हाइलाइट्स
- Hanuman Beniwal ने ऊर्जा मंत्री पर 2 लाख से अधिक बिजली बिल बकाया होने का आरोप लगाया
- नागौर सांसद Hanuman Beniwal ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को ‘संविदा मंत्री’ कहा
- बेनीवाल ने खुद पर की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए मंत्री से भी कार्रवाई की मांग की
- मंत्री के तीन ठिकानों पर लाखों का बिजली बिल बकाया, बेनीवाल ने मीडिया को दिखाई कॉपी
- आरोप: स्मार्ट मीटर घोटाले में मोटा कमीशन खा रहे हैं मंत्री और अफसर
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक नया तूफान खड़ा हो गया है, और इस बार केंद्र बिंदु हैं Nagaur के जुझारू सांसद Hanuman Beniwal। हाल ही में जब उनके जयपुर आवास का बिजली कनेक्शन बकाया बिल के चलते काटा गया, तो इसे लेकर जबरदस्त बवाल मचा। लेकिन अब उन्होंने उल्टा वार करते हुए राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर पर गंभीर आरोप जड़ दिए हैं।
Hanuman Beniwal का दावा है कि ऊर्जा मंत्री खुद पर ₹2,17,418 का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद पद पर बने हुए हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा – “अब उनका कनेक्शन भी काटकर दिखाओ।”
कहां-कहां का बिल बकाया है ऊर्जा मंत्री पर?
ऊर्जा मंत्री के नाम पर दर्ज हैं तीन सरकारी ठिकाने
Hanuman Beniwal ने दावा किया है कि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जयपुर के ज्योति नगर क्षेत्र में विधायक आवास B-2 के फ्लैट नंबर 401 और 402 लिए हुए हैं। इसके अलावा अस्पताल रोड पर बंगला नंबर-4 भी उन्होंने कब्जे में ले रखा है। इन तीनों ठिकानों पर कुल मिलाकर ₹2,17,418 का बकाया बिल है।
दो फ्लैटों का बिल सरकार ने चुकाया, तीसरे पर फंसा मामला
Hanuman Beniwal के अनुसार, इन तीनों ठिकानों में से दो फ्लैटों का बिल तो सरकारी खाते से जमा करा दिया गया, लेकिन जब अस्पताल रोड स्थित बंगला नंबर-4 का बिल सरकारी खजाने से चुकाने की कोशिश की गई, तो वित्त विभाग ने इनकार कर दिया।
Hanuman Beniwal ने मीडिया को दिखाई बकाया बिल की कॉपी
Hanuman Beniwal ने एक प्रेस वार्ता में न सिर्फ आरोप लगाए, बल्कि बकायदा ऊर्जा मंत्री का बकाया बिजली बिल मीडिया के सामने रख दिया। उन्होंने कहा, “जब मेरे ऊपर ₹11 लाख का बिल था, तब मेरा कनेक्शन काट दिया गया। अब देखता हूं कि सरकार अपने ही मंत्री के खिलाफ क्या करती है। क्या नियम सभी के लिए बराबर हैं या फिर ये ‘VVIP बिजली नीति’ है?”
‘संविदा मंत्री’ और ‘स्मार्ट मीटर घोटाला’
Hanuman Beniwal ने मंत्री को ‘संविदा मंत्री’ बताते हुए सीधे-सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में स्मार्ट मीटर योजना के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला किया जा रहा है, जिसमें ऊर्जामंत्री समेत कई अधिकारियों को भारी कमीशन मिल रहा है।
उन्होंने कहा – “स्मार्ट मीटर लगाकर जनता की जेब काटी जा रही है। मीटर बिना सहमति के बदले जा रहे हैं और बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। क्या यह जनविरोधी नीति नहीं है?”
2 जुलाई को काटा गया था Hanuman Beniwal का कनेक्शन
याद दिला दें कि 2 जुलाई 2025 को Hanuman Beniwal के जयपुर आवास का बिजली कनेक्शन काटा गया था। उस समय उनके ऊपर करीब ₹11 लाख का बकाया बिजली बिल था। इस पर सांसद ने कहा था कि यह उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध है और उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है।
अब जब उन्होंने खुद के मामले में बिजली विभाग की त्वरित कार्रवाई की तुलना मंत्री के मामले से की है, तो यह सवाल उठाना लाज़िमी हो गया है कि क्या कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है?
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
Hanuman Beniwal के इस हमले से राजस्थान की राजनीति में गर्मी आ गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और सरकार से जवाब मांगा है। भाजपा के कुछ नेताओं ने भी इसे ‘चयनात्मक कार्रवाई’ करार दिया है।
Hanuman Beniwal का राजनीतिक मकसद या जनहित?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Hanuman Beniwal इस समय राज्य सरकार पर एक के बाद एक हमले कर रहे हैं, और उनका मुख्य निशाना भ्रष्टाचार और प्रशासनिक भेदभाव है। चाहे वह स्मार्ट मीटर घोटाले का मुद्दा हो या VIP बिजली कनेक्शन का, Hanuman Beniwal अपने तेवरों से पीछे नहीं हट रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राजस्थान सरकार ऊर्जा मंत्री के खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई करेगी जैसी Hanuman Beniwal के खिलाफ की गई थी। यदि नहीं, तो यह मामला सरकार के दोगले मापदंडों का प्रतीक बन जाएगा।
सवाल अब सरकार के दरवाजे पर
Hanuman Beniwal ने जो सवाल उठाए हैं, वे केवल व्यक्तिगत आरोप नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र और पारदर्शिता की कसौटी हैं। क्या सरकार अपने ही मंत्री के खिलाफ उतनी ही निष्पक्षता दिखाएगी जितनी एक विपक्षी सांसद के खिलाफ दिखाई? या फिर यह मामला भी फाइलों और बहानों की धूल में दबकर रह जाएगा?