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25 शादियां, करोड़ों की ठगी… फिर BJP विधायक के घर तक पहुंचा रिश्ता! समधी का ऐसा राज खुला कि दर्ज हो गई FIR



सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से सामने आया कथित मैट्रिमोनियल फ्रॉड का मामला इन दिनों चर्चा में है। मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव निवासी अनुज त्रिवेदी पर आरोप है कि उसने अलग-अलग पहचान और वैवाहिक विज्ञापनों का इस्तेमाल करके कई महिलाओं को शादी के जाल में फंसाया और उनसे लाखों रुपये व जेवर ठगे। पुलिस जांच के हवाले से सामने आई जानकारी में पीड़ित महिलाओं की संख्या 25 से अधिक बताई गई है और ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस ने आरोपी को 24 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था।

इस मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी तब सामने आई, जब पता चला कि आरोपी के बेटे प्रखर त्रिवेदी की शादी सीतापुर के सेवता विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी से हुई थी। विधायक ने सोशल मीडिया पर सामने आकर कहा कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी बेटी की शादी मिश्रिख निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर से परिवार की जानकारी लेने के बाद की थी, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनके परिवार के साथ भी धोखा हुआ है।

हालांकि, विधायक के परिवार से जुड़ी बातों और आरोपी के कथित अपराधों के बीच कानूनी रूप से क्या संबंध है, यह जांच का विषय है। विधायक ने आरोपी परिवार से संबंध खत्म करने की बात कही है।

अखबार के वैवाहिक विज्ञापन से शुरू होता था कथित खेल

महाराष्ट्र पुलिस की जांच से सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए वैवाहिक विज्ञापनों का सहारा लेता था। आरोप है कि वह ऐसी महिलाओं को निशाना बनाता था जो शादी के लिए परिवार का सहारा तलाश रही थीं।

शादी का रिश्ता लेकर आरोपी पहले परिवार का भरोसा जीतता था। इसके बाद शादी की प्रक्रिया आगे बढ़ती और कथित तौर पर शादी के बाद आर्थिक मदद, संपत्ति या किसी दूसरे बहाने से पैसे और जेवर हासिल किए जाते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अलग-अलग मौकों पर कई नामों का इस्तेमाल किया। रिपोर्टों में अजय अग्रवाल, अजय, संतोष सिंह, जयप्रकाश और रमेश चंद्र गुप्ता जैसे नामों का उल्लेख किया गया है। ग्रेटर नोएडा में गिरफ्तारी के समय भी उसके पास कथित तौर पर अलग पहचान से जुड़े दस्तावेज होने की बात सामने आई।

25 महिलाओं से शादी का दावा

इस मामले में सबसे बड़ा दावा यही है कि आरोपी ने एक-दो नहीं, बल्कि 25 से ज्यादा महिलाओं को शादी के नाम पर कथित तौर पर ठगा।

महाराष्ट्र पुलिस से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में सामने आए मामलों को जोड़ने पर पीड़ित महिलाओं की संख्या 25 से अधिक बताई गई है। अलग-अलग जगहों पर शिकायतें और मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

पुलिस जांच में सामने आए एक मामले में ठाणे क्षेत्र की एक महिला से कथित तौर पर करीब 97 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें नकद रकम के साथ बड़ी मात्रा में सोना भी शामिल था।

बताया गया है कि आरोपी ने पीड़िता के परिवार को फ्लैट बेचने और नया मकान बनवाने जैसे वादों के जरिए पैसे देने के लिए राजी किया। एक मामले में करीब 82 लाख रुपये और 33 तोला सोना लेने का आरोप भी सामने आया है।

75 साल की महिला की शिकायत से खुलने लगी परतें

मामले की जांच की शुरुआत महाराष्ट्र के ठाणे जिले से जुड़े एक मामले से हुई बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 4 मार्च 2022 को नयानगर थाने में 75 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के माध्यम से उसकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और बाद में उससे शादी की। इसके बाद कथित तौर पर आर्थिक धोखाधड़ी की गई।

यहीं से पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जैसे-जैसे आरोपी की पहचान और गतिविधियों की जानकारी सामने आई, जांचकर्ताओं को अलग-अलग महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों का भी पता चला।

यानी जिस मामले को शुरुआत में एक परिवार के साथ धोखाधड़ी माना जा रहा था, जांच आगे बढ़ने पर कथित तौर पर एक बड़े पैटर्न की तस्वीर सामने आने लगी।

लखनऊ से शुरू हुआ सफर, फिर नोएडा में रियल एस्टेट

आरोपी के कथित अतीत को लेकर सामने आई जानकारी में बताया गया है कि उसने करीब 27 साल पहले लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम शुरू किया था।

बाद में उसने सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी का काम शुरू किया। इसके बाद वह नोएडा चला गया, जहां रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार में प्रवेश करने की बात सामने आई है।

बाद के दौर में अनुज और उसके बेटे प्रखर के ऑनलाइन वैवाहिक संपर्कों के जरिए रिश्ते तलाशने की बात भी जांच में सामने आई है। आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग नामों और पहचानों का इस्तेमाल कर कई शादियां की गईं।

