हाइलाइट्स
- इंदौर ड्रग्स कनेक्शन मामले में कोच मोहसिन पर गंभीर आपराधिक आरोप
- पुलिस ने मोबाइल से बरामद किए कई आपत्तिजनक वीडियो, जांच जारी
- नाबालिगों को नशे की लत में फंसाने के आरोप, टीम कर रही डिजिटल फॉरेंसिक
- शूटिंग एकेडमी की भूमिका और स्टाफ की पृष्ठभूमि की भी छानबीन
- महिलाओं की सुरक्षा को लेकर खेल संस्थानों में निगरानी बढ़ाने की मांग तेज
इंदौर इन दिनों एक ऐसे मामले को लेकर सुर्खियों में है, जिसने खेल संस्थानों की सुरक्षा और निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर ड्रग्स कनेक्शन से जुड़ी जांच में शहर की एक शूटिंग एकेडमी के कोच मोहसिन को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने बताया कि उनके मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो और चैट्स बरामद किए गए हैं, जिनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है।
कैसे खुला इंदौर ड्रग्स कनेक्शन का यह मामला
इंदौर ड्रग्स कनेक्शन की जांच तब शुरू हुई जब पुलिस ने हाल ही में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इसी दौरान कुछ युवतियों से पूछताछ में शूटिंग कोच मोहसिन का नाम सामने आया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कोच मोहसिन उन्हें नशे की ओर धकेलता था, जिससे वे उसके दबाव में आ जाएं। इस आधार पर जब पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त किया, तो कई संदिग्ध सामग्री सामने आई।
मोबाइल डेटा में क्या मिला
पुलिस सूत्रों का दावा है कि मोबाइल में 100 से अधिक लड़कियों से संबंधित वीडियो और फोटो मिले हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी फाइलों की सत्यता और समय अवधि की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी।
इंदौर ड्रग्स कनेक्शन में मिले डिजिटल सबूत इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक निष्कर्ष
- कुछ वीडियो पीड़ितों के कथनों से मेल खाते हैं
- चैट्स में संदिग्ध बातचीत मिली
- नशे की सप्लाई और युवतियों से जुड़ी कई कड़ियां सामने आईं
- वीडियो के स्रोत और निर्माण की जांच जारी है
- पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए टीम गठित
शूटिंग एकेडमी पर भी उठे सवाल
इंदौर ड्रग्स कनेक्शन और कोच पर लगे आरोपों के बाद शूटिंग एकेडमी की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या संस्था में किसी और को जानकारी थी, या यह पूरा काम अकेले किया गया था।
सुरक्षा मानकों पर हो रही समीक्षा
- एकेडमी में CCTV कवरेज की स्थिति
- स्टाफ की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन
- महिला खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल
- बच्चों के साथ होने वाली ट्रैवलिंग और ट्रेनिंग की निगरानी
- कोचिंग लाइसेंस और संस्था की अनुमतियां
नाबालिगों में नशे की लत के आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कोच युवतियों को नशे में धकेलता था, जिससे वे उसके नियंत्रण में रहें। यह दावा भी इंदौर ड्रग्स कनेक्शन की मुख्य कड़ी बन गया है। पुलिस ने कहा कि इस तरह के आरोप बेहद संवेदनशील हैं और इन्हें पूरी सावधानी से जांचा जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
साइकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि नाबालिगों को नशे की ओर धकेलना उन्हें मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। यह अपराध और भी गंभीर माना जाता है।
📍इंदौर
इसका ड्रग्स कनेक्शन भी था । ये बच्चियों में नशे की आदत डालकर कोई भी गलत काम करवा लेते थे ।
मोहसिन तो जन्मजात रे*पिस्ट ही था
शूटिंग अकेडमी क़े कोच मोहसिन क़े मोबाइल में 100 से ज़्यादा हिन्दू लड़कियों क़े साथ गुच्ची पुच्ची क़े वीडियो फोटो मिले थे ।
जहां मुस्लिम कोच है… pic.twitter.com/bNlMKYC8rN
— BhagwaLens (@BhagwaLens) November 13, 2025
समुदायों के बीच गलतफहमियों से बचने की अपील
सोशल मीडिया पर इस केस को लेकर कुछ लोगों ने धार्मिक कोण देने की कोशिश की, जिस पर पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि इंदौर ड्रग्स कनेक्शन की जांच पूरी तरह तथ्यों, सबूतों और कानूनी आधार पर की जा रही है। किसी भी गलत सूचना या भड़काऊ टिप्पणी फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन का बयान
- जांच केवल अपराध पर केंद्रित
- किसी समुदाय को निशाना बनाने जैसी बात गलत
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
- पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक न करने की अपील
- कानून अपना काम करेगा
पीड़ितों के बयान महत्वपूर्ण
पीड़ितों ने जो बयान दिए हैं, वे इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे। उनके कथनों के आधार पर पुलिस नशे की आपूर्ति से जुड़े लोगों और इंदौर ड्रग्स कनेक्शन की बाकी कड़ियों की तलाश में जुट गई है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ी बहस
- खेल संस्थानों में निगरानी बढ़ाने की मांग
- कोच भर्ती प्रक्रिया में सख्ती की जरूरत
- महिला खिलाड़ियों के लिए हेल्पलाइन सिस्टम
- ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा ऑडिट का प्रस्ताव
इंदौर ड्रग्स कनेक्शन की जांच अभी शुरुआती चरण में है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पीड़ितों के बयान, डिजिटल सामग्री और नेटवर्क की कड़ियों से ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी। पुलिस कह रही है कि अगर बड़े गैंग या सप्लायर जुड़े पाए गए, तो कार्रवाई और व्यापक होगी।
इंदौर ड्रग्स कनेक्शन से जुड़ा यह मामला केवल एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोप नहीं है, बल्कि यह खेल संस्थानों में सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, नशे के नेटवर्क और डिजिटल अपराधों पर गहरी बहस भी खड़ी करता है।
जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि मामले में जो भी दोषी होगा, वह कानून से नहीं बच पाएगा