पूरे देश में मचा बवाल: मेरठ के युवक ने बाबा साहब अंबेडकर के झंडे पर रखा पैर, वायरल वीडियो से भड़का जन आक्रोश

Latest News

हाइलाइट्स

  • मेरठ के युवक का Ambedkar Insult Video सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है
  • वीडियो में बाबा साहब अंबेडकर के झंडे पर जानबूझकर पैर रखते हुए दिखा युवक
  • दलित संगठनों में भारी आक्रोश, पुलिस से की गई सख्त कार्यवाही की मांग
  • आरोपी की पहचान हार्दिक पंडित के रूप में हुई, ट्विटर पर लोगों ने जताया गुस्सा
  • @Uppolice को टैग कर कई यूजर्स ने कार्यवाही के लिए सरकार पर बनाया दबाव

वीडियो वायरल होने के बाद उपजा विवाद

सोशल मीडिया पर बीते 24 घंटे में एक वीडियो ने तूफान मचा दिया है, जिसे Ambedkar Insult Video के नाम से वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में मेरठ का रहने वाला एक युवक, जिसका नाम हार्दिक पंडित बताया जा रहा है, बाबा साहब अंबेडकर के प्रतीक झंडे पर जानबूझकर अपना पैर रखता हुआ नजर आता है।

यह वीडियो जैसे ही ट्विटर और फेसबुक पर सामने आया, दलित संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया। इसे न सिर्फ अंबेडकरवादियों ने, बल्कि संविधान को मानने वाले हर नागरिक ने देश के संविधान निर्माता का अपमान बताया है।

कौन है हार्दिक पंडित?

 युवक की पहचान और पृष्ठभूमि

वायरल Ambedkar Insult Video में दिख रहे युवक की पहचान हार्दिक पंडित के रूप में की गई है, जो मेरठ के शास्त्री नगर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता चला कि वह पहले भी आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करता रहा है और खुद को “हिंदू राष्ट्र समर्थक” बताता है।

वीडियो में हार्दिक खुलेआम अंबेडकर झंडे पर पैर रखकर हंसता है और इसे “अभिव्यक्ति की आज़ादी” कहता है।

सोशल मीडिया पर गुस्से की आग

 ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रतिक्रिया

Ambedkar Insult Video वायरल होने के बाद ट्विटर पर #ArrestHardikPandit ट्रेंड करने लगा। हजारों लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस (@Uppolice) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।

एक ट्विटर यूजर ने लिखा:
“अगर अंबेडकर का झंडा अपमानित हो सकता है, तो क्या कोई कानून बचा है? @Uppolice तत्काल कार्यवाही करें।”

संविधान और बाबा साहब का अपमान – कितना बड़ा अपराध?

 भारतीय दंड संहिता और SC/ST एक्ट की धाराएं

Ambedkar Insult Video को लेकर यह बहस भी छिड़ गई है कि क्या इसे सिर्फ “अनैतिक” मानना पर्याप्त है या फिर यह SC/ST Act और IPC की धारा 153A, 295A के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी प्रतीक या विचारधारा को निशाना बनाकर समुदाय विशेष को अपमानित किया जाए, तो यह संज्ञेय अपराध है और पुलिस तत्काल FIR दर्ज कर सकती है।

पुलिस की कार्रवाई – अब तक क्या हुआ?

मेरठ पुलिस ने Ambedkar Insult Video का संज्ञान लेते हुए युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) ने प्रेस को जानकारी दी कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

हालांकि, दलित संगठनों ने यह कहकर विरोध जताया कि सिर्फ हिरासत नहीं, आरोपी पर SC/ST Act के तहत मुकदमा चलाया जाए।

दलित संगठनों की सख्त प्रतिक्रिया

 धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन

मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में Ambedkar Insult Video के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किए गए। भीम आर्मी, BAMCEF और कई स्थानीय संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और केस दर्ज करने की मांग की।

विश्लेषण: आखिर क्यों बार-बार निशाना बनते हैं बाबा साहब अंबेडकर?

यह कोई पहला मामला नहीं है जब अंबेडकर और उनके प्रतीकों को निशाना बनाया गया हो। यह एक चिंताजनक सामाजिक प्रवृत्ति है, जिसमें विचारधारा के मतभेदों को नफरत में बदला जा रहा है।

संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर का योगदान किसी जाति विशेष तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारत को लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और समतावादी राष्ट्र बनाने के लिए संविधान दिया, जिसकी रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

समाप्ति से पहले – क्या यह चेतावनी नहीं है?

Ambedkar Insult Video महज एक वीडियो नहीं, यह हमारे समाज की उस सड़ांध को दिखाता है, जिसमें अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर नफरत फैलाना आसान हो गया है। क्या हम ऐसे युवाओं को सिर्फ “भ्रमित” कहकर छोड़ देंगे या संविधान का अपमान करने वालों पर सख्त कार्यवाही करेंगे?

देश आज बाबा साहब अंबेडकर के विचारों की सबसे ज्यादा ज़रूरत के दौर से गुजर रहा है, जहां समता, न्याय और सम्मान ही सच्ची भारतीयता का परिचायक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *