हाइलाइट्स
- IGL Gas Pipeline में करंट दौड़ने से बच्ची को लगा जोरदार झटका, दीवार से चिपक गई 16 सेकंड तक
- यूपी के शामली जिले के मोहल्ला रेलपार में हुआ दर्दनाक हादसा
- मासूम को बचाने गई माँ को भी लगा करंट, फिर मामा ने जोखिम उठाकर बचाई जान
- हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों में IGL की लापरवाही को लेकर गुस्सा
- IGL अधिकारियों का दावा — “गैस पाइपलाइन से नहीं, घर की वायरिंग से आया करंट”
IGL Gas Pipeline में मासूम की जान पर बन आई, 16 सेकंड तक झेलती रही करंट
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक IGL Gas Pipeline से हुए करंट प्रवाह ने एक मासूम बच्ची की जान को संकट में डाल दिया। यह दिल दहला देने वाला हादसा मोहल्ला रेलपार में हुआ, जहाँ एक बच्ची सड़क किनारे चल रही थी और अचानक करंट की चपेट में आ गई। बच्ची लगभग 16 सेकंड तक करंट से जूझती रही और दीवार से चिपककर तड़पती रही।
पूरा घटनाक्रम पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गया और जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बच्ची को बचाने की कोशिश में माँ को भी लगा करंट
जब बच्ची करंट की चपेट में आई, तो उसकी चीख-पुकार सुनकर उसकी माँ तुरंत दौड़ी और बच्ची को छुड़ाने की कोशिश करने लगी। लेकिन जैसे ही उसने बच्ची को छूने की कोशिश की, उसे भी जोरदार झटका लगा। माँ ने दो बार कोशिश की लेकिन हर बार उसे करंट लगा और वह पीछे हट गई।
स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी, और देखते ही देखते लोग इकट्ठा हो गए।
जान जोखिम में डालकर मामा ने बचाई बच्ची की जान
हादसे के कुछ ही क्षण बाद बच्ची का मामा मौके पर पहुँचा। स्थिति को भांपते हुए उसने बिना देरी किए बच्ची को पकड़ा और झटके से खींचकर दूर ले गया। इस दौरान उसे भी हल्का झटका लगा, लेकिन वह बच्ची को बचाने में सफल रहा।
बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि वह खतरे से बाहर है लेकिन करंट के कारण उसके हाथों और पैरों में हल्की सूजन आ गई है।
IGL गैस पाइप लाइन में करंट दौड़ने से सड़क पर चलती एक मासूम बच्ची उसकी चपेट में आकर दीवार से चिपक गई और करीब 16 सेकंड तक करंट झेलती रही !!
यूपी के शामली के मोहल्ला रेलपार में दिल दहला देने वाला हादसा टल गया !!
उसे छुड़ाने की कोशिश में माँ को भी दो बार झटका लगा, तभी मौके पर… pic.twitter.com/VGo3WoQP3q
— MANOJ SHARMA LUCKNOW UP🇮🇳🇮🇳🇮🇳 (@ManojSh28986262) July 24, 2025
IGL Gas Pipeline से करंट कैसे दौड़ा? उठे कई सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गलियों में बिछाई गई IGL Gas Pipeline से ही करंट दौड़ा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। लोगों में गुस्सा है और उन्होंने IGL पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की माँग की है।
हालाँकि, IGL के क्षेत्रीय प्रबंधक ने सफाई देते हुए कहा,
“गैस पाइपलाइन से करंट नहीं आया, बल्कि पास के घर की वायरिंग में खराबी थी जिससे करंट पाइपलाइन में फैल गया। सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल लाइन को अस्थायी रूप से डिस्कनेक्ट कर दिया गया है।”
स्थानीय प्रशासन ने शुरू की जांच
जैसे ही घटना की जानकारी प्रशासन को मिली, स्थानीय नगर निगम और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुँची। उन्होंने पाइपलाइन और आसपास की विद्युत लाइनों की जांच शुरू कर दी है।
नगरपालिका अधिशासी अधिकारी ने बताया,
“जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मासूम की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर नाराजगी जताई है। लोग IGL Gas Pipeline के मेंटेनेंस पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंता का विषय हैं।
एक यूजर ने ट्वीट किया,
“अगर मामा मौके पर नहीं पहुँचते तो बच्ची की जान चली जाती, क्या यही सुरक्षा मानक हैं IGL के?”
IGL ने दी तकनीकी स्पष्टीकरण, लेकिन सवाल बाकी
IGL Gas Pipeline प्रबंधन ने जारी बयान में कहा है कि:
- पाइपलाइन में किसी भी प्रकार की करंट प्रवाहित नहीं होती है
- यह हादसा आस-पास की इलेक्ट्रीकल फॉल्ट की वजह से हुआ है
- सुरक्षा कारणों से पाइपलाइन को काट दिया गया है और विशेषज्ञ टीम जांच कर रही है
लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस पाइपलाइन की नियमित जांच नहीं होती और कई जगहों पर पाइपें खुले में हैं जो बच्चों और आम लोगों के लिए खतरा हैं।
हादसे ने खोली सिस्टम की पोल, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थलों पर बिछाई गई पाइपलाइनों और बिजली के तारों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है। अगर यह हादसा कुछ और सेकंड लंबा होता, तो एक मासूम की जान जा सकती थी।
इस बीच लोगों ने मांग की है कि –
- IGL को अपनी पूरी पाइपलाइन की इंसुलेशन जांच करानी चाहिए
- नगर निगम को हर घर की वायरिंग निरीक्षण शुरू करना चाहिए
- दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए
मासूम की जान बची, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेगा?
IGL Gas Pipeline हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर चूक है। सवाल यह है कि अगर आज मामा मौके पर न होते, तो क्या यह एक और मासूम की मौत बन जाती?
सरकार, IGL और स्थानीय प्रशासन को अब आँखें खोलनी होंगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।