इंस्टाग्राम स्टार से अपहरणकारी बनी सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट, 20 लाख की वसूली में रंगेहाथ गिरफ्तार… वायरल वीडियो से फूटा जनाक्रोश

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हाइलाइट्स

  • नीतू बिष्ट रिश्वत मामला दिल्ली पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट 20 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
  • ट्रैवल व्लॉगर और इंस्टाग्राम स्टार नीतू पर अब संगीन आरोप—अपहरण, टॉर्चर और वसूली
  • पीड़ित डॉक्टर से पीरागढ़ी पुलिस बूथ में मारपीट कर किया गया 40 लाख की डील का सौदा
  • नकद, चेक और अकाउंट ट्रांसफर से जबरन वसूले गए 20 लाख रुपये
  • भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने पश्चिम विहार में की सटीक कार्रवाई, 5 पुलिसकर्मी हिरासत में

दिल्ली पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट एक समय तक सोशल मीडिया पर मोटिवेशनल वीडियो और ट्रैवल व्लॉग के जरिए लाखों लोगों की प्रेरणा थीं। मगर अब नीतू बिष्ट रिश्वत मामला सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक में बवाल मचा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने नीतू को पश्चिम विहार इलाके में 20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।

साथ में तीन अन्य पुलिसकर्मी—कांस्टेबल विशाल छिल्लर, राहुल और नरेश—और एक नागरिक अजय कश्यप भी इस नीतू बिष्ट रिश्वत मामले में शामिल पाए गए। ये सभी अब हिरासत में हैं और मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

पीड़ित कौन है? क्या था मामला?

पुलिस को शिकायत डॉक्टर नीरज नाम के एक व्यक्ति से मिली, जो दिल्ली में शिक्षा से जुड़ी एक कंसल्टिंग फर्म चलाते हैं। डॉक्टर नीरज ने बताया कि एक दिन अचानक पुलिसकर्मी विशाल छिल्लर अपने दो साथियों के साथ उनके ऑफिस पहुंचा।

नीतू बिष्ट रिश्वत मामला यहीं से शुरू होता है।

उनका कहना है कि ऑफिस में घुसते ही पुलिसवालों ने सीसीटीवी का कनेक्शन काट दिया और उन्हें दो कर्मचारियों सहित जबरन गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके बाद नीरज को एक एसयूवी में बैठाकर पीरागढ़ी के पुलिस बूथ में ले जाया गया, जहां मारपीट शुरू हो गई।

40 लाख की डील, 20 लाख की वसूली

पीरागढ़ी बूथ पर पहुंचकर पुलिस टीम ने नीतू बिष्ट रिश्वत मामले को वसूली में बदल दिया। वहीं पर अजय कश्यप नामक एक व्यक्ति पहुंचा, जो डॉक्टर नीरज का जानकार बताया गया। अजय ने खुद को मामले का “सुलझाने वाला” बताया और 40 लाख में सौदा तय करवा दिया।

डॉ. नीरज ने कुल मिलाकर 20 लाख रुपये दिए—एक चेक 6.5 लाख का, 10.5 लाख सीधे अजय के खाते में ट्रांसफर, और 4 लाख अपने दोस्त से कर्ज लेकर दिए। बाकी के 20 लाख बाद में देने का वादा कर उन्हें छोड़ा गया।

यह पूरा नीतू बिष्ट रिश्वत मामला भ्रष्टाचार के नए रूप को उजागर करता है जिसमें पुलिस की वर्दी का खुला दुरुपयोग हुआ।

इंस्टाग्राम पर फेमस नीतू बिष्ट अब देश की नजरों में शर्मनाक किरदार

नीतू बिष्ट सोशल मीडिया पर एक ट्रैवल और लाइफस्टाइल व्लॉगर के रूप में लोकप्रिय थीं। उनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं और वे अक्सर वर्दी में मोटिवेशनल कैप्शन के साथ रील्स डालती थीं। मगर अब वही इंस्टाग्राम हैंडल नीतू बिष्ट रिश्वत मामले के वायरल केंद्र में है।

उनके पुराने वीडियो पर लोग अब तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं—”क्या यही है असली पुलिस?” और “रील की रानी, असल में वसूली की महारानी!”

दिल्ली पुलिस की साख पर सवाल

यह मामला सिर्फ एक महिला सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे पुलिस महकमे की जवाबदेही का विषय बन गया है। जब जनता की सुरक्षा के लिए नियुक्त अफसर ही वसूली में लग जाएं, तो आम जनता कहां जाए?

नीतू बिष्ट रिश्वत मामला ने पुलिस विभाग को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किस आधार पर सोशल मीडिया की स्टार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी सौंपी जाती है।

वायरल वीडियो से फूटा भांडा

रिश्वत की डील का एक हिस्सा सीक्रेट कैमरे में कैद हो गया था, जिसे भ्रष्टाचार विरोधी टीम तक पहुंचाया गया। यही वीडियो इस नीतू बिष्ट रिश्वत मामले की निर्णायक कड़ी बना। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होते ही दिल्ली पुलिस की साख को तगड़ा झटका लगा।

जांच के बाद क्या?

इस पूरे मामले की जांच अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के सीनियर अधिकारियों के अधीन है। पुलिस विभाग ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके बैंक ट्रांजैक्शन्स और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं।

नीतू बिष्ट रिश्वत मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच सकता है, क्योंकि पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों से भी हस्तक्षेप की मांग की है।

नीतू बिष्ट रिश्वत मामला एक ऐसा उदाहरण है जो बताता है कि जब सत्ता और सोशल मीडिया की खुमारी एक साथ मिलती है, तो ईमानदारी की नींव डगमगाने लगती है। जनता को अब जरूरत है एक जवाबदेह सिस्टम की, जहां कानून के रक्षक खुद कानून का पालन करें।

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