हाइलाइट्स
- वोटर अधिकार यात्रा विवाद ने बिहार की राजनीति में गरमी बढ़ा दी है।
- दरभंगा के कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने पीएम मोदी को मां-बहन की गालियां दीं।
- राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की भाषण शैली को लेकर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया।
- डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बोले- लोकतंत्र में गाली-गलौज अस्वीकार्य।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से कांग्रेस और आरजेडी पर दबाव बढ़ा।
बिहार में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर बवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा अब गहरे विवाद में फंस गई है। दरभंगा के अतरबेल में आयोजित एक जनसभा का वीडियो सामने आया है, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।
राहुल गांधी अपनी इस वोटर अधिकार यात्रा के जरिए बिहार में पार्टी को मज़बूत करने और मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन दरभंगा में हुई इस घटना ने यात्रा को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।
कांग्रेस कार्यकर्ता का वायरल वीडियो बना राजनीति का मुद्दा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता मंच पर माइक लेकर प्रधानमंत्री मोदी को मां-बहन की गालियां देता है। उसकी भाषा इतनी अशोभनीय है कि उसे प्रसारित करना भी मुश्किल हो गया है। यह कार्यक्रम कांग्रेस से जुड़े यूथ नेता मोहम्मद नौशाद के नेतृत्व में आयोजित हुआ था।
कांग्रेस के इस कार्यक्रम का मकसद वोटर अधिकार यात्रा को लेकर जनता में जागरूकता फैलाना था, लेकिन घटना के बाद कांग्रेस और आरजेडी की राजनीति पर सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन बताते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है।
सम्राट चौधरी का पलटवार: लोकतंत्र में गालियों की कोई जगह नहीं
बिहार के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा:
“कांग्रेस और राजद के लोग यह भूल गए हैं कि देश लोकतंत्र से चलता है, राजतंत्र से नहीं। प्रधानमंत्री को गालियां देने वाले इन नेताओं को बिहार की जनता करारा जवाब देगी।”
चौधरी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के भाषणों को भी समाज में नफरत फैलाने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा विवाद इस बात का सबूत है कि विपक्ष के पास जनहित के मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रहे हैं।
#WATCH | पटना: बिहार के उपमु्ख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा, “…बिहार में SIR कोई मुद्दा ही नहीं है। बिहार के लोगों ने इसी धरती से देखा है कि उनकी(राहुल गांधी) दादी ने कैसे लोकतंत्र को कुचला था… बिहार की जनता जानती… pic.twitter.com/JQlkk9bRHY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2025
बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस और आरजेडी नेताओं का यह रवैया लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जनता की समस्याओं को उठाने के बजाय मंच से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “वोटर अधिकार यात्रा विवाद अब कांग्रेस की गिरती राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है। जनता इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।”
कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल
राहुल गांधी ने बिहार में अपनी वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत बड़े प्रचार-प्रसार के साथ की थी। इस यात्रा का मकसद मतदाताओं से सीधा जुड़ाव और बीजेपी पर राजनीतिक प्रहार था। लेकिन अब यह यात्रा कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गाली-गलौज की इस घटना ने कांग्रेस की रणनीति को कमजोर कर दिया है। पार्टी को उम्मीद थी कि यह यात्रा चुनावी समीकरण बदल देगी, लेकिन विवादों ने उसका फायदा बीजेपी को दिला दिया है।
सोशल मीडिया पर तेज बहस
दरभंगा की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वोटर अधिकार यात्रा विवाद ट्रेंड करने लगा है। ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग कांग्रेस नेता के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं। कई लोगों ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वह खुद मंच से प्रधानमंत्री के लिए तू-तू मैं-मैं की भाषा इस्तेमाल करते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को भी अपमानजनक शब्द बोलने का हौसला मिलता है।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह विवाद कांग्रेस की चुनावी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर बिहार जैसे राज्य में जहां राजनीतिक बयानबाजी पर जनता की पैनी नजर रहती है।
विपक्ष के लिए चुनौती बन सकती है यह गलती
इस पूरे विवाद ने विपक्षी गठबंधन को भी असहज कर दिया है। महागठबंधन के अन्य दलों के नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता या कार्यकर्ता को व्यक्तिगत अपमान करने का अधिकार नहीं है।
लोकतंत्र में मर्यादा की दरकार
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी राजनीति में सभ्य संवाद की संस्कृति को कायम रखना बेहद जरूरी है। अगर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भाषा इस तरह गिरती रही तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत होगा।
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य भले ही जनसंपर्क बढ़ाना हो, लेकिन इस विवाद ने कांग्रेस की छवि पर नकारात्मक असर डाला है।
दरभंगा की घटना ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल कितना अहम है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा विवाद का केंद्र बन चुकी है, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस आलोचना का कैसे जवाब देती है।
वर्तमान समय में जब जनता हर बयान और घटना पर नजर रखती है, तब नेताओं के लिए आवश्यक है कि वे सभ्य आचरण का पालन करें। यह मामला कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति में सुधार का एक बड़ा सबक साबित हो सकता है।