जमीन के लिए खून! छोटे भाई ने कार से कुचल डाला पूरा परिवार, सीसीटीवी में कैद हुई सनसनीखेज वारदात

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हाइलाइट्स

  • Property Dispute के चलते छोटे भाई ने बड़े भाई के परिवार पर जानलेवा हमला किया
  • यह दर्दनाक घटना पंजाब के गट्टी जट्टा गाँव में हुई, जो धर्मकोट कस्बे के पास स्थित है
  • आरोपी दिलबाग सिंह ने पहले माता-पिता को घर से निकाला, अब भाई पर हमला
  • घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई, जिससे पूरा मामला हुआ उजागर
  • पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया

घटना की पृष्ठभूमि: जब पारिवारिक रिश्ते बने दुश्मनी का मैदान

पंजाब के मोगा जिले के धर्मकोट कस्बे के अंतर्गत आने वाले गट्टी जट्टा गाँव में एक ऐसा property dispute सामने आया है, जिसने इंसानी संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया। जहाँ एक समय माँ-बाप और बेटे एक ही छत के नीचे रहते थे, आज वहाँ खून बह रहा है।
इस संपत्ति विवाद ने तब विकराल रूप ले लिया जब छोटे बेटे दिलबाग सिंह ने अपने ही सगे बड़े भाई बलविंदर सिंह और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर डाला।

हत्या का प्रयास: तेज रफ्तार कार से कुचला पूरा परिवार

14 जुलाई की दोपहर बलविंदर सिंह अपने घर के गेट के पास अपनी पत्नी और बेटी के साथ खड़े थे। तभी वहाँ पहुंचे दिलबाग सिंह और उसकी पत्नी।
पहले उन्होंने पत्नी को कार से उतारा, फिर तेज रफ्तार में कार चलाकर सीधे अपने भाई के पूरे परिवार को कुचल दिया।
घटना इतनी अचानक और भयानक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हमले में तीनों—बलविंदर, उनकी पत्नी और बेटी—गंभीर रूप से घायल हो गए।

CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज

इस property dispute से जुड़ी इस वीभत्स घटना की पूरी कहानी पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।
वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे कार सीधे परिवार की ओर मोड़ी गई और टक्कर के बाद भी रुकी नहीं।
फुटेज के वायरल होने के बाद पूरे गाँव में सनसनी फैल गई और लोगों में आक्रोश की लहर दौड़ गई।

इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक

घटना के तुरंत बाद शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और घायलों को मोगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है। बलविंदर सिंह को सिर में गहरी चोटें आई हैं जबकि उनकी पत्नी की हड्डियाँ टूट गई हैं। बेटी को भी ICU में रखा गया है।

पुलिस की कार्रवाई: मामला दर्ज, जांच जारी

मोगा के डीएसपी रमनदीप सिंह ने मीडिया को बताया कि बलविंदर सिंह के बयान के आधार पर आरोपी दिलबाग सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या के प्रयास (Section 307 IPC) सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा है कि यह मामला एक गंभीर property dispute का परिणाम है, जिसकी जड़ें काफी पुरानी हैं।

संपत्ति का विवाद: माँ-बाप को भी निकाल चुका था दिलबाग

बलविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता सुरजीत सिंह के तीन बेटे हैं। कुछ समय पहले तक सुरजीत सिंह अपने छोटे बेटे दिलबाग के साथ रहते थे।
लेकिन जब संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ा, तो दिलबाग ने अपने ही माता-पिता को घर से निकाल दिया।
इसके बाद बुजुर्ग माता-पिता ने अपने बड़े बेटे बलविंदर के साथ रहना शुरू किया। बस यहीं से दिलबाग के अंदर नफरत और बदले की भावना जन्म लेने लगी।

गाँव में तनाव का माहौल, पुलिस बल तैनात

इस property dispute से जुड़ी घटना के बाद गाँव में तनाव का माहौल है।
ग्रामीणों की भारी भीड़ बलविंदर सिंह के घर के बाहर जमा हो गई। कुछ लोगों ने आरोपी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गाँव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

क्या कहता है मनोविज्ञान? संपत्ति विवाद कैसे बनता है हिंसा का कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, property dispute पारिवारिक संबंधों में दरार पैदा करने वाला एक प्रमुख कारण बन चुका है।
डॉ. हरप्रीत कौर, एक मनोवैज्ञानिक, कहती हैं—”जब भावनात्मक जुड़ाव से ज्यादा अहमियत संपत्ति को मिलने लगती है, तब इंसान रिश्तों को ताक पर रखकर क्रूरता पर उतर आता है।”

आंकड़ों की नजर में संपत्ति विवाद के कारण होने वाली हिंसा

  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, भारत में हर साल औसतन 7,000 से अधिक आपराधिक मामले केवल संपत्ति विवाद से जुड़ते हैं
  • पंजाब में पिछले 5 वर्षों में property dispute के कारण 25% घरेलू हिंसा के मामले दर्ज किए गए हैं।
  • इनमें से अधिकतर मामले ग्रामीण इलाकों से सामने आए हैं, जहाँ जमीन और संपत्ति पारिवारिक संपत्ति का मुख्य आधार होती है।

समाधान की राह: बातचीत, मध्यस्थता और कानूनी समझ

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के property dispute को सुलझाने के लिए समय रहते विवाद निवारण समितियों, पारिवारिक मध्यस्थता और कानूनी सलाह का सहारा लेना चाहिए।
इससे एक तरफ परिवार की एकता बच सकती है, और दूसरी तरफ हिंसक घटनाओं को टाला जा सकता है।

जब ज़मीन रिश्तों से ऊपर हो जाए

गट्टी जट्टा की यह घटना सिर्फ एक property dispute नहीं, बल्कि उस सामाजिक विघटन का उदाहरण है जहाँ रिश्ते, भावनाएँ और परंपराएँ संपत्ति की दौड़ में कुचले जा रहे हैं।
आज आवश्यकता है सामाजिक जागरूकता की, कानूनी समझ की और सबसे अधिक, पारिवारिक संवाद की।

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