मोदी जी को नारायण मानकर चुना था... 4 हजार पेड़ों की कटाई पर रोती महिला का VIDEO वायरल, ऋषिकेश में बवाल
ऋषिकेश: सड़क परियोजना के लिए हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में स्थानीय लोगों का आंदोलन, सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो चर्चा में
उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला रोते हुए सरकार से पेड़ों को बचाने की अपील करती दिखाई देती है। वीडियो के साथ कई राजनीतिक टिप्पणियां भी साझा की जा रही हैं, जिनमें सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यह तथ्य सामने आया है कि ऋषिकेश-भानियावाला सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हजारों पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव के विरोध में पिछले कई दिनों से स्थानीय नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और विभिन्न संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
विवाद ऋषिकेश-भानियावाला सड़क के प्रस्तावित फोरलेन विस्तार से जुड़ा है। इस परियोजना के लिए लगभग 4,369 पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई थी। परियोजना का उद्देश्य सड़क चौड़ी करना और यातायात को सुगम बनाना बताया गया है। दूसरी ओर पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे शिवालिक क्षेत्र और हाथी कॉरिडोर की जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ेगा।
पेड़ों से लिपटकर किया विरोध
पिछले कई दिनों से प्रदर्शनकारी पेड़ों से चिपककर कटाई रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस आंदोलन की तुलना कई लोगों ने ऐतिहासिक चिपको आंदोलन से भी की है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं, बुजुर्ग, छात्र और पर्यावरण कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कई प्रदर्शनकारियों की आंखों में आंसू भी देखे गए, जबकि कुछ लोगों ने पेड़ों को गले लगाकर कटाई रोकने का प्रयास किया।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला भावुक होकर कहती सुनाई देती है कि उन्होंने नेताओं को "नारायण" मानकर चुना था, लेकिन अब पेड़ों की कटाई से वे बेहद दुखी हैं।
रोती बिलखती महिला कह रही है नारायण के रूप में चुना है मोदी जी को, इन सबको हमने नारायण के रूप में चुना है!
— MANOJ SHARMA LUCKNOW UP🇮🇳🇮🇳🇮🇳 (@ManojSh28986262) July 18, 2026
BJP सरकार उत्तराखंड के ऋषिकेश में डेवलपमेंट के नाम पर करीब 4,000 पेड़ काट रही है!
स्थानीय लोग इस फैसले से नाखुश हैं!
इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस रोक रही है… pic.twitter.com/6nLYP5Ubtk
वीडियो के साथ यह दावा भी किया जा रहा है कि विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं और विरोध कर रहे लोगों की आवाज दबाई जा रही है।
हालांकि वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान तथा उसके सभी बयानों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया तथा कुछ के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्य में बाधा रोकने के लिए कार्रवाई की गई। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध को रोका जा रहा है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि पुलिस की मौजूदगी में पेड़ों की कटाई दोबारा शुरू कराई गई।
मुख्यमंत्री ने फिलहाल कटाई पर लगाई रोक
लगातार विरोध और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित पक्षों के साथ चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस फैसले को प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस परियोजना को लेकर कानूनी लड़ाई भी चली।
हाल के दिनों में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सड़क परियोजना पर रोक लगाने से इनकार किया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि जनविरोध बढ़ने के बाद सरकार ने पेड़ों की कटाई अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया।
पर्यावरण बनाम विकास की बहस
यह पूरा मामला एक बार फिर उस बहस को सामने ले आया है जिसमें विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दिखाई देती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क विस्तार आवश्यक हो सकता है, लेकिन इसके लिए ऐसे विकल्प तलाशे जाने चाहिए जिनसे कम से कम पेड़ों की कटाई हो और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
दूसरी ओर सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारी बेहतर सड़क संपर्क, यातायात सुविधा और क्षेत्रीय विकास को इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के समर्थन में लिख रहे हैं कि पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जबकि अन्य का कहना है कि विकास परियोजनाओं की भी आवश्यकता है और दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
ऋषिकेश-भानियावाला सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन वास्तविक है और हजारों पेड़ों की प्रस्तावित कटाई को लेकर स्थानीय लोगों तथा पर्यावरण संगठनों ने लगातार आंदोलन किया है। पुलिस कार्रवाई और कुछ प्रदर्शनकारियों की हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्टें सामने आई हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसके साथ साझा की जा रही राजनीतिक टिप्पणियां संबंधित पोस्ट करने वालों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने और सभी हितधारकों से चर्चा करने की घोषणा के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

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