BREAKING NEWS: दिल्ली लाल किला धमाके से जुड़ा बड़ा खुलासा, डॉ. तजमुल अहमद मलिक गिरफ्तार

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हाइलाइट्स

  • डॉ. तजमुल अहमद मलिक को दिल्ली लाल किला धमाके के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • श्रीनगर के SMHS हॉस्पिटल में कार्यरत हैं आरोपी डॉक्टर
  • जांच एजेंसियों का दावा—धमाके से पहले कई बार की थी रेकी (recce)
  • सुरक्षाबलों को मिला कई डिजिटल सबूत और मोबाइल डेटा रिकॉर्ड
  • पुलिस कर रही है आतंकवादी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच

दिल्ली लाल किला धमाके की जांच में बड़ा मोड़

दिल्ली के लाल किला धमाके के मामले में जांच कर रही टीम को एक बड़ा सुराग मिला है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से डॉ. तजमुल अहमद मलिक को गिरफ्तार किया गया है। वे पेशे से डॉक्टर हैं और श्रीनगर के SMHS हॉस्पिटल में कार्यरत थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, डॉ. मलिक पर आरोप है कि उन्होंने धमाके से पहले दिल्ली में कई बार रेकी की थी और संदिग्ध व्यक्तियों से संपर्क बनाए रखा था।

इस गिरफ्तारी के बाद पूरे देश की खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. तजमुल अहमद मलिक पिछले कुछ महीनों से दिल्ली और श्रीनगर के बीच लगातार आ-जा रहे थे।

पुलिस सूत्रों का दावा: “कई बार किया था स्थल निरीक्षण”

जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि डॉ. तजमुल अहमद मलिक ने धमाके की जगह यानी लाल किले के आसपास पिछले दो महीनों में चार बार दौरा किया था। CCTV फुटेज में उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह दौरे सामान्य नहीं थे, बल्कि रेकी के उद्देश्य से किए गए थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “डॉ. मलिक की गतिविधियाँ संदिग्ध थीं। वह मेडिकल कॉन्फ्रेंस का बहाना बनाकर दिल्ली आते थे, लेकिन उनके मोबाइल लोकेशन डेटा से पता चला कि वह धमाके की जगहों के पास कई बार गए।”

श्रीनगर के SMHS हॉस्पिटल में मचा हड़कंप

SMHS हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ इस गिरफ्तारी से हैरान हैं। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि डॉ. तजमुल अहमद मलिक अपने काम में निपुण थे और कभी किसी विवाद में नहीं रहे। उन्होंने कहा, “हमें यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा कोई व्यक्ति इतनी बड़ी साजिश में शामिल हो सकता है।”

हालांकि, पुलिस का कहना है कि मेडिकल प्रोफेशन का मुखौटा बनाकर वह लंबे समय से कुछ कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे।

डिजिटल फॉरेंसिक टीम की जांच

पुलिस ने डॉ. तजमुल अहमद मलिक के घर और हॉस्पिटल के कमरे से कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, और कुछ एन्क्रिप्टेड पेन ड्राइव शामिल हैं। फॉरेंसिक टीम इन उपकरणों का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसमें धमाके की कोई रूपरेखा या नेटवर्क का पता मिलता है।

सूत्रों के मुताबिक, डॉ. तजमुल अहमद मलिक के कुछ चैट रिकॉर्ड में ऐसे संदेश मिले हैं जिनसे शक होता है कि वे किसी बाहरी हैंडलर के संपर्क में थे।

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट

खुफिया एजेंसियों ने यह जानकारी दी है कि डॉ. तजमुल अहमद मलिक के संपर्क कुछ ऐसे व्यक्तियों से थे जो पहले भी देश के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में हुए लाल किला धमाके से पहले कई बार वहां के गार्ड्स की मूवमेंट और सुरक्षा लेयर की जानकारी जुटाई थी।

एजेंसियों ने बताया कि फिलहाल उनकी भूमिका “लॉजिस्टिक सपोर्ट” देने की मानी जा रही है, लेकिन आगे की जांच में उनके प्रत्यक्ष संबंधों का भी खुलासा हो सकता है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल की संयुक्त कार्रवाई

डॉ. तजमुल अहमद मलिक की गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के संयुक्त ऑपरेशन में हुई। यह कार्रवाई देर रात श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में की गई। गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की मुठभेड़ नहीं हुई, लेकिन सुरक्षाबलों ने पूरा क्षेत्र घेर लिया था।

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली धमाके की जांच एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

परिजनों का बयान: “झूठे आरोप लग रहे हैं”

डॉ. तजमुल अहमद मलिक के परिजनों ने मीडिया से कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। परिवार का कहना है कि डॉ. मलिक हमेशा से एक जिम्मेदार डॉक्टर रहे हैं और उन्होंने कभी किसी अवैध गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया।

उनकी पत्नी ने कहा, “वह हर दिन अस्पताल में मरीजों की सेवा करते हैं। उन्हें फंसाया जा रहा है। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो।”

सोशल मीडिया पर बहस

इस गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग पुलिस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ इसे जल्दबाजी में की गई कार्रवाई बता रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर “#DrTajamulAhmedMalik” ट्रेंड कर रहा है।

कई लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर डॉ. तजमुल अहमद मलिक वाकई दोषी हैं, तो इतने समय तक वह कैसे बिना किसी शक के अस्पताल में काम करते रहे।

विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठन अब पेशेवर और शिक्षित लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन पर संदेह न हो।

पूर्व आईबी अधिकारी आर.के. सिंह ने कहा, “डॉ. तजमुल अहमद मलिक जैसा व्यक्ति अगर साजिश में शामिल पाया जाता है, तो यह हमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती होगी। आतंकी नेटवर्क अब तकनीकी रूप से अधिक उन्नत हो चुके हैं।”

आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारी

पुलिस अब डॉ. तजमुल अहमद मलिक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके संपर्क में और लोग भी हैं। एजेंसियां दिल्ली और श्रीनगर दोनों जगहों पर रेड कर रही हैं।

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

डॉ. तजमुल अहमद मलिक की गिरफ्तारी ने दिल्ली लाल किला धमाके की जांच को एक नई दिशा दे दी है। यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि इस बात का भी संकेत देती है कि आतंकवाद का चेहरा अब कितना बदल चुका है।

देशभर की एजेंसियाँ इस केस पर नज़र रखे हुए हैं और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश होगा।

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