सावन का पहला सोमवार लाएगा पुण्य या पाप? भद्रा के साए में भोलेनाथ की पूजा बन सकती है विनाश का कारण!

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हाइलाइट्स

  •  Sawan 2025 Pahla Somwar पर इस बार भद्रा का अशुभ साया रहेगा, जो पूजा को निष्फल कर सकता है
  • सुबह 11:26 बजे से रात 11:42 बजे तक रहेगा भद्रा का प्रभाव, इस दौरान शिव पूजन करने से बचना चाहिए
  • शुभ मुहूर्त में सुबह 5:05 से 11:20 बजे तक करें शिवलिंग पर अभिषेक, तभी मिलेगा पुण्यफल
  • सावन सोमवार को दूध, दही, शहद और बेलपत्र से करें भगवान शिव की पूजा
  • भद्रा के बाद पूजा करना माना जाता है अपशकुन, परिवार को हो सकता है नुकसान

सावन 2025 का पहला सोमवार: भक्ति या भटकाव? जानें भद्रा के साए में कैसे करें शिव पूजा

सावन का महीना आते ही संपूर्ण भारत में शिवभक्तों के मन में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। Sawan 2025 Pahla Somwar इस वर्ष 14 जुलाई को पड़ रहा है और यह दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत पावन माना जाता है। लेकिन इस बार का पहला सोमवार एक विशेष खगोलीय घटना से जुड़ा है—भद्रा योग।

भद्रा का साया इस दिन सुबह 11:26 बजे से लेकर रात 11:42 बजे तक रहेगा। इसे हिंदू धर्मशास्त्रों में अशुभ काल माना गया है। कहा जाता है कि इस समय में की गई पूजा भगवान तक नहीं पहुंचती और इसका फल उल्टा हो सकता है।

क्या है सावन और क्यों महत्वपूर्ण है Sawan 2025 Pahla Somwar?

 सावन की आध्यात्मिक महत्ता

श्रावण मास या सावन का महीना हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान शिव की भक्ति का सबसे पावन समय होता है। Sawan 2025 Pahla Somwar का दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत खास है क्योंकि यह महादेव की कृपा प्राप्त करने का आरंभिक और शक्तिशाली अवसर होता है।

इस दिन लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं। लेकिन इस बार एक खगोलीय चेतावनी से भक्त चिंतित हैं—भद्रा काल।

भद्रा योग: क्यों माना जाता है अशुभ?

 ज्योतिषाचार्यों की चेतावनी

भद्रा एक खगोलीय स्थिति है जिसे पंचांग में विशेष स्थान प्राप्त है। Sawan 2025 Pahla Somwar को पड़ने वाली भद्रा मृत्यु लोक में सक्रिय रहेगी, जो इसे और अधिक नकारात्मक प्रभाव वाला बनाती है।

 भद्रा काल में क्या न करें?

  • शिवलिंग पर जल या पंचामृत से अभिषेक न करें
  • यज्ञ, पूजा या दान-पुण्य से बचें
  • मांगलिक कार्यों जैसे शादी, सगाई आदि न करें
  • मंत्र जाप या हवन करना निष्फल माना जाता है

Sawan 2025 Pahla Somwar: पूजा का शुभ मुहूर्त

तारीख: सोमवार, 14 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त: सुबह 5:05 बजे से 11:20 बजे तक
भद्रा काल: 11:26 AM से 11:42 PM तक

इसलिए शिवभक्तों को सलाह दी जाती है कि वे Sawan 2025 Pahla Somwar को सुबह 11:20 बजे से पहले ही अपनी सारी पूजा-अर्चना संपन्न कर लें।

क्या करें सावन के पहले सोमवार को?

 ब्रह्म मुहूर्त से करें शुरुआत

  • सुबह 4 से 5 बजे के बीच उठें
  • स्नान के बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहनें
  • शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल और जल से अभिषेक करें
  • सफेद फूल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और फल अर्पित करें
  • “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें कम से कम 108 बार

Sawan 2025 Pahla Somwar: भक्ति में सावधानी जरूरी

यह जरूरी है कि भक्त अंधभक्ति में न पड़कर ज्योतिषीय तथ्यों का भी सम्मान करें। भद्रा के दौरान पूजा करने से अच्छे फल मिलने की संभावना नहीं होती, उल्टा कई बार इससे मानसिक, शारीरिक या पारिवारिक कष्ट झेलने पड़ते हैं।

 धार्मिक शास्त्रों में भद्रा का वर्णन

गरुड़ पुराण और विष्णु धर्मसूत्र में भद्रा को दुष्प्रभावी समय माना गया है। उसमें कहा गया है कि इस दौरान देवता विश्राम करते हैं, जिससे पूजन फलित नहीं होता।

क्या हो अगर आप भद्रा में पूजा कर बैठें?

यदि भूलवश आपने Sawan 2025 Pahla Somwar के दिन भद्रा काल में पूजा कर ली हो, तो उसके लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं:

  • रुद्राष्टक या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें
  • रुद्राभिषेक करें और उसमें कुशल ब्राह्मणों को आमंत्रित करें
  • भद्राकाली माता की पूजा करें ताकि भद्रा दोष का निवारण हो

 भक्ति के साथ विवेक जरूरी

Sawan 2025 Pahla Somwar शिवभक्तों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है लेकिन इसमें विवेक और ज्योतिषीय जानकारी का पालन अनिवार्य है। यदि आप शुभ मुहूर्त में पूरी श्रद्धा से पूजा करेंगे, तो निश्चित ही महादेव की कृपा प्राप्त होगी। लेकिन यदि आपने अनजाने में भी भद्रा काल में पूजा कर दी, तो उसका असर नकारात्मक भी हो सकता है।

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