सात दिन तक लापता, फिर अचानक ड्रोन फुटेज में दिखी मां की जिंदगी की झलक… पहाड़ों में इंतजार कर रही मदद!

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हाइलाइट्स

  • ड्रोन फुटेज के जरिए मिली पहाड़ों में फंसी महिला की जिंदगी की निशानी
  • बेटे ने सात दिन से लापता मां को आखिरकार ढूंढ निकाला
  • खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन फिलहाल रुका हुआ
  • रूस के विदेश मंत्रालय से मां की जान बचाने की गुहार
  • बचाव दल ने मुश्किल हालात में भी सर्च अभियान जारी रखा

किर्गिस्तान की बर्फीली पहाड़ियों में सात दिन से लापता एक पर्वतारोही महिला को आखिरकार ड्रोन फुटेज के जरिए खोज लिया गया। महिला का बेटा, जो पिछले कई दिनों से अपनी मां को खोजने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था, आखिरकार इस फुटेज को देखकर भावुक हो उठा। फुटेज में उसकी मां पहाड़ की ऊंचाई से हाथ हिलाते हुए नजर आईं। इस दृश्य ने न केवल बेटे बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

सात दिन से लापता महिला की तलाश में बेटे का संघर्ष

किर्गिस्तान की खतरनाक पहाड़ियों में ट्रेकिंग के दौरान यह महिला बर्फीले तूफान में फंस गई थी। लगातार सात दिन से मौसम इतना खराब था कि बचाव अभियान रुक-रुक कर चल रहा था। बेटा स्थानीय गाइड्स के साथ मिलकर अपनी मां को खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा था। इसी दौरान उसने ड्रोन की मदद से इलाके की निगरानी शुरू की और आखिरकार ड्रोन फुटेज में मां की एक झलक दिखाई दी।

ड्रोन फुटेज से मिली उम्मीद की किरण

यह ड्रोन फुटेज न केवल एक तकनीकी उपलब्धि साबित हुआ, बल्कि इसने एक बेटे के दिल में उम्मीद की लौ भी जलाई। बेटे ने कहा,

“मैंने कभी विश्वास नहीं खोया। मुझे पता था कि मेरी मां अभी जिंदा हैं। इस फुटेज को देखकर मुझे भरोसा हो गया कि हम उन्हें सुरक्षित वापस ला सकते हैं।”

कठिन मौसम और बर्फीली ढलानों के बीच ली गई यह फुटेज बचाव दल के लिए भी एक बड़ा संकेत बनी। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि महिला जीवित है और मदद का इंतजार कर रही है।

रूस के विदेश मंत्रालय से मदद की अपील

बेटे ने तुरंत रूसी विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने की मांग की। उसने सोशल मीडिया के जरिए भी यह ड्रोन फुटेज साझा किया ताकि अंतरराष्ट्रीय सहायता और संसाधन जुटाए जा सकें। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लिया है और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग का आश्वासन दिया है।

मौसम ने डाली रेस्क्यू में रोड़े

हालांकि, खराब मौसम अब भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पहाड़ों में तेज हवाएं और लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से हेलीकॉप्टर और बचाव उपकरण भेजना बेहद मुश्किल हो गया है। बचाव दल को फिलहाल अपना ऑपरेशन रोकना पड़ा, लेकिन जैसे ही मौसम साफ होगा, अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।
बचाव दल के एक सदस्य ने बताया,

“यह ड्रोन फुटेज हमारे लिए एक गाइडलाइन है। अब हमें पता है कि महिला कहां हैं, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए मौसम का साफ होना बेहद जरूरी है।”

ड्रोन तकनीक की बड़ी भूमिका

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पहाड़ी इलाकों में ड्रोन फुटेज कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। पारंपरिक खोज अभियान कई बार इन दुर्गम इलाकों में असफल हो जाते हैं, लेकिन ड्रोन की मदद से ऊंचाई और खतरनाक इलाकों की निगरानी संभव हो पाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तकनीक भविष्य में सर्च एंड रेस्क्यू मिशन का अहम हिस्सा बनेगी।

बेटा बना मां के लिए हीरो

इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि एक बेटा अपनी मां को खोजने के लिए पूरी तरह समर्पित रहा। उसने अपनी व्यक्तिगत बचत खर्च कर ड्रोन खरीदा और स्थानीय गाइड्स को किराए पर रखा। उसकी यह जद्दोजहद अब रंग लाती नजर आ रही है। ड्रोन फुटेज देखने के बाद उसने कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक अपनी मां को सुरक्षित घर नहीं ले आता।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

यह घटना न केवल किर्गिस्तान में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह ड्रोन फुटेज तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस बेटे के साहस और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा कर रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण संगठनों ने भी इस खोज अभियान में मदद की पेशकश की है।

विशेषज्ञों की राय

रेस्क्यू मिशन के विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अभियानों में समय सबसे बड़ा फैक्टर होता है। अगर मौसम की मार लंबे समय तक चलती रही तो पीड़ित की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, इस फुटेज से यह साफ हो गया है कि महिला जीवित हैं, जिससे बचाव दल के पास एक स्पष्ट दिशा है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग करने वालों के लिए ड्रोन और GPS डिवाइस का साथ होना जरूरी है।

किर्गिस्तान के इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर साबित किया कि कठिन हालात में भी तकनीक उम्मीद की किरण बन सकती है। ड्रोन फुटेज के जरिए मिली महिला की झलक ने न केवल एक परिवार को उम्मीद दी है बल्कि रेस्क्यू टीम को भी उनके अभियान को और मजबूती से जारी रखने का आत्मविश्वास दिया है। आने वाले दिनों में मौसम साफ होते ही बचाव अभियान फिर से शुरू किया जाएगा और उम्मीद है कि यह मिशन एक सुखद अंत तक पहुंचेगा

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