हाइलाइट्स
- सेक्रल डिंपल के मामले में डॉक्टर इमरान पटेल ने दी अहम जानकारी
- 6 महीने के बच्चे की पॉटी वाली जगह पर मिला अतिरिक्त छेद
- मां घबरा गईं, लेकिन डॉक्टर ने बताया ये हर बार खतरनाक नहीं
- जानें कब सेक्रल डिंपल गंभीर हो सकता है
- MRI से पता लगाया जा सकता है बच्चे की रीढ़ की हड्डी की स्थिति
सेक्रल डिंपल क्या है और क्यों बनता है?
बचपन में कई बार ऐसी स्थितियाँ दिख जाती हैं, जो माता-पिता को डरा देती हैं। सेक्रल डिंपल भी उन्हीं में से एक है। डॉक्टर इमरान पटेल के मुताबिक, हाल ही में उनके पास एक मां अपने छह महीने के बच्चे को लेकर आईं। बच्चे की पॉटी वाली जगह पर एक छोटा सा छेद दिखाई दे रहा था, जिसे देखकर वह घबरा गईं।
डॉक्टर ने जांच की तो पाया कि यह छेद त्वचा के ठीक नीचे तक जा रहा है और अंदर की त्वचा नजर नहीं आ रही थी। इसे ही सेक्रल डिंपल या सेक्रल पिट कहा जाता है। यह जन्म के समय से मौजूद होता है और ज्यादातर मामलों में यह हानिरहित होता है।
डॉक्टर इमरान पटेल का कहना है
डॉक्टर पटेल बताते हैं कि सेक्रल डिंपल आमतौर पर बच्चे की पीठ के निचले हिस्से में, यानी रीढ़ की हड्डी के पास होता है। यह एक तरह की जन्मजात संरचना है, जो कभी-कभी सिर्फ त्वचा की सतह तक सीमित रहती है।
उन्होंने कहा, “अगर छेद के अंदर की त्वचा साफ दिखाई दे रही है, कोई डिस्चार्ज नहीं है और बच्चा सामान्य व्यवहार कर रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर छेद गहरा है, वहां से तरल पदार्थ निकल रहा है या बच्चा यूरिन और पॉटी पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।”
कब बढ़ सकता है खतरा?
सेक्रल डिंपल के ज्यादातर मामले सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह रीढ़ की हड्डी से जुड़ी किसी बड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। डॉक्टर इमरान पटेल के अनुसार, अगर छेद के आसपास बालों का गुच्छा, सूजन, या त्वचा का रंग बदलना दिखे, तो यह स्पाइनल डिफेक्ट या टेदर्ड कॉर्ड सिंड्रोम का संकेत हो सकता है।
ऐसे मामलों में डॉक्टर आमतौर पर MRI स्कैन की सलाह देते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि बच्चे की स्पाइनल कॉर्ड में कोई असामान्यता तो नहीं है।
माता-पिता को क्या करना चाहिए
डॉक्टर पटेल कहते हैं, “माता-पिता को सबसे पहले बच्चे की पूरी बॉडी चेक करनी चाहिए। अगर सेक्रल डिंपल दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें, लेकिन घबराएं भी नहीं। पहले यह देखें कि वहां से कोई तरल पदार्थ तो नहीं निकल रहा, त्वचा लाल या सूजी हुई तो नहीं, और बच्चा अपने हाथ-पैर सामान्य तरीके से चला पा रहा है या नहीं।”
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो बच्चे को तुरंत किसी बाल रोग विशेषज्ञ या न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए।
सेक्रल डिंपल के कारण
सेक्रल डिंपल का सटीक कारण अभी पूरी तरह ज्ञात नहीं है, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि यह भ्रूण के विकास के दौरान रीढ़ की हड्डी के बनते समय छोटे दोष के कारण हो सकता है। कुछ शोध बताते हैं कि गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में भ्रूण के न्यूरल ट्यूब के पूरी तरह से बंद न होने पर यह स्थिति विकसित हो सकती है।
अधिकतर मामलों में यह बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, लेकिन नियमित मॉनिटरिंग जरूरी होती है।
इलाज की जरूरत कब होती है?
हर सेक्रल डिंपल का इलाज जरूरी नहीं होता। अगर छेद छोटा है और कोई लक्षण नहीं हैं, तो डॉक्टर केवल निगरानी की सलाह देते हैं। लेकिन अगर MRI या जांच में स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो सर्जिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
सर्जरी का उद्देश्य रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम करना और भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को रोकना होता है।
डॉक्टर इमरान पटेल की सलाह
डॉक्टर पटेल कहते हैं, “हर माता-पिता को यह समझना चाहिए कि सेक्रल डिंपल हर बार गंभीर नहीं होता। लेकिन सावधानी जरूरी है। अगर बच्चा बड़ा होने पर भी यूरिन या पॉटी पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा या पैर कमजोर लगते हैं, तो यह स्पाइनल इश्यू का संकेत हो सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में ऐसी कंडीशन को लेकर शर्म या डर महसूस नहीं करना चाहिए, बल्कि जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
भारत में ऐसे मामलों की स्थिति
भारत में सेक्रल डिंपल के मामले धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं, खासकर सोशल मीडिया के जरिए। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति पहले भी थी, लेकिन जानकारी की कमी के कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते थे। अब कई पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर सतर्क हैं और समय पर डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं।
अगर आपके बच्चे की पीठ के निचले हिस्से में कोई छेद या गड्ढा नजर आता है, तो सबसे पहले किसी विशेषज्ञ को दिखाएं। ज्यादातर मामलों में सेक्रल डिंपल हानिरहित होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह रीढ़ की हड्डी की गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह आपके बच्चे को किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।