हाइलाइट्स
- Lip Treatment के बाद उर्फ़ी जावेद के चेहरे‑पर असामान्य सूजन; इंस्टा वीडियो वायरल
- कॉस्मेटिक विशेषज्ञों ने गलत लिप फिलर व डिज़ॉल्व प्रक्रिया को बताया जोखिम भरा
- हायलूरोनिडेस इंजेक्शन से फिलर घुलता है, पर ब्लड‑वेसल ब्लॉकेज व अंधेपन का ख़तरा
- डॉक्टरों ने केवल प्रमाणित डर्मेटोलॉजिस्ट से ही Lip Treatment कराने की सलाह दी
- ट्रेंड के दबाव में बढ़ रहीं बिन सोचे सौंदर्य सर्जरी; आफ्टर‑केयर भी उतनी ही अहम
उर्फ़ी का Lip Treatment विवाद
सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फ़ी जावेद एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका फैशन नहीं बल्कि हाल ही में कराया गया Lip Treatment है। 24‑साल की इस इंटरनेट स्टार ने अपने होंठों का आकार सुधारने के लिए लिप‑फिलर को डिज़ॉल्व कराने का फ़ैसला किया। प्रक्रिया का वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें उनका चेहरा असामान्य रूप से सूजा दिखाई देता है।
इंस्टाग्राम रील में क्या दिखा?
रील की शुरुआती फ़्रेम में उर्फ़ी डॉक्टर की कुर्सी पर बैठी दिखती हैं, जहां Lip Treatment के तहत हायलूरोनिडेस नामक एंज़ाइम इंजेक्ट किया जाता है। दर्द से उनकी आँखों में आँसू आ जाते हैं और कुछ ही सेकेंड में होंठ व गाल फूल जाते हैं। वीडियो ने सौंदर्य प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी।
रील के बाद फ़ैन्स का रिएक्शन
पोस्ट के तुरंत बाद #UrfiJaved और #LipTreatment ट्रेंड करने लगे। कई यूज़र्स ने पारदर्शिता की तारीफ़ की, तो कुछ ने चेतावनी दी कि ऐसा Lip Treatment केवल अनुभवी सर्जन से ही कराया जाए। प्रभावित चेहरे की झलक ने लाखों दर्शकों को चौंका दिया।
Lip Treatment डिज़ॉल्व प्रक्रिया क्या है?
कॉस्मेटिक सर्जरी में “डिज़ॉल्व” शब्द तब इस्तेमाल होता है जब मरीज़ पुराना फिलर हटवाना चाहता है। इस Lip Treatment में हायलूरोनिडेस इंजेक्शन दिया जाता है, जो हायलूरोनिक‑एसिड आधारित फिलर को तोड़ देता है। प्रक्रिया तेज़ है, लेकिन साइड‑इफ़ेक्ट्स कम नहीं।
हायलूरोनिडेस का विज्ञान
हायलूरोनिडेस शरीर में प्राकृतिक रूप से भी मौजूद रहता है, पर उच्च सांद्रता में लगाया गया यह एंज़ाइम फिलर को मिनटों में घोल देता है। सही मात्रा व नसों की सटीक लोकेशन जानना अनिवार्य है—वरना Lip Treatment के दौरान फिलर रक्त‑धारा में चला गया तो नसों का अवरोध स्थायी क्षति पहुँचा सकता है।
दर्द, सूजन और संभावित जटिलताएँ
उर्फ़ी के केस में सूजन सामान्य से अधिक थी, जो इंजेक्शन‑साइट पर तीव्र प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का संकेत है। किसी भी Lip Treatment के बाद हल्की सूजन व नीले‑दाग़ आम हैं, पर अगर दर्द तीन दिन से ज़्यादा रहे या त्वचा काली पड़ने लगे, तो नेक्रोसिस का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय: कब फ़ायदेमंद, कब ख़तरनाक?
मुंबई‑स्थित डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पंकज चतुर्वेदी बताते हैं कि Lip Treatment सही हाथों में उम्र के निशान कम करने का असरदार तरीका है, मगर “एक गलत प्रिक भी ब्लड‑वेसल ब्लॉकेज कर सकता है और स्थायी अंधापन ला सकता है।”
गलत हाथों में Lip Treatment के परिणाम
ब्यूटी क्लीनिकों की संख्या बढ़ी है, गुणवत्ता नहीं। बिना प्रशिक्षित टीम के किए गए Lip Treatment में संक्रमण का जोखिम चार गुना बढ़ जाता है। सिंथेटिक या अवैध फिलर से ग्रेन्युलोमा—यानी कठोर गांठें—बन सकती हैं, जिन्हें भविष्य में सर्जरी से निकालना पड़ता है।
कानूनी व नैतिक ज़िम्मेदारियाँ
भारत में कॉस्मेटिक प्रक्रियाएँ अब भी “Elective” श्रेणी में आती हैं। क्लीनिकों को CDSCO‑अनुमोदित दवाइयाँ व उपकरण ही इस्तेमाल करने होते हैं, लेकिन ऑन‑लाइन विज्ञापनों की बाढ़ में यह नियम कई बार नज़रअंदाज़ हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि Lip Treatment से पहले डॉक्टर की एम‑सीआई रजिस्ट्रेशन संख्या व क्लिनिक की स्टेरिलाइज़ेशन प्रोटोकॉल जाँचना मरीज़ का अधिकार है।
सौंदर्य की दौड़ बनाम स्वास्थ्य की कीमत
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंस्टाग्राम फिल्टर कल्चर ने “परफ़ेक्ट लुक” का अवास्तविक मानक बना दिया है। नतीजन युवा जल्दबाज़ी में Lip Treatment जैसी आक्रामक प्रक्रियाएँ चुन रहे हैं।
सोशल मीडिया दबाव और युवा
एक हालिया सर्वे में 62 % जेन‑ज़ेड प्रतिभागियों ने माना कि वे सेल्फ़ी में बड़े होंठ दिखाने के लिए Lip Treatment पर विचार कर चुके हैं। विशेषज्ञ चेताते हैं कि यह ट्रेंड शरीर‑स्वीकृति (Body Positivity) को कमजोर करता है और डिप्रेशन व डिस्मॉर्फिया को जन्म दे सकता है।
सुरक्षित Lip Treatment के लिए चेकलिस्ट
- केवल बोर्ड‑सर्टिफ़ाइड डर्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन से अपॉइंटमेंट लें।
- प्रक्रिया से पहले एलर्जी टेस्ट व मेडिकल हिस्ट्री साझा करें।
- Lip Treatment के बाद 48 घंटे तक धूम्रपान, शराब व गर्म स्नान न करें।
- बर्फ़ से हल्की सिकाई करें और स्तरीय दर्दनाशी दवा लें।
- तीन दिनों में सूजन कम न हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
उर्फ़ी जावेद का ताज़ा अनुभव याद दिलाता है कि सौंदर्य प्रसाधन तेज़ नतीजे दे सकते हैं, पर हर Lip Treatment में सावधानी उतनी ही ज़रूरी है। सही जानकारी, योग्य डॉक्टर और ज़िम्मेदार आफ्टर‑केयर ही वह रास्ता हैं, जो ट्रेंड को त्रासदी बनने से रोक सकते हैं।