एक कमरे का राज और 2540 किलो का रहस्य: इमाम की गिरफ्तारी की असली कहानी

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हाइलाइट्स

  • इमाम की गिरफ्तारी के बाद पत्नी हसीना ने पहली बार कैमरे पर बयान दिया
  • फतेहपुर तगा के घर से 2540 किलो विस्फोटक मिलने के बाद सवाल और गहरे
  • संदिग्ध डॉक्टर मुजम्मिल और उमर नबी से इमाम की जान-पहचान की पुष्टि
  • यूनिवर्सिटी की जमीनों की सरकारी पैमाइश शुरू, कई विभाग सक्रिय
  • कैंपस में छात्रों की संख्या घटी, सुरक्षा एजेंसियों की आवक-जावक बढ़ी

 इमाम की गिरफ्तारी के बाद सामने आई पत्नी हसीना की पहली प्रतिक्रिया

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की इमाम की गिरफ्तारी के बाद कई परतें खुल रही हैं। दिल्ली बम ब्लास्ट से जुड़े सुराग मिलने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। इस पूरी घटना के बाद पहली बार इमाम की पत्नी हसीना सामने आईं। उन्होंने अपने पति के समर्थन में खड़े होते हुए दावा किया कि “इश्तियाक निर्दोष है और उसे फंसाया गया है।”

हसीना ने बताया कि उनके पति बीते 20 साल से यूनिवर्सिटी की मस्जिद में नमाज अदा करा रहे थे। वह नूंह के सिंगार गांव के रहने वाले हैं और यूनिवर्सिटी से 10 हजार रुपये मासिक वेतन पाते थे। उनका दावा था कि इमाम की गिरफ्तारी से पूरा परिवार सदमे में है, खासकर उनके चार बच्चे।

 संदिग्ध डॉक्टर मुजम्मिल से मुलाकात कैसे हुई?

 मस्जिद में पहचान से दूध खरीदने तक की कहानी

हसीना ने सबसे बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनके पति की डॉक्टर मुजम्मिल से पहचान मस्जिद में हुई थी। धीरे-धीरे वह उनके घर से दूध भी लेने लगा। यही पहचान आगे बढ़ी और फिर उसने कमरे की तलाश के बहाने इमाम से संपर्क किया।

 किराए पर लिया कमरा और ‘सामान रखने’ की बात

करीब 5 महीने पहले मुजम्मिल ने फतेहपुर तगा वाले घर में एक कमरा किराए पर लिया। हसीना के मुताबिक कमरे का किराया 1500 रुपये बताया गया था। वह कमरे में क्या रखता था, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी।
इसी कमरे से पुलिस ने 2540 किलो विस्फोटक बरामद किया।

इमाम की गिरफ्तारी की सबसे बड़ी वजह यही बरामदगी मानी जा रही है।

 धौज गांव के कमरे से भी मिला विस्फोटक

धौज गांव में भी एक दूसरा कमरा डॉक्टर मुजम्मिल के नाम पर किराए पर लिया गया था। यहां से लगभग 360 किलो विस्फोटक मिला। इस कमरे का किराया 2400 रुपये मासिक बताया गया है। पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से सक्रिय था, जिसमें मुजम्मिल और उमर नबी मुख्य भूमिका में थे।

 इमाम की गिरफ्तारी के बीच हसीना का दावा — “हम दूध सप्लाई करते थे, बाकी कुछ नहीं जानते”

हसीना के अनुसार घर से रोज 5-6 किलो दूध यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को सप्लाई किया जाता था। डॉक्टर मुजम्मिल भी इन्हीं में शामिल था।
उन्होंने कहा कि लगभग 20 दिनों से मुजम्मिल दूध लेने नहीं आ रहा था और बाद में पता चला कि वह छुट्टी लेकर पुलवामा गया था।

हसीना ने यह भी बताया कि उनके पति सुबह खेत गए हुए थे जब पुलिस उनके घर पहुंची। इसके बाद पूरे गांव में इमाम की गिरफ्तारी की खबर तेजी से फैल गई।

 इमाम की गिरफ्तारी के बाद जमीनों की जांच शुरू

 यूनिवर्सिटी की 73 एकड़ जमीन की पैमाइश

कथित मॉड्यूल में यूनिवर्सिटी की जमीनों का इस्तेमाल कैसे हुआ, इस सवाल के बीच जिला प्रशासन ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जमीनों की पैमाइश शुरू कर दी है।
रेवेन्यू विभाग और डीटीपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

 जांच अधिकारियों की लगातार आवाजाही

कैंपस में कई विभागों की टीमें पहुंच रही हैं। छात्रों की संख्या भी कम हो गई है क्योंकि कई माता-पिता बच्चों को खुद लेकर गए।

इमाम की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े सभी किरायेदारी रिकॉर्ड, पहचान पत्र, ट्रैवल हिस्ट्री और लेन-देन की जांच कर रही हैं।

 डॉक्टर उमर नबी और दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन

डॉ. उमर नबी, जिसने दिल्ली में कार विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया था, अल फलाह यूनिवर्सिटी में 7 मई 2024 को शामिल हुआ था।
वह भी मस्जिद में नमाज अदा करता था और 30 अक्टूबर से गायब था।
एजेंसियों को शक है कि मुजम्मिल और उमर नबी के बीच कड़ी मजबूत थी और इमाम की गिरफ्तारी इसी संदिग्ध नेटवर्क की कड़ी समझकर की गई।

 डॉक्टर शाहीन के वीजा आवेदन पर नए सवाल

इसी जांच के दौरान डॉक्टर शाहीन की एक फोटो वायरल हुई। बताया गया कि वह दुबई जाने की तैयारी कर रही थी और वीजा के लिए पुलिस से वेरिफिकेशन करवाया था।
एजेंसियों को शक है कि यह वीजा आवेदन भी किसी योजना का हिस्सा हो सकता है।

इमाम की गिरफ्तारी के बाद यह भी संभावना जताई जा रही है कि धमाकों के बाद कुछ लोग देश छोड़ने की तैयारी में थे।

 गांव और यूनिवर्सिटी में दहशत का माहौल

 माता-पिता बच्चों को घर ले गए

कैंपस में जांच एजेंसियों की लगातार मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण है।
वीकेंड पर ज्यादातर छात्र घर जाते हैं, लेकिन इस बार संख्या असामान्य रूप से ज्यादा रही।

 गांव में चर्चाओं का दौर

फतेहपुर तगा और आसपास के गांवों में इमाम की गिरफ्तारी सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
कुछ लोग इश्तियाक को निर्दोष मान रहे हैं, तो कुछ लोग कहना चाहते हैं कि किरायेदारों की जांच हमेशा होनी चाहिए।

‘इमाम की गिरफ्तारी’ पर हसीना का आखिरी बयान – “हमारा जीवन उजड़ गया”

हसीना का कहना है कि इमाम की गिरफ्तारी ने परिवार को तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि वह अब भी मानती हैं कि उनके पति किसी गलत काम में शामिल नहीं थे।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील की है।

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