हाइलाइट्स
- • उज्जैन गैंग ने साधु का रूप धारण कर दो दिनों में कई वारदातें कीं
- • फिल्मी स्टाइल में कारों के आगे कूदकर श्रद्धालुओं को डराया जाता था
- • आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर लोगों से कीमती सामान ऐंठ लेते थे
- • पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों को दबोचा
- • इलाके में फैले डर के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली
उज्जैन गैंग का नया रूप: साधु के भेष में सड़क पर खड़े ‘तांत्रिक’
मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. उज्जैन गैंग ने अपराध करने का ऐसा तरीका अपनाया, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और चिंतित भी. यह उज्जैन गैंग शहर की सड़कों पर साधु का रूप धरकर घूमता था और अपने आपको तंत्र-मंत्र जानने वाला बताता था. उनका दावा होता कि वे किसी भी व्यक्ति को श्राप दे सकते हैं और सामने वाले को तुरंत भस्म कर सकते हैं.
यह उज्जैन गैंग अक्सर भीड़भाड़ वाले रास्तों पर अचानक कारों के आगे कूद जाता था. फिर ड्राइवर घबरा कर रुकता और तभी यह गिरोह अपना डरावना खेल शुरू करता. आरोपी ऊंची आवाज में चिल्लाते—“अगर आगे बढ़े तो भस्म कर दूंगा!”
उनकी आवाज, अभिनय और साधु जैसा रूप देखकर श्रद्धालु डर जाते और यही डर उज्जैन गैंग की कमाई का रास्ता बन जाता था.
दो दिनों में दो वारदातें, पुलिस हरकत में आई
पिछले दो दिनों में इस उज्जैन गैंग ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दो बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम दिया. दोनों ही मामलों में तरीका बिल्कुल एक जैसा था. पीड़ित श्रद्धालुओं ने बताया कि वह साधु समझकर रुके थे, लेकिन रुके ही नहीं कि उनसे पैसे, अंगूठी, मोबाइल और सोने की चेन तक निकलवा ली गई.
पहली शिकायत महाकाल क्षेत्र से मिली. अगले दिन दूसरा मामला नानाखेड़ा जोन से सामने आया.
दो वारदातें लगातार होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की. कई CCTV फुटेज खंगाले गए और धीरे-धीरे उज्जैन गैंग की पूरी चाल सामने आ गई.
कैसे पकड़ में आया उज्जैन गैंग: पुलिस की रणनीति और जाल
पुलिस को पहली अहम सुराग एक फुटेज से मिला, जिसमें तीन युवक साधु के भेष में दिखाई दे रहे थे. उनके कपड़े, मूंछ, दाढ़ी सब नकली थे. एक युवक तो कार के आगे गिरता हुआ भी दिखा.
इसके बाद पुलिस ने उन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जहां ये घटनाएं हुई थीं. एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उस मंदिर परिसर के पास घेराबंदी की, जहां उज्जैन गैंग अक्सर शाम के समय लोगों को निशाना बनाता था.
जैसे ही आरोपी उसी अंदाज में एक कार के आगे कूदे, पुलिस ने मौके पर ही उन्हें दबोच लिया. आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करते हुए फिर उसी तरह चिल्लाने लगे—“हमें मत छुओ, वरना भस्म हो जाओगे!”
लेकिन इस बार उनका अभिनय काम नहीं आया.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है. बदमाश साधु बनकर सड़कों पर निकलते थे. ये फिल्मी अंदाज में कारों के सामने आकर उन्हें रोकते, फिर ड्राइवर से कहते कि अगर आगे बढ़े तो भस्म कर दूंगा. इसी बहाने श्रद्धालुओं से लूटपाट कर डालते. बीते दो दिनों में इन आरोपियों ने उज्जैन… pic.twitter.com/q4zjnDcnjt
— India Awakened (@IndiaAwakened_) November 13, 2025
उज्जैन गैंग की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान कई अहम बातें सामने आईं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
- उज्जैन गैंग पिछले तीन महीनों से इसी अंदाज में लूटपाट कर रहा था
- ये लोग पहले श्रद्धालुओं की कारों पर नजर रखते
- जहां गाड़ियां धीरे चलती, वहां अचानक सामने कूद जाते
- अभिनय ऐसा करते कि पीड़ित भ्रमित हो जाए
- डर का फायदा उठाकर नकदी, गहने, मोबाइल छीन लेते
आरोपियों ने बताया कि उनका प्लान था कि अधिक भीड़ वाले त्योहारों में भी इसी तरह श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जाए.
हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उज्जैन गैंग की योजना को आगे बढ़ने नहीं दिया.
उज्जैन गैंग का क्राइम पैटर्न: डर बनाम विश्वास
यह मामला सिर्फ अपराध का नहीं बल्कि लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाने की कोशिश भी है.
उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में साधु को देखकर लोग स्वभाविक रूप से सम्मान और विश्वास दिखाते हैं. यही विश्वास उज्जैन गैंग के लिए ‘अपराध करने का आसान रास्ता’ बन गया.
गिरोह के तरीके बेहद फिल्मी थे:
1. साधु बनना
नकली दाढ़ी, माला, गेरुआ वस्त्र और हाथ में कमंडल लेकर घूमते थे.
2. अचानक प्रकट होना
कार के सामने कूदना और ड्राइवर को चौंका देना.
3. श्राप देने की धमकी
“तुम्हें भस्म कर दूंगा”, “आगे बढ़े तो विनाश हो जाएगा” जैसे संवाद.
4. श्रद्धालुओं की कमजोरी
धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर आसानी से लूट को अंजाम देना.
इन चारों तकनीकों का इस्तेमाल कर उज्जैन गैंग ने कई लोगों को निशाना बनाया.
शहर में डर और आस्था पर असर
इस गिरोह के पकड़े जाने से पहले शहर में काफी भय का माहौल बन गया था. श्रद्धालु यह समझ नहीं पा रहे थे कि सड़क पर दिखने वाला साधु असली है या नकली.
कई लोगों ने पुलिस को बताया कि वे ऐसे साधुओं को देखकर रुकने में भी डरने लगे थे.
पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब शहर के कई धार्मिक मार्गों पर विशेष टीम तैनात की जाएगी ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
उज्जैन गैंग के पकड़े जाने के बाद भी पूछताछ जारी
गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है.
लेकिन पुलिस को शक है कि उज्जैन गैंग में और भी लोग शामिल हो सकते हैं. कुछ सदस्यों की तलाश जारी है.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल तो नहीं रहा.
उज्जैन गैंग की गिरफ्तारी ने कई श्रद्धालुओं को बचाया
साधु बनकर अपराध करना नया नहीं है, लेकिन जिस तरीके से उज्जैन गैंग ने डर और आस्था का मिश्रण बनाकर अपराध किया, वह वाकई चिंताजनक है.
पुलिस की सतर्कता से यह गिरोह पकड़ा गया, वरना आने वाले दिनों में कई और श्रद्धालु इसका शिकार बन सकते थे.
उज्जैन गैंग का भंडाफोड़ न केवल पुलिस की सफलता है बल्कि लोगों के विश्वास को भी मजबूत करता है कि अपराध का चेहरा चाहे जैसा भी हो, कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं.