दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री पर लगा अश्लील साजिश का धब्बा! ‘जॉर्जिया मेलोनी’ का गुस्सा, 7 लाख सब्सक्राइबर वाली वेबसाइट बंद

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हाइलाइट्स

  • जॉर्जिया मेलोनी ने पोर्न वेबसाइट पर छेड़छाड़ की गई तस्वीरें पोस्ट होने पर गुस्सा जताया।
  • फिका (Phica) नामक वेबसाइट पर कई हाई-प्रोफाइल महिलाओं की तस्वीरें अश्लील रूप में डाली गईं।
  • विवाद बढ़ने के बाद 7 लाख सब्सक्राइबर वाली वेबसाइट को 28 अगस्त 2025 को बंद किया गया।
  • वेबसाइट पर महिलाओं की अनुमति के बिना तस्वीरों को बदलकर वीआईपी सेक्शन में रखा गया।
  • मेलोनी ने कहा- 2025 में भी महिलाओं की गरिमा कुचलने वाले लोग मौजूद हैं, यह बेहद शर्मनाक है।

जॉर्जिया मेलोनी एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में हैं। इटली की प्रधानमंत्री ने शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को एक विवादास्पद पोर्न वेबसाइट पर उनकी और अन्य महिलाओं की अश्लील रूप से एडिट की गई तस्वीरें पोस्ट किए जाने की कड़ी निंदा की। यह मामला न सिर्फ इटली बल्कि पूरी दुनिया में महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

फिका प्लेटफॉर्म: महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़

फिका (Phica) नामक यह प्लेटफॉर्म अपने आप में एक बदनाम मंच बन गया है। वेबसाइट पर जॉर्जिया मेलोनी, उनकी बहन अरियाना मेलोनी, विपक्ष की नेता एली श्लेन, मशहूर इन्फ्लुएंसर चियारा फ्रेराग्नी और यूरोपियन यूनियन की सांसद एलेक्जेंड्रा मोरेट्टी की तस्वीरों को गलत तरीके से छेड़छाड़ कर अपलोड किया गया।
इस वेबसाइट के करीब 7 लाख सब्सक्राइबर थे। जब विवाद बढ़ा और प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर लोगों का गुस्सा उभरा, तब जाकर 28 अगस्त 2025 को इसे बंद किया गया।

बिना रोक-टोक के चलती रही वेबसाइट

महिलाओं की लगातार शिकायतों के बावजूद यह प्लेटफॉर्म लंबे समय से बिना रोक-टोक के चल रहा था। तस्वीरों को इस तरह एडिट किया गया था कि महिलाओं के शरीर के अंगों पर फोकस करके उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में दर्शाया गया।
वेबसाइट का वीआईपी सेक्शन उन हाई-प्रोफाइल महिलाओं की छेड़छाड़ की गई तस्वीरों से भरा था, जिन्हें क्लिक करने के लिए विशेष शुल्क देना पड़ता था। इस शर्मनाक कृत्य ने डिजिटल युग में महिला गरिमा की असुरक्षा को उजागर कर दिया।

जॉर्जिया मेलोनी का बयान: “जो हुआ, उससे मुझे नफरत है”

जॉर्जिया मेलोनी ने इटली के प्रमुख अखबार Corriere Della Sera को दिए बयान में कहा:

“जो कुछ भी हुआ है, उससे मुझे बेहद घृणा हो रही है। मैं उन सभी महिलाओं के साथ खड़ी हूं जिनका अपमान और शोषण किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2025 में भी कुछ लोग कीबोर्ड और गुमनामी के पीछे छिपकर महिलाओं को अपमानित करना सामान्य मानते हैं।”

उनकी यह टिप्पणी महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ती चिंता का स्पष्ट संदेश देती है।

साइबर क्राइम का नया रूप

इंटरनेट के इस युग में महिलाओं के खिलाफ अपराध के तौर-तरीके बदल चुके हैं। अब अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर महिलाओं की तस्वीरों को एडिट कर उन्हें वायरल कर देते हैं। यह न केवल उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मानसिक और सामाजिक तौर पर भी पीड़िताओं को गहरी चोट पहुंचाता है।
जॉर्जिया मेलोनी का यह गुस्सा इस बात का सबूत है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए सख्त कानूनों की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

यूरोप में डिजिटल सुरक्षा पर उठे सवाल

फिका प्लेटफॉर्म का मामला केवल इटली का नहीं है। यह घटना पूरे यूरोप में डिजिटल सुरक्षा और साइबर कानूनों की मजबूती पर सवाल उठा रही है।
यूरोपियन यूनियन ने पहले ही “डिजिटल सर्विस एक्ट” जैसे कानूनों को लागू किया है, जिसका मकसद इंटरनेट पर अश्लील और फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है। लेकिन जॉर्जिया मेलोनी का यह बयान दर्शाता है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके सख्त पालन की भी आवश्यकता है।

जॉर्जिया मेलोनी: महिला सशक्तिकरण की वैश्विक आवाज

जॉर्जिया मेलोनी को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री होने के नाते दुनिया भर में महिला नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। वे हमेशा महिला अधिकारों और पारिवारिक मूल्यों की हिमायती रही हैं।
इस घटना के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह संकल्प लिया है कि इस तरह के अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने इटली की न्यायपालिका से भी अपील की है कि महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों को गंभीरता से लिया जाए।

वेबसाइट मैनेजमेंट पर जांच

इटली के साइबर क्राइम यूनिट ने वेबसाइट बंद होने के बाद इसकी मैनेजमेंट टीम के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म ने न सिर्फ महिलाओं की प्राइवेसी का उल्लंघन किया, बल्कि इसे व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।
इस मामले में दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी मांगा गया है। जॉर्जिया मेलोनी के हस्तक्षेप के बाद यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बन गया है।

महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा पर बहस तेज

यह घटना सोशल मीडिया पर भी गुस्से का कारण बनी। हजारों यूजर्स ने जॉर्जिया मेलोनी का समर्थन किया और मांग की कि इंटरनेट पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तुरंत कार्रवाई हो।
कई मानवाधिकार संगठनों ने कहा कि महिलाओं की तस्वीरों का इस तरह से उपयोग करना उनकी गरिमा को नष्ट करने जैसा है, और इसके लिए सख्त अंतरराष्ट्रीय कानून बनाए जाने चाहिए।

साइबर अपराधों के खिलाफ सामूहिक लड़ाई की जरूरत

जॉर्जिया मेलोनी का यह रुख डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घटना बताती है कि इंटरनेट जितना अवसर देता है, उतने ही खतरनाक अपराधों का माध्यम भी बन चुका है। अब जरूरी है कि हर देश मिलकर साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, ताकि महिलाएं डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षित महसूस कर सकें।

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