हालांकि, आरोपी के बेटे की कथित ठगी में वास्तविक भूमिका क्या थी, यह अभी जांच का विषय है। केवल पारिवारिक संबंध के आधार पर किसी व्यक्ति को आरोपी मानना उचित नहीं होगा।

भाजपा विधायक ने बेटी के साथ आकर कही बड़ी बात

मामले में राजनीतिक चर्चा तब बढ़ गई जब सेवता विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी का नाम सामने आया।

रिपोर्टों के मुताबिक, विधायक ने फेसबुक लाइव में अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ इस मामले पर बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में उनकी बेटी की शादी प्रखर से हुई थी और शादी से पहले परिवार के बारे में जानकारी ली गई थी।

अब आरोपी अनुज की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सामने आए आरोपों के बाद विधायक ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके परिवार के साथ भी धोखा हुआ है।

विधायक ने अपनी बेटी से आरोपी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही और महिलाओं के साथ कथित धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी फिलहाल जेल में है और उनके परिवार का अब उस परिवार से कोई संबंध नहीं है।

पीड़िताओं ने दिया ‘यूपी का रावण’ नाम

मामले में सामने आई कुछ पीड़ित महिलाओं ने आरोपी के लिए बेहद गंभीर शब्दों का इस्तेमाल किया है। जानकारी के अनुसार, कुछ पीड़िताओं ने उसे ‘यूपी का रावण’ तक कहा।

महिलाओं का आरोप है कि वह अलग-अलग पहचान के साथ उनके सामने आता था और शादी के बाद आर्थिक लाभ हासिल करता था।

एक और चौंकाने वाला आरोप यह है कि आरोपी अपने बेटे प्रखर को भी कथित तौर पर अलग नाम से परिचित कराता था। रिपोर्टों में ‘अविरल’ नाम का उल्लेख किया गया है।

अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल व्यक्तिगत धोखाधड़ी नहीं, बल्कि पहचान छिपाकर लंबे समय तक कथित रूप से चलाए गए बड़े मैट्रिमोनियल फ्रॉड की दिशा में जा सकता है।

24 मई को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तारी

महाराष्ट्र पुलिस ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद आरोपी को 24 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय वह कथित तौर पर अलग पहचान के साथ रह रहा था।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने जांच के दौरान उसके कथित फर्जी नामों और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। इसके अलावा मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच की गई।

गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा और अलग-अलग राज्यों में सामने आए मामलों को आपस में जोड़ने की कोशिश शुरू हुई।

आरोपी की संपत्तियों की जानकारी जुटाने की मांग

अनुज की गिरफ्तारी के बाद कुछ पीड़ित महिलाएं सीतापुर के चंद्रावल गांव भी पहुंचीं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने आरोपी की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के बाद प्रशासन से उसकी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की।

पीड़िताओं ने एडीएम आयुष चौधरी को ज्ञापन दिए जाने की बात भी सामने आई है।

ऐसी मांगों के पीछे पीड़ित महिलाओं का उद्देश्य कथित तौर पर ठगी गई रकम और संपत्ति की भरपाई का रास्ता तलाशना है। हालांकि, किसी संपत्ति की जब्ती या कुर्की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकती है।

इस मामले ने मैट्रिमोनियल विज्ञापनों पर उठाए सवाल

इस पूरे मामले ने शादी के लिए अखबारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले वैवाहिक विज्ञापनों की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

आज के समय में शादी के लिए इंटरनेट और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आम हो चुका है। लेकिन किसी भी व्यक्ति की पहचान और आर्थिक स्थिति की जानकारी केवल उसके द्वारा दिए गए दस्तावेजों या दावों के आधार पर स्वीकार करना जोखिम भरा हो सकता है।

शादी से पहले परिवार, नौकरी, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, पता और पहचान से जुड़ी जानकारी स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है। खासकर जब सामने वाला व्यक्ति जल्दी शादी करने या आर्थिक लेनदेन का दबाव बनाए तो अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो जाता है।

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

महाराष्ट्र पुलिस और अन्य एजेंसियों के सामने अब कई अहम सवाल हैं।

क्या वास्तव में 25 से अधिक महिलाओं को एक ही तरीके से निशाना बनाया गया? अलग-अलग पहचान और नामों का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था? कथित ठगी से कितनी रकम हासिल हुई? क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी? उसके बेटे की भूमिका क्या थी? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज मामलों के पीछे एक ही व्यक्ति और एक ही नेटवर्क था?

इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल अनुज त्रिवेदी पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला कई राज्यों तक चर्चा में पहुंच गया है। लेकिन किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी होता है।

मामले की जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, पीड़ित महिलाओं के बयान, बैंक लेनदेन, वैवाहिक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

25 से अधिक महिलाओं से कथित शादी, करोड़ों की ठगी, अलग-अलग पहचान और फिर एक बड़े राजनीतिक परिवार से रिश्तेदारी—इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यही है कि जिस व्यक्ति पर इतने बड़े मैट्रिमोनियल फ्रॉड का आरोप लगा, उसका संबंध एक विधायक के परिवार तक भी पहुंच गया। अब जांच ही बताएगी कि इस कथित शादी वाले जाल की असली सीमा कितनी बड़ी थी और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।

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