्था सिंह किसी विवाद या वायरल वीडियो की वजह से चर्चा में आई हों।
जनवरी में बैंक परिसर के अंदर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। उस वीडियो में उन्होंने गुस्से में “मैं ठाकुर हूं” कहा था, जिसके बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया था।
अब आस्था सिंह छेड़खानी मामला सामने आने के बाद एक बार फिर उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा कितनी मजबूत?
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं को अक्सर असुरक्षा और उत्पीड़न जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तत्काल शिकायत, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके और अपराधियों के मन में कानून का भय बना रहे।
शिकायत दर्ज कराना क्यों जरूरी?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी महिला के साथ सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता या छेड़छाड़ होती है तो उसे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे जांच एजेंसियों को साक्ष्य जुटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
आस्था सिंह छेड़खानी मामला फिलहाल सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पीड़िता ने अपने साथ हुई कथित घटना को सार्वजनिक करते हुए न्याय की मांग की है। दूसरी ओर पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने की बात कही है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल यह घटना महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन में निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।

कोई टिप्पणी नहीं