पटना स्कूल छात्रा हत्या: टीचर-मैडम को रंगे हाथों देखने की सजा, मासूम को जिंदा जलाने का सनसनीखेज आरोप!

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हाइलाइट्स

  • पटना स्कूल छात्रा हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, परिजनों ने शिक्षकों पर लगाए सनसनीखेज आरोप
  • मृत छात्रा की बहन का दावा- बहन को धमकाया जा रहा था, उसने शिक्षक और शिक्षिका को आपत्तिजनक हालत में देखा था
  • पुलिस जांच में सामने आया- घटना के समय टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद था, CCTV कैमरे खराब मिले
  • परिवार का आरोप- बेटी की हत्या की साजिश स्कूल में रची गई, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
  • पूरे इलाके में गुस्सा, परिजनों ने न्याय की मांग की, स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए

बिहार की राजधानी पटना में पटना स्कूल छात्रा हत्या का मामला अब गहराता जा रहा है। चितकोहरा कन्या मध्य विद्यालय में 12 वर्षीय छात्रा की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। छात्रा को बाथरूम से गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में निकाला गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह कोई आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। छात्रा के पिता ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी को स्कूल के शिक्षकों ने जिंदा जलाया। इस सनसनीखेज खुलासे ने पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले को और गंभीर बना दिया है।

बहन का दावा: शिक्षक और शिक्षिका को रंगे हाथों देख लिया था

मृत छात्रा की बड़ी बहन ने मीडिया को बताया कि घटना के पीछे एक बड़ा राज़ छिपा है। उसने आरोप लगाया कि बच्ची ने एक शिक्षक और महिला शिक्षिका को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद छात्रा को धमकियां मिलनी शुरू हो गई थीं। बहन के मुताबिक, शिक्षक ने छात्रा को एक हफ्ते से लगातार डरा रखा था कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा।

इस घटना को लेकर बहन ने कहा, “बुधवार को मेरी बहन प्रिंसिपल से शिकायत करने वाली थी, लेकिन उसी दिन यह दर्दनाक घटना हो गई।” यह बयान पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले को नया मोड़ देता है।

पिता का आरोप: बेटी की हत्या में शिक्षकों का हाथ

छात्रा के पिता, जो सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, का कहना है कि उनकी बेटी को स्कूल के शिक्षकों ने ही मौत के घाट उतारा। उन्होंने कहा कि बेटी गरीब परिवार से थी और पढ़ाई में तेज थी। पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, “मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए। पुलिस भी हमारे साथ संवेदनशीलता से पेश नहीं आ रही।”

परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सहानुभूति दिखाने की बजाय उनके साथ सख्ती की। इस पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले में लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य

पटना सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने बताया कि छात्रा के पिता के बयान पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के लिए सचिवालय डीएसपी-1 की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई है। जांच में सामने आया कि जिस टॉयलेट से छात्रा को बाहर निकाला गया था, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। इससे यह सवाल उठ रहा है कि बच्ची खुद को क्यों बंद करती या यह किसी योजना का हिस्सा था।

पुलिस ने स्कूल के टीचरों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि स्कूल के सभी CCTV कैमरे खराब पाए गए। इससे जांच और जटिल हो गई है। यह तथ्य पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले को और संदिग्ध बनाता है।

स्थानीय लोगों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन

इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग स्कूल के बाहर इकट्ठा हुए और न्याय की मांग की। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने परिवार को समय पर सूचना नहीं दी।

घटना वाले दिन छात्रा सुबह 9 बजे स्कूल गई थी और करीब 10 बजकर 10 मिनट पर यह हादसा हुआ। स्कूल के ठीक बगल में ही परिवार का घर था, लेकिन दोपहर 12 बजे तक पुलिस ने परिवार को जानकारी नहीं दी। इससे गुस्सा और बढ़ गया।

पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले को लेकर लोगों का कहना है कि गरीब परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की जांच भी शुरू

इस सनसनीखेज घटना की जांच चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने भी शुरू कर दी है। गुरुवार को टीम स्कूल पहुंची, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा। CWC के अधिकारियों ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और जल्द ही इसकी गहराई से जांच की जाएगी।

सामाजिक संगठनों की मांग: न्याय सुनिश्चित हो

कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बिहार के शिक्षा तंत्र पर बड़ा सवाल बताया। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल जैसी सुरक्षित जगह पर बच्चे सुरक्षित नहीं हैं तो यह समाज के लिए चेतावनी है।

पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले में संगठनों ने कहा कि यह केवल एक बच्ची की मौत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। उन्होंने राज्य सरकार से दोषियों को सख्त सजा देने और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

प्रशासन की चुनौती: सच सामने लाना जरूरी

यह घटना बिहार पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मामले में परिजनों, पुलिस और स्थानीय लोगों के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। जांच टीम को यह पता लगाना होगा कि यह वाकई आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या।

पटना स्कूल छात्रा हत्या मामले का सच सामने आने तक लोगों में गुस्सा और भय बना रहेगा। यह घटना इस बात का संकेत है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जरूरत है।

एक बच्ची की मौत ने जगाई समाज की संवेदनाएं

पटना की इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर एक मासूम को स्कूल में जिंदा जलाने जैसा अपराध कैसे हो गया। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर हैं।

यह स्पष्ट है कि पटना स्कूल छात्रा हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था की खामियों का आईना है।

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