हाइलाइट्स
- Pappu Yadav Threat: पारस अस्पताल हत्याकांड से जुड़े मामले में सांसद पप्पू यादव को मिली फोन पर जान से मारने की धमकी।
- धमकी देने वाले ने फोन पर कहा, “अगर इस केस से पीछे नहीं हटे, तो जान से हाथ धो बैठोगे।”
- पप्पू यादव ने कहा – “मैं पीछे हटने वालों में नहीं, अगर न्याय की लड़ाई है तो जान भी कुर्बान कर दूंगा।”
- घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप, सांसद की सुरक्षा बढ़ाई गई।
- पारस अस्पताल में हुई रहस्यमयी मौत की जांच की मांग को लेकर पप्पू यादव लगातार दबाव बना रहे थे।
पारस अस्पताल पहुंचते ही आया कॉल, धमकी से मचा हड़कंप
Pappu Yadav Threat का यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद पप्पू यादव पारस अस्पताल में हुई एक रहस्यमयी मौत के मामले की जांच को लेकर अस्पताल पहुंचे। जैसे ही वे अस्पताल के अंदर दाखिल हुए, उनके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया और दूसरी तरफ से सख्त चेतावनी दी गई—”इस मामले से पीछे हट जाओ, वरना जान से जाओगे।”
यह धमकी भरा कॉल मात्र एक चेतावनी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र और न्याय की आवाज को दबाने की एक घिनौनी कोशिश थी।
पारस अस्पताल में हुई थी संदिग्ध मौत, पप्पू यादव कर रहे थे न्याय की मांग
मामला क्या है?
पारस अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अनावश्यक बिलिंग के कारण युवक की जान गई। यह मामला पूरे पूर्णिया और बिहार में सुर्खियों में है।
पप्पू यादव ने स्वयं इस मुद्दे को उठाया और कहा कि यदि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से किसी की जान गई है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद ने क्या कहा?
पप्पू यादव ने धमकी के बाद कहा—
“मुझे डराकर कोई रोक नहीं सकता। मैंने जीवन भर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ता रहूंगा। अगर किसी मासूम की जान अस्पताल की गलती से गई है, तो जिम्मेदारों को सजा जरूर मिलेगी।”
उनके इस बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे दबाव में आने वालों में से नहीं हैं।
पुलिस-प्रशासन में मची हलचल, सुरक्षा बढ़ाई गई
धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस महकमा हरकत में आ गया। सांसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कॉल ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को लगाया गया है।
कौन है कॉल करने वाला?
सूत्रों के अनुसार, कॉल किसी प्राइवेट VOIP (Voice Over Internet Protocol) से किया गया था, जिससे ट्रैकिंग में मुश्किल हो रही है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि “जल्द ही हम धमकी देने वाले तक पहुंच जाएंगे।”
जनता का समर्थन, सोशल मीडिया पर उबाल
Pappu Yadav Threat को लेकर ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पप्पू यादव को भारी समर्थन मिल रहा है।
लोग कह रहे हैं—
- “पप्पू यादव एक सच्चे जननेता हैं, उन्हें डराने की कोशिश करने वाले नाकाम होंगे।”
- “जो नेता जनता के लिए जान हथेली पर लेकर चलता है, उसे धमकियां नहीं डरा सकतीं।”
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को मिली धमकी। पारस अस्पताल में हुई हत्या के मामले से हट जाने की दी गई सलाह। अपराधियों ने फोन कर पप्पू यादव को इस मामले से दूर रहने की चेतावनी दी। पारस अस्पताल पहुंचने के बाद आया धमकी भरा कॉल।#पप्पूयादव #पूर्णिया #पारसहॉस्पिटलमर्डर #धमकी #बिहारक्राइम… pic.twitter.com/9JlNpNWFhi
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) July 17, 2025
पारस अस्पताल की चुप्पी, सवालों के घेरे में प्रबंधन
जहां पप्पू यादव इस पूरे मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन इस विषय पर चुप्पी साधे हुए है।
अस्पताल ने कोई प्रेस रिलीज नहीं जारी की
पारस अस्पताल के किसी भी अधिकारी ने न तो मीडिया को कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही अब तक किसी जांच की अनुमति दी है, जिससे संदेह और गहरा रहा है।
क्या यह किसी बड़े रैकेट की शुरुआत है?
Pappu Yadav Threat का संबंध केवल एक मामले तक सीमित नहीं हो सकता।
कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—
“अगर पप्पू यादव जैसे कद्दावर नेता को खुलेआम धमकियां मिल रही हैं, तो यह किसी संगठित अपराध या मेडिकल माफिया की ओर इशारा करता है।”
पप्पू यादव की चुनौती— “अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं”
सांसद ने ऐलान किया है कि वे इस लड़ाई को विधानसभा और संसद तक लेकर जाएंगे।
उन्होंने कहा—
“जो लोग मुझे चुप कराना चाहते हैं, उन्हें जान लेना चाहिए कि मैं अपने सिद्धांतों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं।”
Pappu Yadav Threat का यह मामला अब सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनसंवेदनशीलता की परीक्षा बन गया है।
अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा या पप्पू यादव को अकेले इस लड़ाई को लड़ना होगा।