हाइलाइट्स
- पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब 90 हजार रुपये तक का गारंटी-फ्री लोन मिलेगा।
- योजना की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया गया है।
- तीन चरणों में 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये का लोन मिलेगा।
- आधार कार्ड के जरिए आसान प्रोसेस, बिना गारंटी लोन की सुविधा।
- डिजिटल पेमेंट पर 1,600 रुपये तक कैशबैक और रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी।
कोरोना महामारी के दौर में जब देशभर में छोटे व्यापार ठप हो गए थे, खासतौर पर रेहड़ी-पटरी वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी। यह योजना छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक नई उम्मीद बनकर आई थी। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को न केवल 2030 तक बढ़ाने का फैसला लिया है बल्कि लोन की लिमिट को भी 90 हजार रुपये तक कर दिया है।
इस फैसले से देशभर में लाखों छोटे विक्रेताओं और स्ट्रीट वेंडर्स को सीधा लाभ मिलेगा। योजना का मकसद न केवल छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना भी है।
पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य
पीएम स्वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य महामारी या आर्थिक संकट की मार झेल रहे छोटे व्यापारियों को सस्ती दर पर बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा सड़क किनारे दुकानों, ठेलों और छोटे व्यापारों पर निर्भर करता है। इस योजना के जरिए इन्हें वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके कारोबार को फिर से खड़ा करना संभव हो सकेगा।
तीन चरणों में लोन की सुविधा
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अब लोन की राशि तीन चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी:
- पहला चरण: 15,000 रुपये का लोन, जिसे एक साल में चुकाना होगा।
- दूसरा चरण: समय पर पहला लोन चुकाने के बाद 25,000 रुपये का लोन।
- तीसरा चरण: दूसरा लोन समय पर चुकाने पर 50,000 रुपये का लोन।
इस तरह कुल 90,000 रुपये का लोन छोटे व्यापारियों को बिना किसी गारंटी के मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि यह चरणबद्ध व्यवस्था व्यापारियों में समय पर ऋण चुकाने की आदत डालेगी और उनकी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करेगी।
31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई योजना की अवधि
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में घोषित फैसले के अनुसार, पीएम स्वनिधि योजना की अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है। इससे 1.15 करोड़ से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ पहुंचेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं। सरकार ने इस योजना के लिए 7,332 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिससे इसका व्यापक प्रभाव देखा जा सकेगा।
आसान प्रोसेस और सिर्फ आधार कार्ड से लोन
इस योजना की खासियत इसका सरल आवेदन प्रोसेस है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं होती। लाभार्थी केवल आधार कार्ड के माध्यम से इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह पहल खासतौर पर उन छोटे व्यापारियों के लिए मददगार है जिनके पास पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच नहीं है।
लोन को तय समय पर चुकाने की शर्त रखी गई है और इसके लिए ईएमआई (EMI) भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा
पीएम स्वनिधि योजना के तहत समय पर ऋण चुकाने वालों को डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं। लाभार्थियों को यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा, जिससे वे अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक खर्चों को आसानी से प्रबंधित कर सकेंगे।
इसके अलावा, डिजिटल लेन-देन करने वाले व्यापारियों को 1,600 रुपये तक का डिजिटल कैशबैक भी दिया जाएगा। यह पहल न केवल छोटे व्यापारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ रही है बल्कि देश के फिनटेक सेक्टर को भी मजबूती दे रही है।
अब तक की उपलब्धियां
30 जुलाई 2025 तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएम स्वनिधि योजना के तहत 68 लाख से अधिक लाभार्थियों को 13,797 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया जा चुका है। इनमें से करीब 47 लाख लाभार्थी डिजिटल रूप से सक्रिय हैं, जिन्होंने 6.09 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 557 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं। यह आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि योजना ने छोटे व्यापारियों को नई राह दिखाई है।
स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों के लिए वरदान
पीएम स्वनिधि योजना को छोटे व्यापारियों के लिए एक वरदान कहा जा सकता है। इससे न केवल उन्हें अपने व्यवसाय को दोबारा खड़ा करने का मौका मिला है बल्कि समाज के सबसे निचले तबके तक वित्तीय सहायता पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा हो रहा है।
कोरोना महामारी के बाद से देश में रोजगार के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है। इस योजना ने साबित किया है कि सरकार समय पर राहत और सही नीति के साथ लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
केंद्रीय सरकार का यह कदम न केवल छोटे व्यापारियों के लिए बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी राहत है। पीएम स्वनिधि योजना ने लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का सपना पूरा किया है। योजना के विस्तार से आने वाले वर्षों में और भी छोटे व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे।